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Hindi News ›   India News ›   Asaduddin Owaisi AIMIM open for alliance in Uttar Pradesh to stop BJP third term

यूपी में भाजपा सरकार को रोकने की तैयारी: गठबंधन के लिए ओवैसी ने खोले दरवाजे; क्या है एआईएमआईएम की रणनीति?

Thu, 01 Oct 2026 08:56 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: राकेश कुमार Updated Thu, 01 Oct 2026 08:56 PM IST
सार

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा को तीसरी बार सत्ता में आने से रोकने के लिए अन्य दलों के साथ गठबंधन करने को तैयार है। उन्होंने बिहार में पार्टी विधायकों के पाला बदलने का मुद्दा उठाया और विपक्ष के चुनाव हारने के तर्कों पर सवाल किए। ओवैसी ने समान नागरिक संहिता को लेकर सरकार पर निशाना साधा और इसे हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश बताया।
 

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Asaduddin Owaisi AIMIM open for alliance in Uttar Pradesh to stop BJP third term
असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम प्रमुख - फोटो : ANI

विस्तार

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन के संकेत दिए हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में आने से रोकना चाहती है। इसके लिए वह दूसरी राजनीतिक पार्टियों के साथ गठबंधन करने को तैयार है। हालांकि, गठबंधन किसके साथ होगा? इस पर उन्होंने अभी कोई नाम नहीं बताया।
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बिहार का जिक्र कर ओवैसी ने विपक्ष को घेरा
छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ओवैसी ने बिहार में अपनी पार्टी के साथ हुए घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में जब एआईएमआईएम के चार विधायक पार्टी छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए थे, तब उनकी पार्टी ने केवल छह सीटें मांगी थीं। इसके बावजूद किसी ने उनकी पार्टी के पक्ष में आवाज नहीं उठाई। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी ने दोबारा चुनाव लड़ा और जनता के समर्थन से पांच सीटें जीतीं।
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यूपी में पूरी ताकत से चुनाव लड़ने का दावा
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन को लेकर अब दूसरी राजनीतिक पार्टियों को फैसला करना है। उनकी पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। जब भी किसी दल के साथ गठबंधन होगा, इसकी जानकारी दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अपना राजनीतिक भविष्य खुद तय करेगी और अपना नेतृत्व तैयार करेगी। उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा की सभी 403 सीटों के लिए चुनाव प्रस्तावित हैं।
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विपक्ष के चुनाव हारने के तर्क पर भी उठाए सवाल
ओवैसी ने उन राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा, जो चुनाव हारने के लिए कभी उनकी पार्टी के चुनाव लड़ने और कभी मतों की चोरी को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को स्पष्ट करना चाहिए कि वह चुनाव में हार के लिए किसे जिम्मेदार मानता है। उनके मुताबिक, दोनों तर्क एक साथ देने पर सवाल खड़े होते हैं।

यह भी पढ़ें: यूपी: राज्यसभा की तीसरी सीट जीतने के लिए सपा बना रही रणनीति, अखिलेश बोले- लौट आएं बागी विधायक


समान नागरिक संहिता को लेकर सरकार पर क्या आरोप लगाए? 
असदुद्दीन ओवैसी ने समान नागरिक संहिता को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड, असम और गुजरात में लागू या प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के प्रावधान हिंदू विवाह कानून और हिंदू उत्तराधिकार कानून की नकल हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है। ओवैसी का दावा है कि अलग-अलग धर्मों की विवाह परंपराओं और जीवनशैली को ध्यान में रखे बिना एक समान कानून लागू करना उचित नहीं है।

समान नागरिक संहिता को बताया हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश
इतना ही नहीं, ओवैसी ने कहा कि इस्लाम में विवाह को एक अनुबंध माना जाता है। ऐसे में हिंदू विवाह कानून को मुसलमानों पर लागू करने का क्या औचित्य है? उन्होंने संपत्ति में महिलाओं के समान अधिकार के मुद्दे पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि वसीयत से जुड़े प्रावधानों के कारण संपत्ति एक बेटे को भी दी जा सकती है, भले ही परिवार में तीन बेटे हों। ओवैसी ने आरोप लगाया कि समान नागरिक संहिता के जरिए मुसलमानों पर हिंदू कानून थोपने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 29 का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है।
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