फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Railways sacked one non performer or corrupt official every three days since July 2021 Officials

Indian Railways: रेलवे ने पिछले 16 महीनों में हर तीन दिन में एक भ्रष्ट अधिकारी को हटाया, अब तक 139 पर कार्रवाई

Wed, 23 Nov 2022 11:05 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 23 Nov 2022 11:05 PM IST
सार

सूत्रों ने कहा कि दो वरिष्ठ ग्रेड वाले अधिकारियों को बुधवार को बर्खास्त किया गया। उनमें से एक को सीबीआई ने हैदराबाद में पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था जबकि दूसरा तीन रुपये की घूस लेते हुए रांची में पकड़ा गया। 

विज्ञापन
Railways sacked one non performer or corrupt official every three days since July 2021 Officials
रिश्वत। - फोटो : डेमो

विस्तार

रेलवे ने पिछले 16 महीनों में प्रत्येक तीन दिन में एक काम न करने वाले या भ्रष्ट अधिकारी को हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि 139 अधिकारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने के लिए मजबूर किया गया, जबकि 38 को सेवा से हटा दिया गया। 

विज्ञापन


सूत्रों ने कहा कि दो वरिष्ठ ग्रेड वाले अधिकारियों को बुधवार को बर्खास्त किया गया। उनमें से एक को सीबीआई ने हैदराबाद में पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था जबकि दूसरा तीन रुपये की घूस लेते हुए रांची में पकड़ा गया। 
विज्ञापन


एक अधिकारी ने बताया, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का प्रदर्शन को लेकर स्पष्ट संदेश है। जुलाई 2021 से हमने प्रत्येक तीन दिन में रेलवे के एक भ्रष्ट अधिकारी को बाहर किया है। रेलवे का कार्मिक और प्रशिक्षण सेवा नियम कहता है कि एक सरकारी कर्मचारी को कम से कम तीन महीने का नोटिस या समान अवधि के लिए भुगतान करने के बाद सेवानिवृत्त या बर्खास्त किया जा सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह कार्रवाई काम न करने वाले अधिकारियों को  बाहर निकालने के केंद्र के प्रयासों का हिस्सा है। जुलाई 2021 में रेल मंत्री के रूप में अश्विनी वैष्णव ने कार्यभार संभालने के बाद अधिकारियों को बार-बार चेतावनी दी है कि अगर वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं तो वीआरएस लें और घर बैठें। 


जिन लोगों को वीआरएस लेने के लिए मजबूर किया गया या बर्खास्त किया गया है, उनमें इलेक्ट्रिकल और सिग्नलिंग, मेडिकल और सिविल सेवाओं के अधिकारी, स्टोर, यातायात और यात्रिक विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। वीआरएस के तहत एक कर्मचारी को सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए दो महीने के वेतन के बराबर वेतन दिया जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed