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राहुल राजपूत मामलाः क्या दिल्ली में एक और सांप्रदायिक हिंसा के लिए तैयार की जा रही जमीन?

Sun, 11 Oct 2020 10:08 PM IST
संजीव कुमार झा अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 11 Oct 2020 10:08 PM IST
सार

  • आदर्श नगर के राहुल हत्याकांड में अलग-अलग नेताओं के पहुंचने से मामला गर्माने की आशंका 
  • हिन्दू संगठनों ने दिल्ली सरकार से पीड़ित परिवार को एक करोड़ के मुआवजे की मांग की

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Rahul Rajput Death Case, Is the land being prepared for another communal violence in Delhi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

विस्तार

एक प्रेम प्रसंग में मारे गए दिल्ली के आदर्श नगर के राहुल राजपूत के घर अनेक नेताओं के पहुंचने से मामला गरमाता जा रहा है और सियासी  रंग लेता जा रहा है। दिल्ली दंगों की आंच अभी ठंडी नहीं पड़ी है जिनमें 53 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। सैकड़ों लोग जख्मी हुए और करोड़ों की संपत्तियां जलकर खाक हो गईं। इन दंगों की तपिश आज भी महसूस की जा रही है और दंगों के पीड़ित परिवार इससे उबरने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन एक बार फिर राहुल राजपूत के मौत के मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनती जा रही है।

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पीड़ित के घर अब तक विश्व हिंदू परिषद, हिंदू सेना और कुछ अन्य संगठनों के लोग पहुंच चुके हैं। वे पीड़ित परिवार से सहानुभूति जताते हुए अपराधियों को कठोर दंड दिए जाने की बात कर रहे हैं। लेकिन इन मौकों पर दिए जा रहे विवादित बयानों से स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। इससे लोगों को चिंता होने लगी है कि कहीं इस मामले की आड़ में दिल्ली को एक बार फिर जलाने की कोशिश तो नहीं की जा रही है?
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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें न्याय दिए जाने का पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को 10 लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है। आम आदमी पार्टी ने कुछ नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
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एक करोड़ मिले मुआवजा- विहिप
विहिप के दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष कपिल खन्ना ने अमर उजाला से कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मामला है जहां एक युवक की हत्या केवल इस बात के कारण कर दी जाती है क्योंकि उसने एक दूसरे धर्म की लड़की से प्रेम किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में दुखद पहलू यह है कि हत्या का तरीका बेहद शातिराना था। परिवार के अनुसार राहुल को ट्यूशन दिलाने के बहाने उसके घर से बाहर बुलाया गया और उसके बाद इस साजिश को अंजाम दिया गया।

कपिल खन्ना ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंंत्री अरविंद केजरीवाल झारखंड पहुंचकर एक पीड़ित को एक करोड़ रूपये का मुआवजा दे सकते हैं, यूपी के पीड़ित अखलाक के परिवार को 50 लाख रूपये दे सकते हैं तो वे दिल्ली के ही एक परिवार को एक करोड़ रूपये क्यों नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया के द्वारा 10 लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने की बात पीड़ितों के साथ अन्याय है क्योंकि राहुल अपने माता-पिता का एकमात्र बेटा था, उसी के ऊपर उनकी पूरी जिंदगी निर्भर करती थी। लेकिन अब वे अपनी पूरी जिंदगी के लिए बेसहारा हो गए हैं।

हिंदू सेना भी पीछे नहीं
इसी मामले पर हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने कहा कि इस मामले में बिना जांच के ही यह बता दिया गया कि हमलावर नाबालिग हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग इतनी साजिश के साथ किसी को बाहर बुलाते हैं, निर्ममता के साथ उसकी हत्या करते हैं, उन्हें नाबालिग कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इतने संगीन जुर्म को अंजाम देने वाले को नाबालिग बताकर उन्हें दो-तीन साल में छोड़ने का रास्ता तैयार किया जा रहा है।

इससे ऐसी घटनाएं और बढ़ेंगी। उन्होंने मांग की कि घटना में शामिल सभी अपराधी लोगों की जांच कर उन्हें कठोर दंड दिया जाना चाहिए और परिवार को एक करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। 

मामला क्या था
आदर्श नगर में रहने वाले राहुल राजपूत की चाची के फोन पर सात अक्तूबर को एक फोन आया। उनसे राहुल से बात कराने के लिए कहा गया। बताया गया कि राहुल से एक ट्यूशन के बारे में बात करनी है। परिवार वालों के मुताबिक राहुल ने फोन पर उस व्यक्ति से अच्छे से बात की और उसके बाद वह बाहर निकल गया।

बाहर उसे कुछ लड़के मिले और उसकी पिटाई शुरू कर दी। राहुल राजपूत की दोस्त भी उसके साथ थी। उसने राहुल को पीट रहे अपने भाइयों ओर उसके दोस्तों से उसे छोड़ देने को कहती है, लेकिन वे उसकी बेरहमी से पिटाई करते रहे। आरोप है कि इसी बीच राहुल की दोस्त ने पास के पुलिस चौकी में भी जाकर राहुल को बचाने की गुहार लगाई लेकिन उसकी मदद के लिए कोई सामने नहीं आया।


आरोप है कि राहुल राजपूत के पेट में दर्द रहता था और हमलावर इस बात से परिचित थे। वे लगातार उसी जगह पर हमला करते रहे। बाद में राहुल को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। 

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