{"_id":"5b1019d14f1c1bb0318b46ba","slug":"rahul-gandhi-slams-modi-government-over-an32-aircraft-deal","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएन-32 डील: राहुल ने कहा मोदी जी, 7.5 करोड़ घूस लेने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई करें","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
एएन-32 डील: राहुल ने कहा मोदी जी, 7.5 करोड़ घूस लेने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई करें
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 01 Jun 2018 05:22 AM IST
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कांग्रेस ने यूक्रेन सरकार की ओर से गृहमंत्रालय और रक्षा मंत्रालय को भेजे गए पत्र और रक्षा मंत्रालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर और पार्टी ने प्रकाशित खबर के आधार पर सरकार से मामले को सार्वजनिक करने और पत्र के आधार पर क्या कार्रवाई की गई इसपर जवाब मांगा है। राहुल ने लिखा है कि खुद को चौकीदार बताने वाले मोदी जी, मैं आग्रह कर रहा हूं तत्काल अपने भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करें।
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कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने एक अखबार के हवाले से बताया कि यूक्रेन सरकार के नेशनल एंटी करप्शन ब्यूरो ने गृह और रक्षा मंत्रालय को पत्र भेजकर वायु सेना के जहाज एएन-32 के लिए कलपुर्जे खरीद मामले कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इसकी डील 26 नवंबर 2014 को हुई थी जिसके तहत दुबई की कंपनी ग्लोबल मार्केटिंग को साढ़े 17 करोड़ रुपए घूस दी गई थी। नियम और शर्ते पूरी न करने के बावजूद उसे ठेका दिया गया।
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कांग्रेस ने सरकार से इस संबंध में पांच सवाल पूछे हैं। मनीष तिवारी का कहना है कि क्या ये सही है यूक्रेन ने फरवरी 2018 को गृहमंत्रालय को पत्र भेजकर मदद के लिए लिखा है। सरकार को औपचारिक तौर पर बताना चाहिए। क्या शर्ते पूरी न होने के बावजूद रक्षा मंत्रालय ने ग्लोबल मार्केटिंग के खाते में साढ़े 17 करोड़ जमा कराए।
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सरकार बताए कि यूक्रेन के खत पर गृह और रक्षा मंत्रालय ने क्या कार्रवाई की। क्या पत्र के संज्ञान में लेने के बाद रक्षा मंत्री ने कोई कार्रवाई या जांच बैठाई। चार साल से सरकार पारदर्शिता और न खाऊंगा न खाने दूंगा की बात कह रही है ऐसे में पत्र सार्वजनिक क्यों नहीं किया और जनता के समक्ष क्यों नहीं आया। क्या सरकार रॉफेल की तरह ही इसे छुपाने की कोशिश कर रही है। जब जनता के पैसे से कोई सामान खरीदा गया है तो उसे जानने का हक है।