हिरासत से रिहा हुए राहुल: आठ घंटे का धरना खत्म, प्रियंका की पुलिस से तीखी बहस; सुबह से रात तक का पूरा घटनाक्रम
एसआईआर और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। बाद में रात 10 बजे सभी को रिहा किया गया। आकाशवाणी भवन के बाहर हुए हंगामे के बीच कांग्रेस ने एक्स पर लिखा- 'सब याद रखा जाएगा।'
विस्तार
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। आकाशवाणी भवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने एक-एक कर नेताओं को वहां से हटाया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, दीपेंद्र हुड्डा और पवन खेड़ा समेत 50 सांसदों को पुलिस ने डिटेन किया। इस दौरान मौके पर काफी हंगामा भी देखने को मिला। रात करीब 10 बजे पुलिस ने राहुल-प्रियंका गांधी समेत 50 सांसदों और करीब 250 नेताओं को किंग्सवे कैंप से रिहा किया।
राहुल गांधी करीब आठ घंटे से आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे थे। पुलिस जब प्रदर्शनकारी नेताओं को हटाने पहुंची तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद पुलिस राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं को आकाशवाणी भवन के पिछले गेट से बाहर लेकर गई। राहुल गांधी ने कहा था कि वह चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिले बिना वहां से नहीं जाएंगे। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि सांसद चुनाव आयुक्त से मिलेंगे और उन्हें मिलना ही पड़ेगा।
प्रियंका की पुलिस से बहस
अंग्रेजों के खिलाफ लड़कर जीते थे वोट चोरों के खिलाफ भी लड़कर जीतेंगे ✊ https://t.co/E5G4e6hJWh
— Congress (@INCIndia) October 6, 2026
राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने का वीडियो कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। पार्टी ने वीडियो के साथ लिखा ‘सब याद रखा जाएगा।’ कांग्रेस ने एक अन्य पोस्ट में लिखा "अंग्रेजों के खिलाफ लड़कर जीते थे, वोट चोरों के खिलाफ भी लड़कर जीतेंगे।" पोस्ट के साथ पार्टी ने मुट्ठी तानने वाला इमोजी भी लगाया।
INDIA ब्लॉक के सांसदों ने किया प्रदर्शन
इंडिया ब्लॉक के सांसद चुनाव आयोग और एसआईआर के खिलाफ आकाशवाणी भवन के बाहर धरने पर बैठे थे। इससे पहले विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक विरोध मार्च शुरू किया था। तिरंगा और ‘लोकतंत्र बचाओ’ लिखे बैनर लेकर प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त, भाजपा और आरएसएस के खिलाफ नारे लगाए। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया था।
चुनाव आयोग मुख्यालय तक पहुंचने की कोशिश
विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान आकाशवाणी भवन के गेट को जबरदस्ती खोलने की कोशिश भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया गठबंधन के सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में चुनाव आयोग के दफ्तर से कुछ दूरी (जो 300 मीटर दूर है) पर धरने पर बैठे। राहुल गांधी के साथ केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा और इमरान प्रतापगढ़ी भी वहां मौजूद थे।
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की आवाज का अपमान किया गया है। राहुल ने कहा कि वे चुनाव आयोग से मिलकर सिर्फ यह कहना चाहते हैं कि आपने वोट चोरी की है।
चुनाव आयोग ने मुलाकात के अनुरोध पर क्या कहा?
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से जब राहुल गांधी समेत विपक्षी गठबंधन के नेताओं की मुलाकात को लेकर सवाल पूछा गया तो अधिकारियों ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की ओर से बैठक के लिए कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था।
सुबह से रात तक ऐसे चला पूरा घटनाक्रम
दिल्ली में मंगलवार को इंडिया ब्लॉक के सांसदों का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन उस वक्त अचानक नया मोड़ ले गया, जब राहुल गांधी बैरिकेड पार कर आकाशवाणी भवन के अंदर पहुंच गए। इसके बाद कई घंटे तक परिसर में धरना और पुलिस के साथ बातचीत चलती रही। आखिरकार रात करीब 8:10 बजे दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में ले लिया। जानिए सुबह से रात तक क्या-क्या हुआ...
