फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rahul Gandhi is all set to take action against candidates who failed during Gujarat Election

गुजरात चुनाव में मिली हार के बाद एक्शन मूड में राहुल गांधी, नपेंगे कई बड़े नेता

Mon, 22 Jan 2018 10:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 22 Jan 2018 10:05 AM IST
विज्ञापन
Rahul Gandhi is all set to take action against candidates who failed during  Gujarat Election
राहुल गांधी

गुजरात चुनाव की हार के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपने उम्मीदवारों की जिम्मेदारी तय करने का मन बना रही है। परफॉ़र्मेंस के हिसाब से उस वरिष्ठ नेता पर जिम्मेदारी तय की जाएगी, जिसने आलाकमान से निकटता का फायदा उठाते हुए उम्मीदवारों के नाम की सिफारिश की थी। 2013 में जिम्मेदारी तय करने की बात सबसे पहले सामने आई थी। बालासाहेब थ्रोट जो पार्टी की स्क्रिनिंग कमिटी के अध्यक्ष हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री के गृहराज्य से हजारों उम्मीदवारों की लिस्ट राहुल गांधी को सौंपी है।

विज्ञापन


नाम ना बताने की शर्त पर एक नेता ने बताया कि आधिकारिक तौर पर कांग्रेस ने इसपर बोलने से मना कर दिया है और पार्टी के प्रवक्ताओं से कहा गया है कि सवाल पूछने पर वह बोल दें कि उन्हें इस रिपोर्ट के बारे में कुछ नहीं पता है। रिपोर्ट में थ्रोट ने बताया है कि कैसे पार्टी को 102 सीटों का नुकसान हुआ है। गुजरात चुनाव में 182 सीटों में से कांग्रेस और उसके साथियों को 80 सीटे मिली थी जबकि भाजपा के खाते में 99 सीटे गई थीं।
विज्ञापन


रिपोर्ट में उन नेताओं के नाम शामिल हैं जिन्होंने हारे हुए उम्मीदवारों के नाम की सिफारिश की थी। शुक्रवार को गांधी ने समीक्षकों की एक टीम से मुलाकात की जिन्हें गुजरात विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एक समीक्षक ने बताया कि बैठक में नतीजों पर काफी गहन चर्चा हुई। जिम्मेदारी तय करने का कदम लगभग पांच सालों बाद फिर सामने आया है। सबसे पहले इसकी घोषणा 20 जनवरी, 2013 में जयपुर में हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


घोषणा पत्र में महत्वपूर्ण यह है कि वरिष्ठ नेता जिन उम्मीदवारों के नाम की सिफारिश करेंगे उनके असफल होने पर उन्हें खुद इसकी जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। इससे संगठनात्मक ढांचे में जारी भाई-भतीजावाद को खत्म करने में मदद मिलेगी। इस घोषणा की दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल विजयी होना किसी प्रत्याशी को  चुनाव के दौरान टिकट पाने में मदद नहीं करेगा। बल्कि निष्ठा और जीतने की योग्यता के बीच एक संतुलन बनाकर रखा जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed