फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rahul kept his mother's voice in Raebareli, he did not let Wayanad's trust break by putting Priyanka in front

Rahul Gandhi: राहुल ने रायबरेली में 'मां' की जुबान रखी, तो प्रियंका को आगे कर वायनाड का भरोसा नहीं टूटने दिया

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 17 Jun 2024 10:21 PM IST
सार

Rahul Gandhi: कांग्रेस पार्टी ने 'वायनाड' सीट पर प्रियंका को भेजकर यह साबित कर दिया कि गांधी परिवार 'वायनाड' के लोगों का भरोसा नहीं टूटने देंगे। वहां के लोगों के साथ गांधी परिवार का भावनात्मक रिश्ता बना रहेगा।

विज्ञापन
Rahul kept his mother's voice in Raebareli, he did not let Wayanad's trust break by putting Priyanka in front
कांग्रेस नेता राहुल गांधी। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सियासी दलों के बीच यह सवाल लगातार चर्चा का विषय बना रहा कि राहुल गांधी रायबरेली सीट अपने पास रखेंगे या वायनाड। इस सवाल का जवाब चाहने वालों की सूची में न केवल कांग्रेस व उसके सहयोगी दल शामिल थे, बल्कि सत्ता पक्ष की नजरें भी लगी थीं। कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सोमवार शाम को इस सवाल का जवाब देते हुए एक तीर से कई निशाने साध दिए। पहला, राहुल गांधी रायबरेली लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे। ऐसा कर राहुल ने रायबरेली में अपनी 'मां' सोनिया गांधी की जुबान रखी। चुनाव के दौरान सोनिया ने रायबरेली के वोटरों से कहा था, 'आज मैं अपना बेटा आपको सौंप रही हूं'।

विज्ञापन


अब राहुल ने रायबरेली सीट अपने पास रखकर अपनी मां की उस बात को झूठा नहीं होने दिया। दूसरा, कांग्रेस पार्टी ने 'वायनाड' सीट पर प्रियंका को भेजकर यह साबित कर दिया कि गांधी परिवार 'वायनाड' के लोगों का भरोसा नहीं टूटने देंगे। वहां के लोगों के साथ गांधी परिवार का भावनात्मक रिश्ता बना रहेगा। वजह, 2019 के मुश्किल समय में जब राहुल गांधी, अमेठी से चुनाव हार गए थे, तब वायनाड के लोगों ने उन्हें बड़ी जीत देकर सियासत में मजबूती प्रदान की थी।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

 
लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राहुल गांधी को 14 दिन के भीतर यह तय करना था कि वे रायबरेली सीट अपने पास रखें या वायनाड का प्रतिनिधित्व करते रहें। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तय समय सीमा से एक दिन पहले ही यह घोषणा कर दी कि राहुल गांधी, वायनाड सीट छोड़ेंगे। वे रायबरेली सीट अपने पास रखेंगे। वायनाड सीट से प्रियंका गांधी को उतारा जाएगा। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, रायबरेली से गांधी परिवार का पुराना रिश्ता रहा है। वहां के लोगों का गांधी परिवार के प्रति विशेष लगाव, स्नेह और अटूट भरोसा रहा है। कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है, ये पहले से ही तय था। न केवल पार्टी नेतृत्व, बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ता भी यही चाहते थे कि राहुल गांधी, रायबरेली सीट को अपने पास रखें। कांग्रेस पार्टी ने वायनाड से प्रियंका को उतारने की बात कह कर वहां के लोगों का भरोसा बनाए रखा है। गांधी परिवार, दोनों जगहों पर लोगों की सेवा करेगा।

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को अमेठी सीट पर हरा दिया था। उसके बाद यूपी में कांग्रेस भी हाशिये पर चली गई। इस बार के चुनाव में सोनिया गांधी ने रायबरेली पहुंच कर जब लोगों से कहा, 'मैं अपना बेटा आपको सौंप रही हूं'। यह बात वहां के लोगों के दिल में समा गई। जब भाजपा को लग रहा था कि यूपी में राम मंदिर की लहर है। वहां पर विपक्ष के लिए कोई खास स्पेस नहीं बचा है। ऐसे वक्त में रायबरेली के वोटरों ने राहुल गांधी को बड़ी जीत दिला दी। अमेठी सीट से भी कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत दर्ज कराई है। जीत के बाद राहुल गांधी ने रायबरेली और वायनाड को अपना परिवार बताया था। उन्होंने कहा था कि वे ऐसा निर्णय लेंगे कि जिससे, वायनाड की जनता भी खुश होगी।


वायनाड से प्रियंका की उम्मीदवारी पर मुहर लगने के बाद राहुल ने कहा, अब 'वायनाड' और 'रायबरेली' को दो-दो सांसद मिलने जा रहे हैं। राहुल गांधी के निर्णय से यूपी सहित उत्तर भारत में कांग्रेस को मजबूती से खड़ा करने में मदद मिलेगी। खरगे ने कहा, हम सबने बैठक में यह तय कर लिया है कि राहुल गांधी, रायबरेली सीट अपने पास रखेंगे। रायबरेली पहले से भी उनके काफी नजदीक रही है। उस परिवार के साथ जुड़ाव है। गांधी परिवार, पीढ़ियों से यहां से लड़ता आया है। वायनाड के लोगों का प्यार भी राहुल को मिला है। वे लोग चाहते हैं कि राहुल वायनाड में ही रहें, लेकिन कानून इसकी इजाजत नहीं देता। इसलिए वायनाड सीट से प्रियंका गांधी वाड्रा चुनाव लड़ेंगी।

प्रियंका ने कहा, मैं इस फैसले से बहुत खुश हूं। वायनाड का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात होगी। मैं एक अच्छा प्रतिनिधि बनने की कोशिश करुंगी। रायबरेली से मेरा पुराना रिश्ता है और मैंने रायबरेली और अमेठी के लिए काफी काम किया है। मैं भैया की मदद रायबरेली में भी करुंगी। हम दोनों वायनाड और रायबरेली में एक-दूसरे की मदद भी करेंगे। राहुल के वायनाड सीट छोड़ने और वहां से प्रियंका को उतारने की बात पर भाजपा की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई है। भाजपा ने इसे परिवारवाद का नाम दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed