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रेलवे वरिष्ठ नागरिकों के बाद अन्य कैटेगरी को भी किराया छूट छोड़ने का विकल्प देगा
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sun, 22 Apr 2018 07:59 AM IST
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भारतीय रेलवे
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वरिष्ठ नागरिकों की तरफ से किराया छूट छोड़ने से उत्साहित रेलवे ने ‘गिव इट अप’ योजना को अन्य कैटेगरी तक बढ़ाने की तैयारी कर ली है। रेलवे को इस योजना से सालाना करीब यात्री किराया के रूप में 33 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी की बचत हुई है।
रेलवे ने पिछले साल वरिष्ठ नागरिकों को किराये में मिलने वाली छूट का 50 फीसदी छोड़ने का प्रस्ताव रखा था। इस के तहत करीब 19 लाख से अधिक लोगों ने स्वैच्छिक रूप से छूट का फायदा नहीं लिया। इससे रेलवे को 22 जुलाई 2017 से 31 मार्च 2018 तक की अवधि में करीब 32 करोड़ रुपये की बचत हुई।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि किराया छूट छोड़ने की इस योजना को 53 कैटेगरी तक बढ़ाने जा रहा है। इसमें विकलांग, कैंसर, थैलेसिमिया, हृदय व किडनी रोगी, सैनिक की विधवा, छात्र व अन्य लोग शामिल हैं। रेलवे इस प्रक्रिया में एक वेबसाइट भी पेश करेगा। इस वेबसाइट के जरिए रियल टाइम अपडेट के रूप में यह देखा जा सकेगा कितने लोगों ने सब्सिडी छोड़ी है और रेलवे को इससे कितने रुपयों की बचत हुई है।
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रेलवे ने पिछले साल वरिष्ठ नागरिकों को किराये में मिलने वाली छूट का 50 फीसदी छोड़ने का प्रस्ताव रखा था। इस के तहत करीब 19 लाख से अधिक लोगों ने स्वैच्छिक रूप से छूट का फायदा नहीं लिया। इससे रेलवे को 22 जुलाई 2017 से 31 मार्च 2018 तक की अवधि में करीब 32 करोड़ रुपये की बचत हुई।
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रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि किराया छूट छोड़ने की इस योजना को 53 कैटेगरी तक बढ़ाने जा रहा है। इसमें विकलांग, कैंसर, थैलेसिमिया, हृदय व किडनी रोगी, सैनिक की विधवा, छात्र व अन्य लोग शामिल हैं। रेलवे इस प्रक्रिया में एक वेबसाइट भी पेश करेगा। इस वेबसाइट के जरिए रियल टाइम अपडेट के रूप में यह देखा जा सकेगा कितने लोगों ने सब्सिडी छोड़ी है और रेलवे को इससे कितने रुपयों की बचत हुई है।
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