दोपहर करीब 12 बजे: बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी
इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। मार्च को रोकने के बाद राहुल गांधी नीति आयोग कार्यालय के पास एक बैरिकेड पर चढ़ गए। उन्होंने हाथ में तिरंगा लहराया और वहां मौजूद कैमरों के सामने इसे दिखाया। इसके बाद राहुल गांधी नीचे उतरे। पुलिस ने सड़क पर बैठे विपक्षी सांसदों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया।
12:20 बजे: अचानक आकाशवाणी भवन की ओर बढ़े राहुल
राहुल गांधी को अभी बस में नहीं बैठाया गया था। उन्होंने बस के अंदर बैठी अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा से बातचीत की। इसके बाद वह अचानक आकाशवाणी भवन के रिसेप्शन गेट की तरफ बढ़ गए। करीब 12:20 बजे राहुल गांधी गेट नंबर-3 के पास पहुंचे। उनके इस कदम से कई विपक्षी सांसद भी हैरान रह गए। तब तक प्रदर्शन का मुख्य केंद्र संसद मार्ग ही था।
आकाशवाणी भवन के रिसेप्शन गेट पर मौजूद कर्मचारियों ने राहुल गांधी को अंदर जाने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान वहां तनाव की स्थिति बन गई। इसके बाद राहुल गांधी अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ अंदर चले गए। कुछ ही देर में प्रदर्शन का पूरा केंद्र आकाशवाणी भवन परिसर बन गया।
12:30 बजे: बस से उतरीं प्रियंका गांधी
करीब 12:30 बजे प्रियंका गांधी वाड्रा भी बस से उतरकर आकाशवाणी भवन के गेट की ओर पहुंचीं। वह अपने भाई राहुल गांधी के साथ शामिल हो गईं। दोनों गेट नंबर-4 के पास एक पेड़ के नीचे बैठ गए। उन्हें देखने के लिए आकाशवाणी भवन के कर्मचारी भी बाहर आ गए।
12:45 बजे: कांग्रेस के बड़े नेता पहुंचे
राहुल गांधी के आकाशवाणी भवन में पहुंचने के बाद कांग्रेस के कई नेता भी वहां पहुंचने लगे। करीब 12:45 बजे कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा गेट पर पहुंचे। दोनों ने अंदर जाने की अनुमति मांगी। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा भी मौके पर पहुंचे और कांग्रेस नेताओं से बातचीत की। बातचीत के बाद नेताओं को परिसर में प्रवेश की अनुमति मिल गई। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे, दीपेंद्र हुड्डा, चरणजीत सिंह चन्नी और सेवा दल प्रमुख श्रीनिवास बीवी भी वहां मौजूद रहे। जिन विपक्षी नेताओं को पुलिस ने बसों में बैठाकर हिरासत में लिया था, उनमें से कुछ को बाद में छोड़ दिया गया। सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास समेत कई नेता दोबारा प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए। इसके बाद आकाशवाणी भवन परिसर में प्रदर्शन दोपहर से आगे भी जारी रहा।
दोपहर बाद: पेड़ के नीचे धरना
आकाशवाणी भवन परिसर में पेड़ के नीचे चटाइयां बिछाई गईं। राहुल गांधी और अन्य नेता वहीं बैठ गए। राहुल गांधी ज्यादातर समय बैठे रहे, जबकि प्रियंका गांधी पुलिस अधिकारियों से बातचीत करती रहीं। प्रदर्शन कर रहे नेताओं के लिए पानी और खाने-पीने का सामान भी पहुंचाया गया।
करीब 2:30 बजे: राहुल गांधी ने मीडिया से बात की
करीब 2:30 बजे पत्रकारों ने ग्रिल के पास से राहुल गांधी से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उन्हें भाजपा की बातों की परवाह नहीं है और वह लोकतंत्र की रक्षा के लिए यहां खड़े हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए भी आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की आवाज का अपमान किया गया है। राहुल ने कहा कि वे चुनाव आयोग से मिलकर सिर्फ यह कहना चाहते हैं कि आपने वोट चोरी की है। समय बीतने के साथ आकाशवाणी भवन के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ने लगी। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए। अंदर बैठे राहुल गांधी और अन्य नेताओं का धरना जारी रहा।
करीब 4:30 बजे: राहुल का रुख साफ
करीब दो घंटे बाद राहुल गांधी ने एक बार फिर पत्रकारों से बात की। उन्होंने साफ किया कि वह तब तक वहां से नहीं जाएंगे, जब तक चुनाव आयोग इंडिया ब्लॉक के सभी सांसदों से मुलाकात के लिए तैयार नहीं होता।
रात 8 बजे: राहुल गांधी समेत कई नेता हिरासत में
कई घंटे तक चला प्रदर्शन आखिरकार रात में खत्म हुआ। करीब 8 बजे दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी- प्रियंका गांधी समेत 50 सांसदों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर को खाली कराया। इस तरह दोपहर में बैरिकेड पार कर आकाशवाणी भवन में दाखिल होने से शुरू हुआ राहुल गांधी का धरना करीब आठ घंटे बाद पुलिस हिरासत के साथ खत्म हुआ।
रात 10 बजे: पुलिस की हिरासत से रिहा हुए राहुल-प्रियंका समेत 50 सांसद
राहुल-प्रियंका गांधी समेत 50 सांसदों और करीब 250 नेताओं को किंग्सवे कैंप से रात करीब 10 बजे छोड़ा गया। पुलिस ने करीब दो घंटे बाद इन नेताओं को हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया।