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Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने सरकार पर अपने 'दोस्तों' को टैक्स में छूट देने का आरोप लगाया, भाजपा ने किया पलटवार

Sun, 21 Aug 2022 09:42 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 21 Aug 2022 09:42 PM IST
सार

गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, लोगों पर टैक्स बढ़ाओ, मित्रों के लिए टैक्स में कटौती, सूट-बूट-लूट सरकार। ट्वीट में साझा किए गए ग्राफ में 'लोगों पर कम टैक्स बनाम लोगों पर ज्यादा टैक्स' की तुलना की गई है। 

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Rahul gandhi says govt taxing common people more than corporates BJP hits back
rahul gandhi - फोटो : ANI

विस्तार

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को सरकार पर आम लोगों पर ज्यादा टैक्स लगाने और अपने 'दोस्तों' को छूट देने का आरोप लगाया। उन्होंने एक ग्राफ भी ट्वीट किया जिसमें दिखाया गया है कि सरकार कॉरपोरेट की तुलना में आम लोगों पर टैक्स से अधिक राजस्व हासिल कर रही है। वहीं भाजपा ने उन पर देश को गुमराह करने के लिए आंकड़ों में हेराफेरी करने का आरोप लगाया। 
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भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, "यह केवल राहुल गांधी की स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में हो सकता है, जहां देश को गुमार करने के लिए हर आंकड़े में हेराफेरी की जाती है। लोगों से टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स मिलाकर 100 प्रतिशत नहीं होता है।"
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गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, लोगों पर टैक्स बढ़ाओ, मित्रों के लिए टैक्स में कटौती, सूट-बूट-लूट सरकार के लिए कार्रवाई का स्वाभाविक पाठ्यक्रम। ट्वीट में साझा किए ग्राफ में 'लोगों पर कम टैक्स बनाम लोगों पर ज्यादा टैक्स' की तुलना की गई है। इसमें दिखाया गया है कि वर्षों से कॉर्पोरेट टैक्स कम हो रहा है और लोगों पर टैक्स बढ़ रहा है।  
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ग्राफ में यह भी दिखाया गया है कि वर्षों से सरकार द्वारा एकत्र राजस्व का प्रतिशत कॉर्पोरेट की तुलना में लोगों से अधिक है। ग्राफ से पता चलता है कि 2010 में कॉर्पोरेट पर टैक्स के माध्यम से एकत्र किया गया राजस्व, लोगों पर टैक्स से एकत्र राजस्व से अधिक था। 

कांग्रेस नेता के ट्वीट में साझा किए गए ग्राफ से पता चलता है कि 2021 में कॉरपोरेट पर टैक्स से एकत्र राजस्व लोगों पर टैक्स से एकत्र किए गए राजस्व के मुकाबले घट गया है।  


वहीं मालवीय ने कहा कि अप्रत्यक्ष टैक्स में उपभोग आधारित टैक्स, उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क, उपकर और अप्रत्यक्ष कर (जीएसटी सहित) की एक महत्वपूर्ण राशि है जिसका भुगतान निगमों, ट्रस्टों, सरकारों द्वारा किया जता है, न कि केवल व्यक्तियों के द्वारा। 

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2023 के पहले चार महीनों में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में कॉर्पोरेट टैक्स संग्रह में 34 प्रतिशत की तेजी से वृद्धि तेखी गई है। वित्त वर्ष 2019 (कोविड से पहले) के टैक्स संग्रह की तुलना में भी वित्त वर्ष 2022 का टैक्स संग्रह नौ प्रतिशत अधिक है। 

उन्होंने कहा, पिछले कुछ वर्षों में व्यक्तिगत आयकर में मजबूत वृद्धि रही है और करदाताओं का आधार 2021-22 में बढ़कर 9 करोड़ रुपये हो गया है, जो 2013-14 में 5.7 करोड़ था। यह कालेधन पर भारत सरकार द्वारा अंकुश लगाने के विभिन्न प्रयासों का परिणाम है।  
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