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Hindi News ›   India News ›   Railways deploy close to 20,000 Fog PASS devices for smooth train run: Sources

Railways: कोहरे से निपटने में लोको पायलट की मदद कर रहे फॉग पास, ट्रेनों के सुचारू संचालन की राह हुई आसान

Tue, 26 Dec 2023 10:37 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 26 Dec 2023 10:37 PM IST
सार

Railways: कोहरे ने सुबह के वक्त दृश्यता को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि फॉग पास उपकरण ट्रेनों के सुचारू संचालन में काम आ रहे हैं।

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Railways deploy close to 20,000 Fog PASS devices for smooth train run: Sources
भारतीय रेलवे। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सर्दी के मौसम में कोहरे को मात देने के लिए करीब 19 हजार 700 जीपीएस आधारित नेविगेशन उपकरण रेलवे की मदद कर रहे हैं। इन्हें 'फॉग पास' के नाम से जाना जाता है। इनसे लोको पायलट को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कम से कम व्यवधान और देरी के साथ ट्रेनों के सुचारू संचालन में सहायता मिल रही है। रेलवे सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। 

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अधिकारियों का कहना है कि कोहरे ने सुबह के वक्त दृश्यता को प्रभावित करना शुरू कर दिया है, इसलिए ये उपकरण ट्रेनों के सुचारू संचालन में काम आ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हर साल हम अपनी खरीद बढ़ाते हैं ताकि हमारे पा जरूरत के समय इस्तेमाल करने के लिए उपकरण का पर्याप्त भंडार हो। मार्च 2021 में हमारे पास करीब 12 हजार 742 'फॉग पास' उपकरण थे। उन्होंने कहा, 'नई ट्रेनों की शुरुआत के साथ ट्रेनों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए हमने फॉग पास उपकरणों की अपनी खरीद भी बढ़ा दी है।'

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2018 में पेश किया गया 'फॉग पास' घने कोहरे की स्थिति में नेविगेट करने में मदद के लिए लोको-पायलटों को दिया जाने वाला एक हाथ से पकड़े जाने वाला पोर्टेबल उपकरण है। यह उपकरण उन्हें सिग्नल, लेवल क्रॉसिंग गेट (मानव युक्त और मानव रहित), स्थायी गति प्रतिबंध, तटस्थ अनुभाग जैसे निश्चित स्थलों के स्थानों के बारे में ऑन-बोर्ड रियल टाइम जानकारी (डिस्प्ले के साथ साथ-साथ वॉयस-गाइडेंस) देता है। 

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अधिकारियों ने बताया कि इसमें भौगोलिक क्रम में अगले तीन निश्चित स्थलों के आने के संकेत दिखाई देते हैं, साथ ही पांच सौ मीटर की दूरी पर वॉयस मैसेज भी आते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपकरण लोकोमोटिव की गति, दूरी और स्थलों तक पहुंचने के समय को भी दर्शाता है और इसे लोको पायलट ले जाते हैं। इनका इस्तेमाल भारतीय रेलवे के केवल उन जोन में किया जा रहा है, जहां ट्रेनें कोहरा प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरती हैं।
 

मुंबई: नए साल की पूर्व संध्या पर संचालित होंगी चार विशेष लोकल ट्रेनें
मध्य रेलवे नए साल की पूर्व संध्या पर यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चार विशेष उपनगरीय सेवाओं का संचालन करेगा। विस्तारित उपनगरों के लोग नए साल का जश्न मनाने के लिए दक्षिण मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया और विभिन्न समुद्र तटों जैसे प्रसिद्ध स्थानों पर जाते हैं। मध्य रेलवे की ओर मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि चार विशेष सेवाओं में से दो-दो ट्रेनें मुख्य लाइन और हार्बर लाइन पर संचालित की जाएंगी। 

इसमें कहा गया कि मुख्य लाइन पर सेवाएं दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और कल्याण स्टेशनों के बीच संचालित की जाएंगी, जबकि हार्बर लाइन पर सेवाएं सीएसएमटी और पनवेल के बीच चलेंगी। ये ट्रेनें रात 1.30 बजे रवाना होंगी और सभी स्टेशनों पर रुकेंगी। मुंबई में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मध्य रेलवे ने यात्रियों से कोविड-19 संबंधी उचित व्यवहार का पालन करने को कहा है।

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