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फैजाबाद एक्सप्रेस हादसा: हे प्रभु..! कैसे रोकेंगे रेल हादसे..?
आशीष निगम/अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Tue, 03 May 2016 01:49 AM IST
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ट्रैक से दुर्घटनाग्रस्ट ट्रेन को हटाते कर्मचारी
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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रविवार रात गढ़ मुक्तेश्वर स्टेशन के पास दिल्ली फैजाबाद एक्सप्रेस (14206) के दुर्घटनाग्रस्त होने की जांच शुरू हो गई है।
प्रथमदृष्टया गर्मी के सीजन में रेलवे ट्रैक के चटकने को इस हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है, लेकिन अभी उच्चस्तरीय जांच जारी है। अलीगढ़ का औसत तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया है तो रेल पटरी चटकने की आशंका बढ़ गई है। क्योंकि इस तापमान पर रेल पटरी के ऊपरी हिस्से का तापमान 8 से 10 डिग्री तक बढ़ कर 52 डिग्री पहुंच जाता है।
ट्रेन गुजरने पर ये तापमान 5 से 8 डिग्री तक और बढ़ कर 60 डिग्री तक हो जाता है। जिससे लोहे से बनी रेल पटरी फैल जाती है। इसी कारण से ट्रैक अचानक कहीं भी चटक सकता है। अलीगढ़ सेक्शन में (स्टार्ट प्वाइंट) 1324 किमी छर्रा अड्डा पुल से (इंड प्वाइंट) 1368 किमी खुर्जा स्टेशन तक तीनों ट्रैक पर रोजाना निरीक्षण हो रहा है।
लेकिन की मैन, ट्रैक मैन, गैंग मैन की कमी से इनकी निगरानी लगातार ठीक ढंग से नहीं हो पाती है। गुजरे दो साल में कई बार जनता ने ही ट्रैक के चटकने की सूचनाएं दी हैं। फिलहाल इस हादसे के बाद ट्रैक चटकने की घटनाओं को लेकर पूरे रेलवे में अलर्ट हो गया है।
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रेल पथ इंजीनियरों को ट्रैक मैन, की मैन और गैंग मैन की गश्त बढ़ाने, रोजाना निरीक्षण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। लेकिन लगातार कम होते जा रहे संसाधनों से मुसाफिरों को सुरक्षित सफर कैसे मिलेगा..? ये बड़ा सवाल है।
बयान-
इस गर्मी के सीजन में अभी तक कोई बड़ा फाल्ट नहीं मिला है। गर्मी में रेल पटरी फैलने और सर्दी में सिकुड़ने की वजह से ट्रैक चटकने की घटनाएं होती हैं। गर्मी की अपेक्षा सर्दी में रेलवे ट्रैक चटकने की घटनाएं ज्यादा होती है।
-बीके अग्रवाल, वरिष्ठ अभियंता निर्माण
ट्रैफिक लोड 152 फीसदी तक होने से यहां पर ट्रेनों की औसत स्पीड 70 से 80 किमी तक है। 100 किमी से ऊपर ट्रेन चलाने पर प्रतिबंध लगा है। लगातार निरीक्षण में ये स्पीड चेक होती रहती है।
-एआर खान, रिटायर स्टेशन अधीक्षक
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प्रथमदृष्टया गर्मी के सीजन में रेलवे ट्रैक के चटकने को इस हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है, लेकिन अभी उच्चस्तरीय जांच जारी है। अलीगढ़ का औसत तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया है तो रेल पटरी चटकने की आशंका बढ़ गई है। क्योंकि इस तापमान पर रेल पटरी के ऊपरी हिस्से का तापमान 8 से 10 डिग्री तक बढ़ कर 52 डिग्री पहुंच जाता है।
ट्रेन गुजरने पर ये तापमान 5 से 8 डिग्री तक और बढ़ कर 60 डिग्री तक हो जाता है। जिससे लोहे से बनी रेल पटरी फैल जाती है। इसी कारण से ट्रैक अचानक कहीं भी चटक सकता है। अलीगढ़ सेक्शन में (स्टार्ट प्वाइंट) 1324 किमी छर्रा अड्डा पुल से (इंड प्वाइंट) 1368 किमी खुर्जा स्टेशन तक तीनों ट्रैक पर रोजाना निरीक्षण हो रहा है।
