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Railways: अब नहीं रुकेगी वंदे भारत ट्रेन, जानवरों से टकराव रोकने के लिए रेलवे ने बनाया ये बड़ा प्लान
Thu, 02 Apr 2026 08:02 PM IST
Rahul Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Rahul Kumar
Updated Thu, 02 Apr 2026 08:02 PM IST
सार
भारतीय रेलवे का लक्ष्य है कि सभी महत्वपूर्ण और हाई-स्पीड रूट्स को जल्द फेंसिंग से सुरक्षित किया जाए, ताकि जानवरों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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वंदे भारत एक्सप्रेस
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
देश की हाईटेक ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस के जानवरों से टकराने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में ट्रेन का अगला हिस्सा (नोज) भी क्षतिग्रस्त हो जाता है। इस समस्या को देखते हुए भारतीय रेलवे ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। देशभर में अब तक 16,398 किलोमीटर रेलवे ट्रैक के किनारे फेंसिंग लगाई जा चुकी है। इससे मवेशियों और जानवरों का ट्रैक पर आना रोका जा सकेगा और संचालन सुरक्षित होगा।
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रेल मंत्रालय के मुताबिक, जिन ट्रैकों पर ट्रेन 110 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से चलती हैं, वहां यह फेंसिंग लगाई गई है। इससे जानवरों से टकराने का खतरा कम होगा। हादसों की संभावना भी घटेगी। जिन ट्रैकों पर ट्रेन 110 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से चलती हैं, वहां यह फेंसिंग लगाई गई है।
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सबसे ज्यादा फेंसिंग जिन जोनों में लगाई गई है। इनमें उत्तर मध्य रेलवे में 2,721 किमी, दक्षिण मध्य रेलवे में 2,326 किमी और पश्चिमी रेलवे में 2,257 किमी फेंसिंग लगाई जा चुकी है। इन तीन जोनों में सबसे ज्यादा काम हुआ है। इसके अलावा उत्तर पश्चिम रेलवे में 1,539 किमी और पश्चिम मध्य रेलवे में 1,415 किमी फेंसिंग लगाई गई है। खास तौर पर लोनावला–पुणे–दौंड मार्ग पर सुरक्षा फेंसिंग का काम तेजी से किया जा रहा है। इस 290 किमी लंबे रूट पर 209.38 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत फेंसिंग के साथ पैदल यात्री सबवे भी बनाए जा रहे हैं। अब तक इस मार्ग पर 150 किमी फेंसिंग का काम पूरा हो चुका है।
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रेलवे के अनुसार, फेंसिंग लगने से मवेशी और जंगली जानवर ट्रैक पर नहीं आ पाएंगे। इससे स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग की सुविधा भी मिलेगी। इससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने और समय पर संचालन में सुधार करने में मदद मिलेगी। भारतीय रेलवे का लक्ष्य है कि सभी महत्वपूर्ण और हाई-स्पीड रूट्स को जल्द फेंसिंग से सुरक्षित किया जाए, ताकि जानवरों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।