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रैली में आने वालों से बांड भरवा रही पुलिस, मंदसौर में मारे गए किसानों के परिवार से आज मिलेंगे राहुल

Wed, 06 Jun 2018 12:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Wed, 06 Jun 2018 12:08 PM IST
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Rahul will meet the family of farmers killed in Mandsaur
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंदसौर में एक साल पहले पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों के परिजनों से आज मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह एक रैली को भी संबोधित करेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि मध्यप्रदेश सरकार रैली में आने वाले किसानों से शांति भंग की आशंका को लेकर 35 हजार रुपये का बांड भरवा रही है।
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कांग्रेस महासचिव मोहन प्रकाश ने आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास किसानों से मिलने का वक्त नहीं है। किसान सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार में बैठे जिम्मेदार लोग गलतबयानी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री अपने कारोबारी मित्रों के हितों के लाभ के लिए नीतियां बनाते हैं। सरकार पाकिस्तान से चीनी का आयात कर चीनी उद्योग और गन्ना किसानों पर प्रहार करती है, तो दूसरी ओर पैकेज लाने की बात कहती है।
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उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी में उन छह किसान परिवारों से मिलेंगे, जिनकी पुलिस की गोली से मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि यूपी, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में अरहर की दाल मंडियों में पड़ी है, लेकिन खरीद की व्यवस्था नहीं है, जबकि बारिश शुरू हो गई है। 
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 इधर, राहुल की सभा को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। भाजपा का दावा है कि राहुल की सभा फ्लॉप होगी। किसान समझदार हैं उन्हें पता है कि चुनाव आ गए हैं, इसलिए कांग्रेस को उनकी याद आ रही है। वहीं कांग्रेस को पूरा भरोसा है कि इस मौके पर दो लाख लोग जुटेंगे। 

पार्टी ने कई दिग्गजों की मंदसौर में ड्यूटी लगाई गई है। पानी, छाछ और फ्रूट जूस के आठ लाख पाउच बांटने के इंतजाम भी किए गए हैं। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों को पानी की बोतलों पर आपत्ति थी। यह आशंका थी कि सभा के दौरान बोतलें फेंकी जा सकती हैं। इसी वजह से सभा स्थल पर पानी की बोतलें ले जाने पर रोक रहेगी। हिंसा की आशंका के मद्देनजर पुलिस खास सतर्कता बरत रही है।

मंदसौर गोलीकांड में मारे गए थे छह किसान  
पिछले साल किसान आंदोलन के दौरान मालवा निमाड़ के साथ सूबे के कई हिस्सों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। मंदसौर में पुलिस की कथित फायरिंग में छह किसान मारे गए थे। मध्य प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी थी और जांच आयोग गठित किया था। 

पीड़ित परिवारों को नहीं मिला न्याय : कांग्रेस
जांच आयोग की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है जबकि तीन बार उसका कार्यकाल बढ़ाया जा चुका है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार किसानों मसले पर संवेदनशील होती तो जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी जाती। गोलीकांड को एक साल हो गए लेकिन पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला है।


पिछले साल राहुल के मंदसौर प्रवेश पर लग गई थी रोक
मंदसौर गोलीकांड में मारे गए छह किसानों के परिजनों से मिलने के लिए राहुल ने पिछले साल आठ जून को मंदसौर जाने की कोशिश की थी। लेकिन प्रशासन ने उनके मंदसौर प्रवेश पर रोक लगा दी थी और उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। बाद में राहुल राजस्थान सीमा पर पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर लौट गए थे।
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