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लेकिन की मैन, ट्रैक मैन, गैंग मैन की कमी से इनकी निगरानी लगातार ठीक ढंग से नहीं हो पाती है। गुजरे दो साल में कई बार जनता ने ही ट्रैक के चटकने की सूचनाएं दी हैं। फिलहाल इस हादसे के बाद ट्रैक चटकने की घटनाओं को लेकर पूरे रेलवे में अलर्ट हो गया है।
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रेल पथ इंजीनियरों को ट्रैक मैन, की मैन और गैंग मैन की गश्त बढ़ाने, रोजाना निरीक्षण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। लेकिन लगातार कम होते जा रहे संसाधनों से मुसाफिरों को सुरक्षित सफर कैसे मिलेगा..? ये बड़ा सवाल है।
बयान-
इस गर्मी के सीजन में अभी तक कोई बड़ा फाल्ट नहीं मिला है। गर्मी में रेल पटरी फैलने और सर्दी में सिकुड़ने की वजह से ट्रैक चटकने की घटनाएं होती हैं। गर्मी की अपेक्षा सर्दी में रेलवे ट्रैक चटकने की घटनाएं ज्यादा होती है।
-बीके अग्रवाल, वरिष्ठ अभियंता निर्माण
ट्रैफिक लोड 152 फीसदी तक होने से यहां पर ट्रेनों की औसत स्पीड 70 से 80 किमी तक है। 100 किमी से ऊपर ट्रेन चलाने पर प्रतिबंध लगा है। लगातार निरीक्षण में ये स्पीड चेक होती रहती है।
-एआर खान, रिटायर स्टेशन अधीक्षक
अलीगढ़ रेलवे ट्रैक का औसत तापमान 40 डिग्री
सबसे बेहतरीन ट्रैक
1-नई दिल्ली आगरा रेलवे ट्रैक
2-नई दिल्ली इलाहाबाद रेलवे ट्रैक
3-मुंबई हैदराबाद रेलवे ट्रैक
4-मुगलसराय-गया-हावड़ा ट्रैक
रेलवे ट्रैक
एक मीटर रेल का वजन 60 किलोग्राम
इसका हैड 68 सेमी और हाइट 168 सेमी
दो रेल पटरी के बीच 1676 मिमी की दूरी
दो स्लीपर में दोनों और चार चाबी लगती हैं
2700 मिमी लंबे स्लीपर का वजन 720 किलो
ट्रैक के नीचे एक फीट तक गिट्टी भरी रहती है
गिट्टी ट्रैक को सस्पेंशन देती है, जिससे वह टूटता नहीं
लचीला हुआ ट्रैक ट्रेन का वजन जमीन की ओर ले जाता है
संसाधन
40 आदमी वाले गैंग में वर्तमान में 17 आदमी की तैनाती है
अलग-अलग एडवांस मशीनों से रेल पटरी को लगातार चेक करते हैं
इसके अलावा रेल पटरी को गैंग मैन, की मैन और ट्रैक मैन चेक करते हैं
रेलवे पटरी की साइड और टॉप की नाप कर फाल्ट ढूंढा जाता है
अगर नापने वाली मशीन में गैप आ जाये तो पटरी खराब मानी जाती है
सेक्शन
अलीगढ़ सेक्शन खुर्जा से छर्रा अड्डा पुल तक है
जो 1324 किमी से 1368 किमी तक लंबा है
छर्रा अड्डा पुल से हाथरस का सेक्शन शुरू होता है
ब्रांच लाइन में 153 किमी से 165.75 किमी तक है
ये सेक्शन अलीगढ़ से हरदुआगंज यार्ड तक लगता है
हरदुआगंज यार्ड से मुरादाबाद सेक्शन लग जाता है
अवैध कब्जों से ट्रैक की सुरक्षा पर खतरा
अलीगढ़ से बरेली ब्रांच रेल लाइन पर जमालपुर के पास अवैध कब्जा एक बड़ी समस्या है। रेल पथ विभाग लगातार पुलिस के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यहां झुग्गियां बना कर लोग रह रहे हैं। जिनकी आड़ लेकर कभी भी इस रेलखंड को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। यहां रहने वाले छोटे बच्चे और महिलाएं भी कभी भी ट्रेन की चपेट में आकर हादसे का शिकार हो सकती हैं। क्या रेल प्रशासन इन झुग्गियों को अपनी जमीन से हटा पाएगा..?
