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मोदी सरकार ने इस वजह से नीति आयोग का किया था गठन, राहुल ने की खत्म करने की बात

Sun, 31 Mar 2019 12:25 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 31 Mar 2019 12:25 PM IST
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Rahul Gandhi said will dismantle Niti Aayog, know why government formed this institution
नीति आयोग (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा था कि यदि वह सत्ता में आते हैं तो नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (नीति आयोग) को खत्म कर देंगे और उसकी जगह फिर से योजना आयोग बनाया जाएगा। जिसमें कि जाने-माने अर्थशास्त्री विशेषज्ञ शामिल होंगे। राहुल ने कहा था कि नीति आयोग ने प्रधानमंत्री की मार्केटिंग करने और गलत आंकड़े देने के अलावा और कुछ नहीं किया है। आइए हम आपको बताते हैं कि नीति आयोग क्या है और इसका काम क्या है।

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इस आयोग का प्राथमिक उद्देश्य सरकार को सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सलाह देने का है जिससे कि सरकार ऐसी योजना बना सके जो लोगों के हित में हो। पिछले दिनों भारत की जीडीपी के बैक सीरिज के आंकड़ों पर काफी विवाद हुआ था। जिसकी वजह से नीति आयोग की साख पर ठेस पहुंची थी। यह मामला आधार वर्ष 2011-12 पर जीडीपी के बैक सीरिज आंकड़े जारी करने को लेकर उठा था। आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव प्रवीण कुमार ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेस करके यह आंकड़े जारी किए थे।
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आंकड़ों में पूर्व की यूपीए सरकार के कार्यकाल में विकास दर को राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग की समिति के अनुमानों की तुलना में कम बताया गया था। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। जिसके बाद कहा गया कि आयोग के पास न तो सांख्यिकी विशेषज्ञता है और न ही इस तरह के मामलों को देखने का अनुभव है। इस कारण आयोग को इस मामले से दूरी बनाकर रखनी चाहिए थी।

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थिंक टैंक के तौर पर स्थापना

एक जनवरी 2015 को नीति आयोग का गठन थिंक टैंक के तौर पर हुआ था। इसे देश के विकास की सात वर्षीय और 15 वर्षीय योजनाएं बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। मगर अभी तक यह काम नहीं हो पाया है।

 

क्या है नीति आयोग

भारत सरकार द्वारा गठित नीति आयोग एक ऐसा आयोग है जिसे कि योजना आयोग की जगह बनाया गया था। भारत के प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष हैं।

इस संस्थान के बारे में एक जनवरी 2015 को जानकारी देने वाले मंत्रिमंडल का प्रस्ताव जारी किया गया था।

नीति आयोग का कार्य केंद्र और राज्य स्तर पर सरकार को नीति के प्रमुख कारकों के संबंध में महत्वपूर्ण और तकनीकी सुझाव देना है।

बेरोजगारी भी मुद्दा

एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान आयोग के सीईओ अमिताभ कांत और उपाध्यक्ष राजीव कुमार मौजूद थे। इस दौरान उनसे पूछा गया कि साल 2017-18 में बेरोजगारी की दर क्या थी तो उन्होंने कहा कि यह हम कैसे बताएं। यदि हमारे पास रिपोर्ट होती हो हम बता देते। वहीं कुमार ने कहा था कि आयोग के पास बेरोजगारी दर के बारे में पूरी जानकारी नहीं है।

योजना आयोग से ऐसे है अलग

नीति आयोग ने लोगों के विकास के लिए नीति बनाने के लिए सहकारी संघवाद को शामिल किया है। इसका मतलब कि केंद्र के अलावा राज्य भी नीति बनाने के लिए अपनी राय दे सकेंगे। इसके अंतर्गत कोई भी योजना निचले स्तर पर मौजूद गांव, जिले, राज्य, केंद्र के साथ बातचीत के बाद ही तैयार की जाएंगी। इसका उद्देश्य जमीनी हकीकत के आधार पर योजनाओं को बनाना होगा।

 

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