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Rahul Gandhi: 'मैं मणिपुर गया, पर PM नहीं, शायद मणिपुर उनके लिए भारत नहीं है', राहुल ने BJP पर साधा निशाना

Wed, 09 Aug 2023 01:58 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 09 Aug 2023 01:58 PM IST
सार

सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बहस शुरू की। उन्होंने कहा कि मैंने पिछली बार जब बोला, तब आपको शायद कष्ट पहुंचा। जब मैंने इतनी जोर से अदाणी जी के बारे में बोला तो आपके वरिष्ठ नेताओं को कष्ट हुआ।

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Rahul Gandhi in Lok Sabha No Confidence Motion Modi Government INDIA Opposition news and update
राहुल गांधी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मोदी सरकार बुधवार यानी आज अपने दूसरे कार्यकाल में पहले अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है। सरकार के खिलाफ इस अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में बोलना शुरू किया। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब मैं बोला तो अदाणी जी पर फोकस किया तो आपके सीनियर नेता को थोड़ा कष्ट हुआ। मगर मैंने सिर्फ सच्चाई रखी थी। आज जो भाजपा के मित्र हैं उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।

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हालांकि, राहुल गांधी जैसे ही बोलने के लिए खड़े हुए, भारत छोड़ो के नारे लगने लगे। राहुल ने कहा कि अध्यक्ष महोदय सबसे पहले मैं आपको मुझे लोकसभा के सांसद के रूप में बहाल करने के लिए धन्यवाद करना चाहता हूं। जब मैंने पिछली बार बात की थी तो शायद मैंने आपको परेशानी दी थी क्योंकि मैंने अडानी पर ध्यान केंद्रित किया था, शायद आपके वरिष्ठ नेता को दुख हुआ... उस दर्द का असर आप पर भी हुआ होगा। इसके लिए मैं आपसे माफी मांगता हूं लेकिन मैंने सच बोला। आज भाजपा के मेरे दोस्तों को डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज मेरा भाषण अडानी पर केंद्रित नहीं है। इसके बाद हंगामा होने लगा तो कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि इन्हें अभी भी कष्ट हो रहा है।
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एक दो गोले जरूर मारूंगा
राहुल ने भाषण जारी करते हुए कहा कि वो जो कष्ट हुआ, उसका असर आप पर हुआ होगा, इसके लिए माफी मांगता हूं, लेकिन मैंने सिर्फ सच्चाई सामने रखी थी। भाजपा के मित्रों को डरने की जरूरत नहीं है। आज का मेरा भाषण अदाणी जी पर नहीं है। आप रिलैक्स कर सकते हैं, शांत रह सकते हैं। आज मेरा भाषण दूसरी दिशा में जा रहा है। रूमी ने कहा था- जो शब्द दिल से आते हैं, वो शब्द दिल में जाते हैं। आज मैं दिमाग से नहीं बोलना चाह रहा, दिल से बोलना चाह रहा हूं। ...और मैं आज आप लोगों पर इतना आक्रमण नहीं करूंगा। मतलब एक-दो गोले जरूर मारूंगा, लेकिन इतना नहीं मारूंगा।
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लोगों ने बोला तुम क्यों चल रहे हो
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान बहुत सारे लोगों ने बोला तुम क्यों चल रहे हो? शुरुआत में मेरे मुंह से जवाब नहीं निकलता था। शायद मुझे ही नहीं मालूम था कि मैंने ये यात्रा क्यों शुरू की थी। जब मैंने कन्याकुमारी से यात्रा शुरू की मैं सोच रहा था मैं लोगों के बीच जाना चाहता हूं, लोगों को समझना चाहता हूं, पर मुझे स्पष्ट मालूम नहीं था मैं क्या चाहता हूं। पर कुछ दिनों में मुझे समझ में आने लगा कि जिस चीज से मुझे प्यार था, जिस चीज के लिए मैं करने के लिए तैयार हूं, जिस चीज के लिए मैं मोदी जी के जेल जाने के लिए तैयार हूं, उस चीज को मैं समझना चाहता हूं। राहुल ने कहा, "जब मैंने यात्रा शुरू की थी दो तीन दिन में मेरे घुटने में दर्द शुरू हो गया। हर कदम में दर्द। पहले दो तीन दिनों में जो अहंकार था, भेड़िया जो निकला था वो चींटी बन गया।"

यात्रा शुरू की तो अहंकार था
राहुल ने कहा कि वर्षों से मैं हर रोज आठ-दस किलोमीटर दौड़ सकता हूं। शुरुआत में मैंने सोचा था कि जब दस किलोमीटर दौड़ सकता हूं तो 25 किलोमीटर चलने का क्या मतलब। मैं कर सकता हूं। तब दिल में अहंकार था। मगर भारत अहंकार को एकदम मिटा देता है। एक सेकंड में मिटा देता है। दो-तीन दिन में मेरे घुटने में दर्द शुरू हुआ। पुरानी चोट थी। हर रोज, हर कदम दर्द। पहले दो-तीन दिनों में जो अहंकार था, जो भेड़िया निकला था, वह चींटी बन गया। वह पूरा अहंकार गायब हो गया। रोज मैं डर-डरकर चलता था कि क्या मैं कल चल पाऊंगा? यह मेरे दिल में दर्द था। मैं सह नहीं पा रहा था। एक लड़की आती है, एक चिट्ठी दे देती है। आठ साल की लड़की लिखती है- राहुल आय एम वॉकिंग विद यू, डोंट वरी। उस लड़की ने मुझे शक्ति दी, लाखों लोगों ने मुझे शक्ति दी। कोई किसान आता था, मैं एकदम उसे अपनी बात बताता था कि आपको ये करना चाहिए, वो करना चाहिए। हजारों लोग आए, फिर मैं बोल नहीं पाता था। जो मेरे दिल में बोलने की इच्छा थी, वह बंद हो गई। एक सन्नाटा सा छा गया। भीड़ की आवाज थी। भारत-जोड़ो, भारत-जोड़ो। जो मेरे से बात करता गया, उसकी आवाज में सुनता गया।

किसान ने कहा- उद्योगपतियों ने मेरे बीमा का पैसा छीन लिया
राहुल ने कहा कि हर रोज सुबह छह बजे से रात सात-आठ बजे तक गरीब, किसान, मजदूर, व्यापारी, सबकी आवाज सुनी। मैं बात सुनता गया। फिर मेरे पास एक किसान आया और किसान ने हाथ में रुई पकड़ी हुई थी और उसने मुझे कहा कि राहुल जी, यही बचा है मेरे खेत का और कुछ नहीं बचा। मैंने उससे पूछा कि क्या बीमा का पैसा मिला? किसान ने मेरा हाथ पकड़कर कहा कि मुझे पैसा नहीं मिला। हिंदुस्तान के बड़े उद्योगपतियों ने वह मुझसे छीन लिया। मगर इस बार अजीब सी चीज हुई। उसके दिल में जो दर्द था, वह मेरे दिल में आया। जब वह अपनी बीवी से बात करता था, वह शर्म जो उसकी आंखों में थी, वह शर्म मेरी आंखों में आई। उसके बाद यात्रा बदल गई। मुझे भीड़ की नहीं, सिर्फ उस व्यक्ति की आवाज सुनाई देती थी। उसका दर्द, उसकी चोट, उसका दुख, मेरा दुख, मेरी चोट, मेरा दर्द बन गया।

'आप कहेंगे कि यह बात मैंने अभी क्यों रखी?'
राहुल ने कहा कि कोई कहता है यह देश अलग जमीन है, अलग मिट्टी, धर्म है, सोना है, चांदी है, मगर सच्चाई यह है कि यह देश सिर्फ एक आवाज है। अगर हमें इस आवाज को सुनना है तो हमारे दिल में जो अहंकार है, जो सपने हैं, उन्हें हमें परे करना होगा। तब हमें हिंदुस्तान की आवाज सुनाई देगी। अब आप कहेंगे कि यह बात मैंने अविश्वास प्रस्ताव में क्यों रखी? भारत इस देश के सब लोगों की आवाज है। हमें अहंकार, नफरत को मिटाना पड़ेगा। 

'मैं मणिपुर गया, प्रधानमंत्री आज तक नहीं गए'
राहुल ने कहा कि कुछ ही दिन पहले मैं मणिपुर गया। हमारे प्रधानमंत्री आज तक नहीं गए क्योंकि उनके लिए मणिपुर हिंदुस्तान नहीं है। मैंने मणिपुर शब्द प्रयोग किया, लेकिन आज की सच्चाई यह है कि मणिपुर नहीं बचा है। मणिपुर को आपने दो भाग में बांट दिया है, तोड़ दिया है। मैं मणिपुर में राहत शिविरों में गया। वहां महिलाओं से बात की, बच्चों से बात की, जो प्रधानमंत्री ने आज तक नहीं की। 



मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की
राहुल ने कहा कि एक महिला से पूछा कि क्या हुआ आपके साथ? वो कहती हैं कि मेरा छोटा सा बेटा था, एक ही बच्चा था मेरा, मेरी आंखों के सामने उसे गोली मारी गई। ...आप अपने बेटों के बारे में सोचिए। मैं पूरी रात उसकी लाश के साथ लेटी रही। (विपक्ष ने कहा कि ये झूठ है, इस पर राहुल ने कहा कि नहीं, झूठ आप बोलते हैं, मैं नहीं) फिर मुझे डर लगा, मैंने घर छोड़ दिया। मैंने पूछा कि कुछ तो लाई होगी। वो बोलीं कि सिर्फ मेरे कपड़े मेरे पास हैं। ...फिर फोटो निकालकर कहती हैं कि यही मेरे पास अब बचा है। दूसरे शिविर में एक और महिला से पूछा कि तुम्हारे साथ क्या होगा। जैसे ही मैंने सवाल पूछा, वैसे ही वो कांपने लगी, उसने अपने दिमाग में वह दृश्य याद किया और बेहोश हो गई। ...इन्होंने मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की है, इनकी राजनीति ने मणिपुर को नहीं, हिंदुस्तान को मणिपुर में मारा है। हिंदुस्तान का मणिपुर में मर्डर किया है।

राहुल के बयान पर लोकसभा में जबर्दस्त हंगामा
मणिपुर में हिंदुस्तान का कत्ल होने का जैसे ही राहुल गांधी ने आरोप लगाया, लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। कई सांसदों के बीच नोक-झोंक हुई। राहुल को भाषण में बीच में रोकना पड़ा। फिर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू उठे और कहा कि राहुल गांधी ने आज सदन में जो बातें कहीं हैं, मैं उस पर सवाल पूछना चाहता हूं। सात दशक तक यह होता रहा, इसकी जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी है। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। पूर्वोत्तर को इन्होंने बर्बाद किया है। आज वहां सारी दिक्कत कांग्रेस पार्टी की वजह से है। 

स्पीकर भी हुए नाराज
लोकसभा अध्यक्ष ने फिर विपक्षी सांसदों से कहा कि आप जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, उससे सदन नहीं चलेगा। यह तरीका ठीक नहीं है। जो सदस्य ऐसा करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। मैं बहुत शांति से सुन रहा हूं, इसका मतलब ये नहीं है कि आप ऐसा करें। स्पीकर ने सत्ता पक्ष के सांसदों से कहा कि आप भी बैठिए। 


राहुल ने भाषण दोबारा शुरू करते हुए कहा कि जैसे मैंने शुरुआत में कहा था कि भारत एक आवाज है। उस आवाज की हत्या आपने मणिपुर में की। इसका मतलब आपने भारत माता की हत्या मणिपुर में की। आपने मणिपुर के लोगों को मारकर भारत की हत्या की है। आप देशभक्त, देशप्रेमी नहीं हो, आप देशद्रोही हो। इसलिए प्रधानमंत्री मणिपुर नहीं जा सकते क्योंकि उन्होंने मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की है। आप भारत माता के हत्यारे हो।

स्पीकर के रोकने पर भी नहीं रुके राहुल 
राहुल गांधी  ने कहा कि एक मेरी मां यहां बैठी हैं, दूसरी मां को इन्होंने मणिपुर में मार दिया। स्पीकर ने राहुल को टोकते हुए कहा: माननीय सदस्यों, भारत मां, हमारी मां है। हमें सदन में बोलते समय संयम बरतना चाहिए। इस पर राहुल ने कहा कि मैं मणिपुर में अपनी मां की हत्या की बात कर रहा हूं। एक मेरी मां यहां बैठी हैं, दूसरी मां को इन्होंने मणिपुर में मारा है। ...और हर रोज, जब तक आप हिंसा को बंद नहीं करोगे, तब तक आप मेरी मां की हत्या कर रहे हो। हिंदुस्तान की सेना मणिपुर में एक दिन में शांति ला सकती है, लेकिन आप नहीं होने दे रहे क्योंकि आप हिंदुस्तान को मणिपुर में मारना चाहते हो। मोदी जी अगर हिंदुस्तान की आवाज नहीं सुनते हैं, मणिपुर की आवाज नहीं सुनते हैं तो सिर्फ दो लोगों की आवाज सुनते हैं। रावण दो लोगों की सुनता था- मेघनाथ और कुंभकर्ण। वैसे ही नरेंद्र मोदी दो लोगों की सुनते हैं- अमित शाह और अदाणी। लंका को हनुमान ने नहीं जलाया था, लंका को रावण के अहंकार ने जलाया था। 
स्पीकर ने दोबारा कहा: आप संयमित बोलें, यह तरीका नहीं है। 

राहुल ने कहा कि आप पूरे देश में केरोसिन फेंक रहे हो, आपने मणिपुर में चिंगारी लगाई, अब हरियाणा में कर रहे हो, आप पूरे देश में भारत माता की हत्या कर रहे हो। 

स्पीकर ने कहा कि यह सदन है माननीय सदस्य। आप किस तरह बोलना चाहते हैं।

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