1-152 फीसदी है ट्रैफिक लोड : नई दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक के गाजियाबाद-अलीगढ़-कानपुर सेक्शन में वर्तमान में 152 फीसदी का ट्रैफिक लोड है। इसी लिए इस पूरे रेलवे ट्रैक पर 60 किलो वजन (एक मीटर रेल पटरी का वजन) लगी हुई है।
2-80 से 100 की स्पीड : अलीगढ़ सेक्शन में सुपरफास्ट ट्रेनों की औसत स्पीड 80 से 90 किमी प्रति घंटा है। अधिकतम 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड से अधिक चलाने पर प्रतिबंध लगा है।
3- 60 कर्मियों की कमी : सीपडब्ल्यूएस और पीडब्यूएस 10 में 7, चपरासी कोई नहीं, हैड ट्राली मैन 5 में 4, मेट 9 में 7, कीमैन 24 में 21, ट्रैक मैन 212 में 194, गेटमैन में 69 में 65 तैनात हैं। रेल पथ विभाग में लगभग 60 कर्मचारियों की कमी है।
1-नई दिल्ली आगरा रेलवे ट्रैक
2-नई दिल्ली इलाहाबाद रेलवे ट्रैक
3-मुंबई हैदराबाद रेलवे ट्रैक
4-मुगलसराय-गया-हावड़ा ट्रैक
रेलवे ट्रैक
एक मीटर रेल का वजन 60 किलोग्राम
इसका हैड 68 सेमी और हाइट 168 सेमी
दो रेल पटरी के बीच 1676 मिमी की दूरी
दो स्लीपर में दोनों और चार चाबी लगती हैं
2700 मिमी लंबे स्लीपर का वजन 720 किलो
ट्रैक के नीचे एक फीट तक गिट्टी भरी रहती है
गिट्टी ट्रैक को सस्पेंशन देती है, जिससे वह टूटता नहीं
लचीला हुआ ट्रैक ट्रेन का वजन जमीन की ओर ले जाता है
संसाधन
40 आदमी वाले गैंग में वर्तमान में 17 आदमी की तैनाती है
अलग-अलग एडवांस मशीनों से रेल पटरी को लगातार चेक करते हैं
इसके अलावा रेल पटरी को गैंग मैन, की मैन और ट्रैक मैन चेक करते हैं
रेलवे पटरी की साइड और टॉप की नाप कर फाल्ट ढूंढा जाता है
अगर नापने वाली मशीन में गैप आ जाये तो पटरी खराब मानी जाती है
सेक्शन
अलीगढ़ सेक्शन खुर्जा से छर्रा अड्डा पुल तक है
जो 1324 किमी से 1368 किमी तक लंबा है
छर्रा अड्डा पुल से हाथरस का सेक्शन शुरू होता है
ब्रांच लाइन में 153 किमी से 165.75 किमी तक है
ये सेक्शन अलीगढ़ से हरदुआगंज यार्ड तक लगता है
हरदुआगंज यार्ड से मुरादाबाद सेक्शन लग जाता है
अवैध कब्जों से ट्रैक की सुरक्षा पर खतरा
अलीगढ़ से बरेली ब्रांच रेल लाइन पर जमालपुर के पास अवैध कब्जा एक बड़ी समस्या है। रेल पथ विभाग लगातार पुलिस के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यहां झुग्गियां बना कर लोग रह रहे हैं। जिनकी आड़ लेकर कभी भी इस रेलखंड को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। यहां रहने वाले छोटे बच्चे और महिलाएं भी कभी भी ट्रेन की चपेट में आकर हादसे का शिकार हो सकती हैं। क्या रेल प्रशासन इन झुग्गियों को अपनी जमीन से हटा पाएगा..?
1-152 फीसदी है ट्रैफिक लोड : नई दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक के गाजियाबाद-अलीगढ़-कानपुर सेक्शन में वर्तमान में 152 फीसदी का ट्रैफिक लोड है। इसी लिए इस पूरे रेलवे ट्रैक पर 60 किलो वजन (एक मीटर रेल पटरी का वजन) लगी हुई है।
2-80 से 100 की स्पीड : अलीगढ़ सेक्शन में सुपरफास्ट ट्रेनों की औसत स्पीड 80 से 90 किमी प्रति घंटा है। अधिकतम 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड से अधिक चलाने पर प्रतिबंध लगा है।
3- 60 कर्मियों की कमी : सीपडब्ल्यूएस और पीडब्यूएस 10 में 7, चपरासी कोई नहीं, हैड ट्राली मैन 5 में 4, मेट 9 में 7, कीमैन 24 में 21, ट्रैक मैन 212 में 194, गेटमैन में 69 में 65 तैनात हैं। रेल पथ विभाग में लगभग 60 कर्मचारियों की कमी है।