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रणदीप सुरजेवाला के जरिए जाट समुदाय को साधने में जुटे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी

Fri, 11 Jan 2019 03:20 AM IST
Gaurav Pandey अनूप वाजपेयी, नई दिल्ली
अनूप वाजपेयी, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Fri, 11 Jan 2019 03:20 AM IST
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Rahul Gandhi is trying to attract Jaat voters via Randeep Surjewala

हरियाणा से विधायक होने के बाद भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला को जींद विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार क्यों बनाया ये सवाल पार्टी के भीतर और बाहर उठ रहा है। दरअसल रणदीप को जींद से चुनाव लड़ाने के पीछे एक रणनीति बताई जा रही है। राहुल गांधी हरियाणा के जाट लैंड यानी जाट बाहुल्य इलाकों में लोकप्रिय जाट चेहरा पेश कर ऐसा बीज बोना चाहते हैं जिसकी फसल भविष्य में अन्य राज्यों में भी काटी जा सके।       

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हरियाणा की राजनीति में वर्तमान समय में बिखरे चौटाला परिवार और उसके प्रभाव वाली जींद सीट पर अजय और अभय चौटाला ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। जींद विधानसभा सीट इनेलो के विधायक के निधन से खाली हुई है। भाजपा को लेकर जाटों में नाराजगी बताई जाती है लिहाजा कांग्रेस इस मौके को चूकना नहीं चाहती है। 
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सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अध्यक्ष के पास जींद सीट के लिए बेहतर चेहरा न होने के साथ सीमित विकल्प थे। बताते हैं कि पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चुनाव लड़ने की पेशकश की गई लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया और न ही प्रदेश अध्यक्ष कोई मजबूत नाम सुझा पाए। कांग्रेस नेतृत्व राज्य में संदेश देने के लिए ये चुनाव हर हाल में जीतना चाहता है और जींद से किसी जाट को ही उम्मीदवार बनाया जाना था। लिहाजा हरियाणा की राजनीति में महत्वपूर्ण इस केंद्र से कोई बड़ा नाम न होने पर रणदीप सुरजेवाला को मैदान में उतारा गया। 

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बतौर विधायक हरियाणा की राजनीति में खासे सक्रिय हैं सुरजेवाला

जींद में कांग्रेस को जीत मिलती है तो तय है कि भविष्य में रणदीप कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार होंगे। रणदीप बतौर विधायक अभी हरियाणा की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और सप्ताह के दो दिन वे अपने इलाके में रहते हैं। हरियाणा की राजनीति में स्थानीय निकाय चुनावों के बाद फिर करवट ली है। कांग्रेस के भीतर इन चुनावों की समीक्षा हो रही है। हुड्डा के प्रभाव वाले क्षेत्र में भी कांग्रेस कोई बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी है। जिस तरह सरकार की ओर से हुड्डा पर शिकंजा कसा जा रहा है उसे भी ध्यान में रखकर विकल्प तैयार किए जा रहे हैं। 

कांग्रेस को डर है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा हरियाणा में फिर से जाट बनाम अन्य जातियों का चुनाव बनाना चाहेगी। ऐेसे में सुरजेवाला ऐसा चेहरा है जिसकी पहचान अन्य बिरादरियों में भी है। राज्य में अलग-थलग पड़े प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर भी सुरजेवाला के साथ हो लिए हैं। हुड्डा एंड फैमिली के साथ उनके खराब संबंध जगजाहिर हैं और इसका नुकसान पार्टी संगठन में भी हुआ है। 

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