Defamation Case: राहुल गांधी को जान का खतरा!, कांग्रेस बोली- वकील ने बिना अनुमति के दी याचिका; वापस लिया जाएगा
Savarkar Defamation Case: सावरकर पर टिप्पणी के कारण पुणे में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला चल रहा है। इसी मामले में पुणे की एक विशेष अदालत ने बुधवार को उनके वकील की ओर से एक याचिका दायर की गई थी। अब इस मामले में वकील ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने राहुल गांधी की अनुमति के बिना याचिका दायर की थी, वे 14 अगस्त को इसे वापस ले लेंगे।
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विस्तार
वीर सावरकर पर की गई टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि मामले में उनके वकील ने पुणे कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। जिसमें राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। वहीं अब इस मामले में राहुल गांधी के वकील ने कहा है कि उनहोंने अपने मुवक्किल के अनुमति के बिना याचिका कोर्ट में दायर की थी। जिसे वे कल वापस ले लेंगे। बता दें कि विनायक सावरकर पर टिप्पणी के कारण पुणे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला चल रहा है। इसी मामले में पुणे की एक विशेष सांसद-विधायक अदालत ने बुधवार को राहुल गांधी के वकील की ओर से दायर एक याचिका को रिकॉर्ड में लिया। इस याचिका में राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर आशंका व्यक्त की गई है।
Shri Rahul Gandhi's lawyer had filed a written statement (pursis) in the court citing threat to his life without Rahul ji’s consent.
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Rahul Gandhi strongly disagrees with this.
The lawyer will withdraw this written statement from the court tomorrow.
Here is the statement👇 pic.twitter.com/rofriCyHO8 — Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) August 13, 2025
पवन खेड़ा ने भी मामले में दी सफाई
इस मामले में कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी के वकील ने कोर्ट में उनकी जान को खतरे का मुद्दा उनकी अनुमति के बिना उठाया। पवन खेड़ा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया, 'राहुल गांधी को इस पर कड़ा एतराज है और कल उनके वकील कोर्ट में यह बयान वापस ले लेंगे।' इसके साथ ही पवन खेड़ा ने वकील का एक प्रेस नोट भी साझा किया, जिसमें लिखा था, '13 अगस्त 2025 को कोर्ट में जो ‘पर्सिस’ दाखिल किया गया, वह मैंने अपने मुवक्किल की अनुमति के बिना किया था। इसकी सामग्री मैंने राहुल गांधी से बिना चर्चा किए तैयार की। उन्होंने इस पर कड़ा विरोध जताया और पर्सिस की बातों से असहमति जताई है।' वकील पवार ने कहा, 'मैं कल माननीय कोर्ट में इस पर्सिस को वापस लेने के लिए औपचारिक अर्जी दूंगा।'
याचिका में क्या कहा गया था?
दायर याचिका में कहा गया था कि खासकर कथित 'वोट चोरी' का 'पर्दाफाश' करने के बाद सुरक्षा से जुड़ी आशंका और बढ़ गई है। वकील मिलिंद पवार ने अपनी याचिका में कहा है कि कैसे भाजपा नेता आरएन बिट्टू ने गांधी को 'आतंकवादी' कहा है। एक अन्य भाजपा नेता तरविंदर मारवाह ने भी खुली धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि गांधी को 'अच्छा व्यवहार करना चाहिए अन्यथा उनका भी अपनी दादी जैसा ही हश्र होगा।'
इसके अलावा, पवार ने इस मामले में शिकायतकर्ता सत्याकि का सावरकर और गोडसे परिवारों से संबंधित होने की भी चर्चा की थी। राहुल गांधी के वकील ने कहा है कि वे अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर सकते हैं। याचिका में कहा गया है, "शिकायतकर्ता के वंश से जुड़ी हिंसक और संविधान विरोधी प्रवृत्तियों और मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए, यह स्पष्ट, उचित और पर्याप्त आशंका है कि गांधी को विनायक सावरकर की विचारधारा को मानने वाले व्यक्तियों की ओर से नुकसान पहुंचाया जा सकता है। याचिका में कहा गया है कि महात्मा गांधी की हत्या आवेग में की गई कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह एक साजिश का परिणाम था। यह एक एक विशिष्ट विचारधारा पर आधारित थी। इसकी परिणति एक निहत्थे व्यक्ति के खिलाफ जानबूझकर की गई हिंसा में हुई।
इतिहास को खुद को दोहराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए: राहुल गांधी
याचिका में कहा गया, " मानहानि मामले के याचिकाकर्ता के गंभीर इतिहास को देखते हुए, बचाव पक्ष को वास्तविक और उचित आशंका है कि इतिहास को खुद को दोहराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।" आवेदन में कहा गया है कि गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और उन्होंने हाल ही में नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर देश के सामने चुनाव आयोग द्वारा चुनावी धोखाधड़ी के सबूत रखे थे।
उन्होंने संसद परिसर में "वोट चोर सरकार" जैसे नारे लगाते हुए धरना भी दिया। आवेदन में कहा गया है, "इसके अलावा, हिंदुत्व के विषय पर संसदीय बहस के दौरान, प्रधानमंत्री और राहुल गांधी के बीच तीखी बहस हुई, जो जनता को अच्छी तरह पता है। इस पृष्ठभूमि में, इसमें कोई संदेह नहीं है कि शिकायतकर्ता, उनके परदादा (गोडसे), विनायक सावरकर की विचारधारा से जुड़े लोग और सावरकर के कुछ अनुयायी जो वर्तमान में सत्ता में हैं, गांधी के प्रति शत्रुता या नाराजगी रखते होंगे।"
आवेदन में कहा गया है, "शिकायतकर्ता के वंश से जुड़ी हिंसक और संविधान विरोधी प्रवृत्तियों के इतिहास के मद्देनजर, और मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए, यह स्पष्ट, उचित और पर्याप्त आशंका है कि राहुल गांधी को विनायक दामोदर सावरकर की विचारधारा को मानने वाले व्यक्तियों की ओर से नुकसान पहुंचाया जा सकता है।"
राहुल गांधी को मानहानि मामले में पहले ही मिल चुकी है जमानत
राहुल गांधी के वकील ने कहा, "इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि विनायक दामोदर सावरकर की असंवैधानिक विचारधारा और विचारों से प्रेरित और नाथूराम व गोपाल गोडसे जैसी खतरनाक मानसिकता रखने वाले कुछ लोग गांधी के जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।" अदालत पहले ही इस मामले में राहुल गांधी को जमानत दे चुकी है।
इस याचिका पर प्रतिक्रिया देते हुए, सत्यकी सावरकर ने कहा कि यह तुच्छ है और मुकदमे में देरी करने के इरादे से दायर की गई है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "गांधी की ओर से दायर आवेदन में उल्लिखित तथ्यों का वर्तमान मामले से कोई लेना-देना नहीं है।"
सत्यकी सावरकर ने गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप लगाया गया है कि मार्च 2023 में लंदन में दिए गए भाषण में कांग्रेस नेता ने दावा किया था कि वीडी सावरकर ने एक किताब में लिखा है कि उन्होंने और उनके पांच से छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें (सावरकर को) खुशी हुई थी। सत्यकी सावरकर ने कहा कि ऐसी कोई घटना कभी नहीं हुई और वीडी सावरकर ने कभी भी कहीं ऐसी कोई बात नहीं लिखी।