निशाना: राहुल गांधी बोले- अब आरएसएस को नहीं कहूंगा संघ परिवार, फैमिली जैसे लक्षण नहीं
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर साधा निशाना
- ट्वीट कर आरएसएस पर जमकर बरसे राहुल गांधी
- संघ पर एक विशेष विचार को आगे बढ़ाने का लगाया आरोप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब वह आरएसएस को संघ परिवार नहीं कहेंगे, क्योंकि उसमें फैमिली जैसे लक्षण नहीं हैं। गौरतलब है कि राहुल गांधी अक्सर अपने भाषणों में आरएसएस को निशाने पर लेते रहे हैं। वहीं, चुनावी रैलियों के दौरान भी उन्होंने नागपुर का नाम लेकर कई बार आरएसएस को आड़े हाथों लिया।
राहुल गांधी ने किया ट्वीट
बता दें कि आरएसएस को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 'मेरा मानना है कि आरएसएस व संबंधित संगठन को संघ परिवार कहना सही नहीं। परिवार में महिलाएं होती हैं। बुजुर्गों के लिए सम्मान होता है। करुणा और स्नेह की भावना होती है, जो आरएसएस में नहीं है। अब आरएसएस को संघ परिवार नहीं कहूंगा।'
मेरा मानना है कि RSS व सम्बंधित संगठन को संघ परिवार कहना सही नहीं- परिवार में महिलाएँ होती हैं, बुजुर्गों के लिए सम्मान होता, करुणा और स्नेह की भावना होती है- जो RSS में नहीं है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 25, 2021
अब RSS को संघ परिवार नहीं कहूँगा!
चुनावी रैली में भी साधा था निशाना
बता दें कि असम में चुनावी रैली के दौरान भी राहुल गांधी ने आरएसएस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि नागपुर की एक शक्ति पूरे देश को नियंत्रित नहीं कर सकती। नागपुर से असम को नियंत्रित नहीं किया जा सकता। वहीं, तमिलनाडु में उन्होंने कहा था कि भाजपा का पैतृक संगठन तमिलनाडु का भविष्य तय नहीं कर सकता और इसका फैसला राज्य की जनता एवं इसके युवा करेंगे।
आरएसएस पर लगाया था यह आरोप
गौरतलब है कि अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के एक वर्चुअल कार्यक्रम में भी राहुल गांधी ने आरएसएस पर जमकर हमला बोला था। भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु के साथ हुए एक संवाद के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि आरएसएस अपने द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों का इस्तेमाल विश्व के बारे में एक विशेष विचार को आगे बढ़ाती है जैसे पाकिस्तान में कट्टरपंथी इस्लामी मदरसे करते हैं।