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रेलवे उचित तरीके से तय करे यात्री किराया और ढुलाई भाड़ा : संसदीय समिति
Sat, 06 Feb 2021 03:48 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 06 Feb 2021 03:48 AM IST
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भारतीय रेलवे
- फोटो : twitter@RailMinIndia
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एक संसदीय समिति ने भारतीय रेलवे की यात्री सेवाओं को हो रहे नुकसान पर चिंता जताई है। समिति ने खासतौर पर सामाजिक दायित्वों को पूरा करने के लिए हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया है। साथ ही रेलवे को सुझाव दिया है कि उसे यात्री किराये और ढुलाई भाड़े को विवेकपूर्ण तरीके से तय करना चाहिए।
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संसदीय स्थायी समिति (रेलवे) ने रेल मंत्रालय की 2020-2021 की अनुपूरक मांगों में कहा है कि रेलवे की सामाजिक बाध्यताओं के तत्वों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। समिति ने संसद के बजट सत्र में अपनी रिपोर्ट सौंपी है।
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समिति ने कहा, रेलवे की यात्री सेवा को उसके सामाजिक दायित्वों की वजह से हो रहे नुकसान से हम चिंतित हैं। इन दायित्वों में वास्तविक मूल्य से कम किराया होना और अन्य यात्री छूट शामिल हैं।
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समिति ने कहा, रेलवे की हालत ऐसी है कि माल भाड़े में होने वाले फायदे से यात्री सेवा और अन्य सेवाओं में हो रहे नुकसान को पूरा किया जा रहा है। इससे मालगाड़ी और सवारी सेवा दोनों को नुकसान हो रहा है। इसलिए मालगाडी और सवारी किराया, दोनों को विवेकपूर्ण तरीके से तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए।
कोरोना काल में रेल कोच को कोविड वार्ड बनाने में 39.3 करोड़ खर्च हुए
रेलवे ने कोरोना संकट में पिछले साल अप्रैल से दिसंबर तक एसी रेल कोच को कोविड वार्ड में तब्दील करने पर 39.3 करोड़ रुपये खर्च किए। राज्यसभा में एक लिखित जवाब में रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कोरोना मरीजों के उपचार के लिए 5601 कोच को कोविड आइसोलेशन वार्ड में बदला गया।