Rahul Gandhi: राहुल ने सौंपा अपना आधिकारिक आवास, कहा- यह सच बोलने की कीमत, वेणुगोपाल बोले- राजनीतिक प्रतिशोध
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि मेरा भाई जो कुछ भी कह रहा है वह सच है। उन्होंने सरकार के बारे में सच बोला, जिसका वह खामियाजा भुगत रहे हैं। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लुटियंस दिल्ली में स्थित अपना सरकारी आवास शनिवार को खाली कर दिया। अयोग्य ठहराए जाने के बाद अपना सरकारी आवास खाली करने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि हिन्दुस्तान के लोगों ने मुझे 19 साल तक यह घर दिया, मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। यह सच बोलने की कीमत है। मैं सच बोलने के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हूं।
राहुल गांधी, मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ सुबह बंगला पर आए। राहुल ने खाली किए गए आवास की चाभियां केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को सौंप दी। राहुल ने सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से हाथ भी मिलाया और उनका शुक्रिया अदा किया। शनिवार सुबह, 12 तुगलक लेन स्थित बंगला से राहुल अपने सभी सामान लेकर चले गए। वहां यहां करीब दो दशक से रह रहे थे।
बंगला खाली करके जाते समय उन्होंने कहा, यदि यह मुझसे छीन लिया गया है, तो भी मुझे कोई दिक्कत नहीं है। यह घर मुझे भारत के लोगों ने दिया था। मैं 10 जनपथ पर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष (सोनिया गांधी) के साथ कुछ समय तक रहूंगा और फिर कुछ और उपाय करूंगा। कांग्रेस ने कहा कि सरकार राहुल को एक आवास से निकाल सकती है, लेकिन वह करोड़ों भारतीयों के दिलों में बसते हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया पर ‘मेरा घर आपका घर’ अभियान भी शुरू किया और पार्टी के नेताओं ने राहुल को अपने घर में आकर रहने के लिए आमंत्रित किया।
#WATCH | "People of Hindustan gave me this house for 19 years, I want to thank them. It's the price for speaking the truth. I am ready to pay any price for speaking the truth...," says Congress leader Rahul Gandhi as he finally vacates his official residence after… pic.twitter.com/hYsVjmetYw
— ANI (@ANI) April 22, 2023
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि मेरा भाई जो कुछ भी कह रहा है वह सच है। उन्होंने सरकार के बारे में सच बोला, जिसका वह खामियाजा भुगत रहे हैं। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल की उपस्थिति में तुगलक लेन का अपना आधिकारिक बंगला सौंप दिया।
#WATCH | Delhi: Congress leader Rahul Gandhi hands over his official bungalow, at Tughlak Lane, in the presence of Former Congress president Sonia Gandhi & party General Secretary Priyanka Gandhi Vadra and KC Venugopal. pic.twitter.com/FAPifisfPU
— ANI (@ANI) April 22, 2023
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के तुगलक लेन स्थित अपना सरकारी बंगला खाली करने पर कहा कि वे अब यह घर किसी को भी दे सकते हैं। जिस तरह से मोदी सरकार और अमित शाह राहुल गांधी को निशाना बना रहे हैं, वह पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध है। उन्होंने कहा, वे आपको एक आवास से निकाल सकते हैं, लेकिन आपके लिए हमारे घरों और दिलों में हमेशा जगह रहेगी, राहुल जी। हम जानते हैं कि इस तरह की चीजें आपको लोगों की आवाज उठाने और सच बोलने से डिगा नहीं पाएंगी।
गौरतलब है कि कर्नाटक के कोलार में राहुल द्वारा 2019 में की गई ‘मोदी उपनाम’ संबंधी टिप्पणियों को लेकर मानहानि के एक मामले में सूरत की एक अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया था और दो साल की कैद की सजा सुनाई थी, जिसके बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराए गए थे। सदस्यता जाने के बाद उन्हें सरकारी बंगले भी खाली करने को कहा गया था, जिसकी आखिरी तारीख 22 अप्रैल थी। इसी आदेश को मानते हुए राहुल गांधी ने 22 अप्रैल शनिवार को 12, तुगलक लेन स्थित अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया। उन्होंने मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश के खिलाफ सत्र अदालत का रुख किया था, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई। उनकी दोषसिद्धि और अयोग्यता पर राहत मिलने से सरकारी बंगला में उनके लिए रहने का मार्ग प्रशस्त हो सकता था। यह आवास उन्हें वायनाड सांसद के तौर पर आवंटित किया गया था।
राहुल गांधी के इस कदम की कांग्रेस नेता शशि थरूर ने तारीफ की है। थरूर ने कहा कि राहुल का ये कदम अनुकरणीय है। राहुल गांधी के सरकारी बंगला खाली करने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट किया, "राहुल गांधी ने लोकसभा के आदेश पर तुगलक लेन में स्थित अपने सरकारी बंगले को खाली कर चुके हैं। अदालत ने उन्हें अपील के लिए 30 दिन का समय दिया था। हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट उन्हें पुनः बहाल कर सकती है, लेकिन उनका बंगला छोड़ने का निर्णय, नियमों के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है।"
लोकसभा सचिवालय को लिखे अपने पत्र में बंगला खाली करने पर राहुल गांधी ने सहमति जताते हुए लिखा- "पिछले चार बार से लोकसभा के निर्वाचित सदस्य के तौर पर यहां बिताए अपने समय की सुखद यादों के लिए एहसानमंद हूं। अपने अधिकारों के प्रति पक्षपात के बिना मैं निश्चित रूप से आपके पत्र में दिए विवरण का पालन करूंगा।"