{"_id":"6abe64d41d00b3237303e19e","slug":"rahul-gandhi-big-claim-on-form-7-allegation-of-attempt-to-delete-names-of-15000-voters-in-belagavi-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार और भाजपा को घेरा: फॉर्म-7 के जरिए 15000 वोटर हटाने का लगाया आरोप, क्या सवाल उठाए?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार और भाजपा को घेरा: फॉर्म-7 के जरिए 15000 वोटर हटाने का लगाया आरोप, क्या सवाल उठाए?
Thu, 01 Oct 2026 07:19 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Thu, 01 Oct 2026 07:19 PM IST
सार
बेलगावी में फॉर्म-7 को लेकर विवाद के बीच राहुल गांधी ने करीब 15 हजार वोटरों के नाम हटाने की कथित साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मोदी-शाह के खिलाफ जांच की मांग की। लेकिन फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाने की प्रक्रिया क्या है? बेलगावी में कितने आवेदन मिले? क्या किसी मतदाता का नाम वास्तव में हटाया गया? राहुल के 15 हजार वाले दावे का आधार क्या है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विज्ञापन
राहुल गांधी, कांग्रेस नेता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
कर्नाटक के बेलगावी में मतदाता सूची को लेकर विवाद अब और तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फॉर्म-7 के जरिए करीब 15 हजार मतदाताओं के नाम हटाने की कथित कोशिश का आरोप लगाया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा कि 22, 23 और 24 सितंबर को बड़ी संख्या में फॉर्म-7 आवेदन सामने आए। इनके जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने की तैयारी की जा रही थी। राहुल ने इस मामले को वोट चोरी से जोड़ते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने 15 हजार वोटरों को लेकर क्या दावा किया?
राहुल गांधी ने कहा कि बेलगावी में केवल तीन दिनों में करीब 15 हजार मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए Form-7 की बड़ी संख्या में आवेदन आए। उन्होंने दावा किया कि 22, 23 और 24 सितंबर को ये आवेदन जमा किए गए। राहुल के मुताबिक, इन आवेदनों के निशाने पर मुस्लिम, एससी, एसटी और ओबीसी मतदाता थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन समुदायों के बड़ी संख्या में लोग भाजपा के खिलाफ मतदान करते हैं और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
आगे आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने का काम केंद्रीकृत तरीके से सॉफ्टवेयर के जरिए किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि चुनिंदा लोगों के खिलाफ भाजपा और चुनाव आयोग से जुड़े लोग मिलकर थोक में फॉर्म-7 भरते हैं और इस तरह बड़ी संख्या में नाम वोटर लिस्ट से गायब किए जा सकते हैं। राहुल ने यह भी सवाल उठाया कि कर्नाटक कांग्रेस के नेता कथित मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर की मांग कर रहे हैं, फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर एफआईआर को लेकर क्या रुख है। उन्होंने एसआईआर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए।
विज्ञापन
फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाने को लेकर क्या विवाद है?
फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटाने के लिए आपत्ति या आवेदन देने में किया जाता है। बेलगावी में कई मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन सामने आने के बाद विवाद शुरू हुआ। एक मामले में करीब 200 फॉर्म-7 आवेदन बूथ लेवल अधिकारी के पास पहुंचाए गए थे। आरोप था कि इन आवेदनों पर हस्ताक्षर करने के लिए अधिकारी पर दबाव बनाया गया। संबंधित अधिकारी ने हस्ताक्षर करने से इनकार किया था। बाद में प्रशासन की ओर से कहा गया कि इन आपत्तियों के आधार पर किसी मतदाता का नाम हटाया नहीं गया था।
बेलगावी में फॉर्म-7 को लेकर अभी तक क्या सामने आया है?
बेलगावी के कुछ मतदान केंद्रों पर पहले से भरे हुए फॉर्म-7 आवेदन मिलने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ फॉर्म में मतदाताओं के नाम और दूसरी जानकारी पहले से दर्ज थी। कुछ बूथ लेवल अधिकारियों ने दबाव बनाए जाने की बात कही है। एक बूथ लेवल एजेंट ने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में मिले फॉर्म में उसके अपने परिवार और आसपास रहने वाले लोगों के नाम शामिल थे। हालांकि, इन घटनाओं और राहुल गांधी के करीब 15 हजार नामों वाले दावे को एक ही संख्या के रूप में जोड़ना अभी सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी में अलग-अलग स्थानों पर अलग संख्या के आवेदन सामने आए हैं।
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों की?
