Rajasthan: राहुल की यात्रा से पहले भाजपा 'आक्रोश रैली' के जरिए टटोलेगी लोगों का मन, तैयार कर रही खास रथ
Rajasthan: अमर उजाला से चर्चा में भाजपा नेता वासुदेव देवनानी कहते हैं कि राजस्थान की जनता परेशान है। लेकिन अशोक गहलोत की सरकार अपनी कुर्सी बचाने में लगी है। राजस्थान में भाजपा बिगड़ती कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, सड़क, पानी और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार जैसे मुद्दों पर भाजपा सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में आक्रोश रैलियां निकालेगी...
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा महाराष्ट्र के बाद मध्यप्रदेश के रास्ते दिसंबर में राजस्थान में प्रवेश करेगी। राहुल की यात्रा के जवाब में भारतीय जनता पार्टी भी पूरे प्रदेश में रथ यात्रा निकालने जा रही है। भाजपा की यह यात्रा 17 नवंबर से 17 दिसंबर के बीच निकाली जाएगी। भाजपा की रैली का यह वह समय होगा, जब राहुल झालावाड़ से प्रवेश कर सवाई माधोपुर, दौसा, अलवर होते हुए हरियाणा की तरफ कूच करेंगे। दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी इस दौरान अपनी सरकार के चार साल पूरे होने का जश्न भी मनाएगी।
200 विधानसभा क्षेत्रों में आक्रोश रैलियां
अमर उजाला से चर्चा में भाजपा नेता वासुदेव देवनानी कहते हैं कि राजस्थान की जनता परेशान है। लेकिन अशोक गहलोत की सरकार अपनी कुर्सी बचाने में लगी है। राजस्थान में भाजपा बिगड़ती कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, सड़क, पानी और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार जैसे मुद्दों पर भाजपा सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में आक्रोश रैलियां निकालेगी। इसके लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए रथ बनाए जा रहे हैं, जिनमें होर्डिंग और पोस्टर लगे होंगे। प्रत्येक रथ 7 से 15 दिनों तक एक निर्वाचन क्षेत्र में घूमेगा। यह यात्रा सभी 1100 मंडलों और 52 हजार मतदान बूथों को कवर करेगी। हर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के जिलाध्यक्ष, वर्तमान विधायक, पूर्व भाजपा प्रत्याशी, पदाधिकारी, विभिन्न मोर्चों के सदस्य आदि शामिल होंगे।
राजस्थान भाजपा से जुड़े सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि पार्टी चुनावी साल में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। इसलिए हर मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। भाजपा इन रथ यात्राओं से जनता के बीच न केवल अपना प्रचार करेगी, बल्कि जनता की नब्ज भी टटोलेगी। जो कार्यकर्ता या नेता रथ यात्रा में बेहतर काम करेंगे, उनकी क्षेत्र में टिकट की दावेदारी भी मजबूत मानी जाएगी। इस दौरान पार्टी क्षेत्र में माहौल, समीकरण, मुद्दों, संभावित प्रत्याशी की छवि आदि की जानकारी भी लेगी। इससे पार्टी को एक वर्ष बाद टिकट बंटवारे का होमवर्क अभी से तैयार मिलेगा। जो लोग पार्टी के रथ यात्रा कार्यक्रम से अलग-थलग रहेंगे, गुटबाजी में शामिल होंगे या अपना कार्य प्रदर्शन कमजोर रखेंगे, उनकी भूमिका के बारे में पार्टी कुछ और विचार भी कर सकती है।
विशेष तौर पर तैयार होंगे रथ
भाजपा ने इस रथ यात्रा के लिए वातानुकूलित बसों को रथ के रूप में तैयार किया जाएगा। इनमें करीब 10 लोगों के बैठने, माइक, सजावट की व्यवस्था भी रहेगी। सभी रथों पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीरों, केंद्र सरकार की योजनाओं और भाजपा की नीतियों के पोस्टर चस्पा होंगे। यह रथ बहुत से स्थानों पर रथ रुकेंगे, वहां छोटी-छोटी सभाएं भी होंगी। एक तय रूट चार्ट भी बनाया जा रहा है। सभाओं में लोगों को प्रदेश की कांग्रेस सरकार की विफलताओं, बिगड़ती कानून व्यवस्था और बेरोजगारी के बारे में बताया जाएगा।
आमेर (जयपुर) में विधायक स्वयं पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया हैं। वे आमेर की रथ यात्रा में शामिल होंगे। प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी वे जाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे झालरापाटन (झालावाड़) में रथ यात्रा में शामिल होंगी। उन्हें भी अन्य क्षेत्रों में भी शामिल होना है। बहुत से विधायक उन्हें अपने क्षेत्र में बुलाना चाहते हैं। इनके अतिरिक्त विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित पार्टी के सभी सांसद और चारों केंद्रीय मंत्री भी अपने-अपने क्षेत्रों में रथ यात्रा में शिरकत करेंगे। कोई भी विधायक, पूर्व प्रत्याशी या जिलाध्यक्ष किसी क्षेत्र विशेष में अगर किसी भी वरिष्ठ राजनेता को रथ यात्रा में बुलाना चाहेगा, तो बुला सकेगा।