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बढ़ सकता है रेल किराया, रेल संरक्षा कोष के लिए धन देने से वित्त मंत्री का इनकार

Mon, 12 Dec 2016 03:19 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Mon, 12 Dec 2016 03:19 AM IST
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Rail fares May increase, finance minister denied to provide fund to Railway Safety Fund

रेलयात्रियों को जल्द ही किराये के रूप में जेब ढीली करनी पड़ सकती है। वित्त मंत्रालय ने रेलवे के विशेष सुरक्षा फंड के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और इस लिहाज से रेलवे अपने संसाधन जुटाने के प्रयास के तहत रेल किराये में वृद्धि कर सकता है। प्रस्ताव के मुताबिक, रेलवे को रेल पटरियों की मजबूती, सिग्नल सिस्टम को अपग्रेड करने तथा दुर्घटनाओं से बचने के लिए मानवरहित रेल फाटक खत्म करने की व्यवस्था की खातिर धन जुटाने की जरूरत है। इसके लिए सुरक्षा उपकर लगाया जाएगा ताकि सुरक्षा से जुड़े अन्य कार्य पूरे किए जा सकें। 

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इससे पहले रेल मंत्री सुरेश प्रभु विभिन्न सुरक्षा कार्य शुरू करने के लिए विशेष राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष के तहत एक लाख 19 हजार 183 करोड़ रुपये के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिख चुके हैं। लेकिन उनके इस प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय से बहुत ज्यादा सहयोग नहीं मिला और रेलवे से खुद संसाधन जुटाने के लिए कहा गया। सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय ने सिर्फ 25 प्रतिशत राशि देने पर सहमति जताई और रेलवे को सुझाव दिया कि विशेष सुरक्षा कोष के लिए वह खुद 75 प्रतिशत राशि की व्यवस्था करे।
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सूत्रों के मुताबिक, हालांकि रेल मंत्री ऐसे समय में रेल किराया बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं जब यात्री बुकिंग कम हो रही है और एसी-2 तथा एसी-1 के किराये पहले से ज्यादा हैं। लेकिन वित्त मंत्रालय द्वारा बेलआउट पैकेज देने से इनकार करने के बाद अब रेल मंत्रालय के पास कोई दूसरा चारा नहीं बचा है। योजना के मुताबिक, स्लीपर, द्वितीय श्रेणी और एसी-3 पर उपकर अधिक रखा जाएगा जबकि एसी-2 और एसी-1 का उपकर मामूली रखा जाएगा। किराया बढ़ाने पर अंतिम फैसला कुछ सुधारात्मक कार्यों के बाद ही किया जाएगा।
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रेलवे लगातार पटरियों से ट्रेन पलने की घटनाओं से जूझ रहा है और हाल ही की दो बड़ी दुर्घटनाओं के कारण बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये दुर्घटनाएं पटरियों तथा सिग्नल सिस्टम की अपग्रेडिंग उचित रखरखाव नहीं होने के कारण हो रही हैं। राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष के प्रस्ताव का मूल उद्देश्य दुर्घटनाएं टालने के लिए आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित करना और सभी असुरक्षित मानवरहित फाटकों को खत्म करना है।

चूंकि ज्यादातर दुर्घटनाएं मानवरहित फाटकों पर ही होती हैं इसलिए पटरियों के ऊपर या नीचे सड़कें बनाकर इन फाटकों को खत्म करना जरूरी है। रेलवे ने ट्रेनों की औसत गति बढ़ाने का भी फैसला किया है इसलिए रेल ट्रैक और रेल पुलों को मजबूत करने के साथ ही सिग्नलिंग प्रणाली दुरुस्त करना भी जरूरी है।  

रेलवे क्यों बढ़ाना चाहता है किराया

Rail fares May increase, finance minister denied to provide fund to Railway Safety Fund

पिछले कुछ वर्षों के दौरान रेलवे को यात्री किराये में भारी नुकसान हो रहा है। इसी साल अप्रैल में रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने संसद को बताया कि वित्त वर्ष 2015 के दौरान रेलवे को यात्री किराये में 33,490.95 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

फिलहाल रेलवे प्रति किलोमीटर मात्र 36 पैसे किराया वसूल रहा है जो किसी भी परिवहन साधन से कम है। वित्त वर्ष 2017 के लिए रेलवे ने यात्री किराये से 51 हजार करोड़ रुपये का राजस्व वसूलने का लक्ष्य रखा है जबकि पूर्ववर्ती वर्ष में यह लक्ष्य 45 हजार करोड़ रुपये का था। फ्लेक्सी किराया योजना में सफलता मिलने के बावजूद इसकी तिजोरी में कुछेक सौ करोड़ से ज्यादा राशि आने वाली नहीं है।

देश में सिर्फ 42 राजधानी, 46 शताब्दी और 54 दुरंतो ट्रेनें हैं जिनसे प्रतिदिन रेलवे को कुल यात्री किराये का महज 2.3 करोड़ रुपये मिलते हैं। रेलवे की खस्ताहाल अधोसंरचना को सुधारने के साथ ही रेलवे एसी-1 का यात्री किराया बढ़ाने के मूड में नहीं है क्योंकि उसे डर है कि उनके यात्री बजट एयरलाइंस का रुख कर लेंगे। लेकिन रेल मंत्री प्रभु को यात्री किराया बढ़ाने के साथ ही ट्रेन सेवा की सुरक्षा, सुविधा और समयबद्धता भी दुरुस्त करनी होगी।

अपने आखिरी बजट में प्रभु ने ट्रेनों में 17,000 और 475 रेलवे स्टेशनों पर बायो-टॉयलेट तथा 400 मुफ्त वाई-फाई एक्सेस की सुविधा देने की योजना बनाई थी। यात्रियों को यदि वह अधिक सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं तो रेल किराया बढ़ाना अनुचित नहीं होगा।

इस साल रेल किराये में वृद्धि

Rail fares May increase, finance minister denied to provide fund to Railway Safety Fund

11 अक्तूबर 2016: रेलवे ने राजधानी ,शताब्दी और दुरंतो एक्सप्रेस में सर्ज प्राइस का नियम लागू कर रेल का टिकट हवाई जहाज से महंगा कर दिया। दिल्ली से कोलकाता का विमान किराया 2124 रुपये है जबकि ट्रेन में फर्स्ट एसी का 4815 रुपये है । दिल्ली से मुंबई का विमान किराया 2151 रुपये, ट्रेन में फर्स्ट एसी का किराया 4755 रुपये है।

8 सिंतबर 2016: राजधानी, शताब्दी और दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर स्कीम लागू होने से प्रीमियम ट्रेनों का किराया 50 फीसदी बढ़ा।

12 मई 2016 :रेलवे ने राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों क ा किराया 30 फीसदी बढ़ाया ।

25 अप्रैल 2016: बीते पांच साल में रेलवे ने आरक्षण शुल्क में 100 फीसदी की वृद्धि की जबकि यात्री किराया 37 फीसदी बढ़ाया। 

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