राहुल का ट्वीट- किसान तुम बढ़े चलो, नड्डा ने पुराना वीडियो ट्वीट कर किया पलटवार
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पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को नए कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे किसान आंदोलन को समर्थन करते हुए ट्वीट कर कहा कि वीर तुम बढ़े चलो, धीर तुम बढ़े चलो। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के एक पुराने वीडियो को शेयर करते हुए पलटवार किया।
राहुल गांधी ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए ट्वीट किया, 'वीर तुम बढ़े चलो, धीर तुम बढ़े चलो, वाटर गन की बौछार हो या गीदड़ भभकी हजार हो, तुम निडर डरो नहीं, तुम निडर डटो वहीं, वीर तुम बढ़े चलो, अन्नदाता तुम बढ़े चलो..!'
वीर तुम बढ़े चलो
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 27, 2020
धीर तुम बढ़े चलो
वॉटर गन की बौछार हो
या गीदड़ भभकी हज़ार हो
तुम निडर डरो नहीं
तुम निडर डटो वहीं
वीर तुम बढ़े चलो
अन्नदाता तुम बढ़े चलो! pic.twitter.com/MqsuS9QxEj
इस पर नड्डा ने राहुल गांधी के लोकसभा में दिए गए एक भाषण का पुराना वीडियो साझा किया। साथ ही आरोप लगाया कि किसानों के आंदोलन पर वह ‘राजनीति’ कर रहे हैं। एक मिनट और सात सेकेंड के इस वीडियो में राहुल गांधी किसानों को बिचौलियों से बचाने के लिए उन्हें उत्पादों को सीधे कारखानों में बेचने की आवश्यकता की वकालत करते दिख रहे हैं।
ये क्या जादू हो रहा है राहुल जी?
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) December 27, 2020
पहले आप जिस चीज़ की वकालत कर रहे थे, अब उसका ही विरोध कर रहे है।
देश हित, किसान हित से आपका कुछ
लेना-देना नही है।आपको सिर्फ़ राजनीति करनी है।लेकिन आपका दुर्भाग्य है कि अब आपका पाखंड नही चलेगा। देश की जनता और किसान आपका दोहरा चरित्र जान चुके है। pic.twitter.com/Uu2mDfBuIT
नड्डा ने कहा, ये क्या जादू हो रहा है राहुल जी...
नड्डा ने ट्वीट में कहा कि ये क्या जादू हो रहा है राहुल जी? पहले आप जिस चीज की वकालत कर रहे थे, अब उसका ही विरोध कर रहे है। देश हित, किसान हित से आपका कुछ लेना-देना नहीं है। आपको सिर्फ राजनीति करनी है। लेकिन आपका दुर्भाग्य है कि अब आपका पाखंड नहीं चलेगा। देश की जनता और किसान आपका दोहरा चरित्र जान चुके हैं।
किसान की मांग, सरकार कृषि कानून वापस लें
बता दें कि सितंबर महीने में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसान संगठन पिछले एक महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं। वे तीन कृषि कानूनों को पूरी तरह से रद्द करने और एमएसपी पर कानूनी गारंटी देने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस ने इस आंदोलन का समर्थन किया है जबकि सरकार ने इन नए कृषि कानूनों को बड़े सुधार के रूप में पेश किया है, जिसका मकसद किसानों की मदद करना है। प्रदर्शनकारी किसानों की आशंका है कि इससे मंडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था खत्म हो जाएगी, जिससे उन्हें बड़े कॉरपोरेट की दया पर निर्भर रहना पड़ेगा।
नड्डा ने जो वीडियो साझा किया है, उसे देखकर लगता है कि वह तब की है, जब राहुल गांधी अमेठी से सांसद थे। इस वीडियो में राहुल गांधी यह कहते सुने जा रहे हैं कि उनके अमेठी के दौरे के दौरान उनसे एक किसान ने पूछा कि क्या जादू है कि किसान दो रुपये प्रति किलो की दर से आलू बेचते हैं जबकि उनके बच्चे जो चिप्स खरीदते हैं, वह एक आलू का बना होता है और उसकी कीमत 10 रुपये होती है।
वीडियो में राहुल किसानों से पूछते हैं कि उनके मुताबिक ऐसा क्यों होता है, तो उन्होंने बताया कि चूंकि वे जहां रहते हैं, वहां से फैक्ट्रियां बहुत दूर होती हैं और यदि वे अपने उत्पादों को सीधे वहां बेच पाते तो उन्हें बिचौलियों को पैसे दिए बिना सारे पैसे मिल जाएंगे। वीडियो में राहुल गांधी आगे कहते हैं कि फूड पार्क बनाने के पीछे की सोच भी यही थी। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहले कार्यकाल में अमेठी से फूड पार्क परियोजना को समाप्त करने का आरोप लगाया था। हालांकि, उस वक्त सरकार ने इस आरोप को यह कहते हुए खारिज किया था कि पार्क के लिए कभी जमीन ली ही नहीं गई थी।