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देकर सरकारी गवाह यानी अप्रूवर बन जाना चाहिए और प्रधानमंत्री मोदी तथा अमित शाह के खिलाफ जांच होनी चाहिए। उन्होंने एसआईआर के जरिए लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप भी लगाया। राहुल ने अपने रीट्वीट में दावा किया कि बेलगावी में मुस्लिम मतदाताओं की जानकारी पहले से भरे फॉर्म-7 आवेदनों में मिली और बूथ लेवल अधिकारियों पर उन लोगों के नाम हटाने वाले फॉर्म पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया।
विज्ञापन
राहुल गांधी ने 15 हजार वोटरों को लेकर क्या दावा किया?
राहुल गांधी ने कहा कि बेलगावी में केवल तीन दिनों में करीब 15 हजार मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए Form-7 की बड़ी संख्या में आवेदन आए। उन्होंने दावा किया कि 22, 23 और 24 सितंबर को ये आवेदन जमा किए गए। राहुल के मुताबिक, इन आवेदनों के निशाने पर मुस्लिम, एससी, एसटी और ओबीसी मतदाता थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन समुदायों के बड़ी संख्या में लोग भाजपा के खिलाफ मतदान करते हैं और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
आगे आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने का काम केंद्रीकृत तरीके से सॉफ्टवेयर के जरिए किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि चुनिंदा लोगों के खिलाफ भाजपा और चुनाव आयोग से जुड़े लोग मिलकर थोक में फॉर्म-7 भरते हैं और इस तरह बड़ी संख्या में नाम वोटर लिस्ट से गायब किए जा सकते हैं। राहुल ने यह भी सवाल उठाया कि कर्नाटक कांग्रेस के नेता कथित मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर की मांग कर रहे हैं, फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर एफआईआर को लेकर क्या रुख है। उन्होंने एसआईआर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए।
विज्ञापन
फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाने को लेकर क्या विवाद है?
फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटाने के लिए आपत्ति या आवेदन देने में किया जाता है। बेलगावी में कई मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन सामने आने के बाद विवाद शुरू हुआ। एक मामले में करीब 200 फॉर्म-7 आवेदन बूथ लेवल अधिकारी के पास पहुंचाए गए थे। आरोप था कि इन आवेदनों पर हस्ताक्षर करने के लिए अधिकारी पर दबाव बनाया गया। संबंधित अधिकारी ने हस्ताक्षर करने से इनकार किया था। बाद में प्रशासन की ओर से कहा गया कि इन आपत्तियों के आधार पर किसी मतदाता का नाम हटाया नहीं गया था।
बेलगावी में फॉर्म-7 को लेकर अभी तक क्या सामने आया है?
बेलगावी के कुछ मतदान केंद्रों पर पहले से भरे हुए फॉर्म-7 आवेदन मिलने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ फॉर्म में मतदाताओं के नाम और दूसरी जानकारी पहले से दर्ज थी। कुछ बूथ लेवल अधिकारियों ने दबाव बनाए जाने की बात कही है। एक बूथ लेवल एजेंट ने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में मिले फॉर्म में उसके अपने परिवार और आसपास रहने वाले लोगों के नाम शामिल थे। हालांकि, इन घटनाओं और राहुल गांधी के करीब 15 हजार नामों वाले दावे को एक ही संख्या के रूप में जोड़ना अभी सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी में अलग-अलग स्थानों पर अलग संख्या के आवेदन सामने आए हैं।
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों की?
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देकर सरकारी गवाह यानी अप्रूवर बन जाना चाहिए और प्रधानमंत्री मोदी तथा अमित शाह के खिलाफ जांच होनी चाहिए। उन्होंने एसआईआर के जरिए लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप भी लगाया। राहुल ने अपने रीट्वीट में दावा किया कि बेलगावी में मुस्लिम मतदाताओं की जानकारी पहले से भरे फॉर्म-7 आवेदनों में मिली और बूथ लेवल अधिकारियों पर उन लोगों के नाम हटाने वाले फॉर्म पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया।