'भाजपा जाएगी': ममता बोलीं- 2029 का इंतजार न करे, खेल शुरू हो गया है; टीएमसी नेताओं पर हुए हमलों पर क्या कहा?
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा है कि भाजपा को सत्ता से बाहर होने के लिए 2029 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है और उन्होंने दावा किया कि खेल शुरू हो गया है। साथ ही उन्होंने बंगाल में अपने घर के बाहर भीड़ जुटने और टीएमसी नेताओं पर हमलों का आरोप लगाया। ममता ने इंडिया गठबंधन से एकजुट होकर लड़ने की अपील की। इन बयानों का पूरा मतलब क्या है?उन्होंने किन घटनाओं का जिक्र किया?
विस्तार
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भाजपा और राज्य की राजनीतिक स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता ने कहा कि उन्हें लगता है कि इस बार भाजपा जाएगी और विपक्ष को 2029 के लोकसभा चुनाव तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि खेल शुरू हो गया है। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता ने अपने घर और अन्य विपक्षी नेताओं के घरों के बाहर कथित हंगामे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि उनके घर के बाहर हर रात 200 से 300 लोग जुटते हैं और नारे लगाते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी वापस ले ली गई है।
ममता ने टीएमसी नेताओं पर हमलों को लेकर क्या आरोप लगाए?
- ममता बनर्जी ने हाल के दिनों में टीएमसी नेताओं के साथ हुई घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने महुआ मोइत्रा, कुणाल घोष और अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामलों को सामने रखा। महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि 16 सितंबर को कृष्णानगर में अपने क्षेत्र के दौरे के दौरान उन पर अंडे फेंके गए और पुलिस ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।
- कुणाल घोष ने भी आरोप लगाया कि 26 सितंबर को हुगली में उनकी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गए, जिससे वाहन के शीशे क्षतिग्रस्त हुए। अभिषेक बनर्जी ने इससे पहले आरोप लगाया था कि कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित उनके कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। भाजपा ने इस आरोप से इनकार किया था। पुलिस ने मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन उस समय उनकी राजनीतिक संबद्धता स्पष्ट नहीं हुई थी।
ममता ने पुलिस और बंगाल की कानून-व्यवस्था पर क्या कहा?
ममता ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस थाने भाजपा के ब्लॉक कार्यालयों की तरह काम कर रहे हैं और पुलिस का इस्तेमाल विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ 14 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं और कुछ लोगों को जमानत मिलने के बाद उनके खिलाफ नए मामले भी दर्ज किए जा रहे हैं। ममता ने यह भी दावा किया कि चुनाव के बाद 70 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और यौन हिंसा के 45 से ज्यादा मामले सामने आए। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि कितने लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। ममता के मुताबिक, इन घटनाओं से विपक्षी कार्यकर्ताओं और आम लोगों में डर का माहौल बना है। ये आंकड़े और आरोप ममता की ओर से लगाए गए दावे हैं।
भाजपा को लेकर 2029 से पहले ममता ने क्या दावा किया?
ममता ने कहा कि विपक्ष को भाजपा के खिलाफ मौजूदा राजनीतिक लड़ाई पर ध्यान देना चाहिए और 2029 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि इस बार भाजपा जाएगी और हमें 2029 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। देखते हैं क्या होता है। खेल शुरू हो गया है।" उन्होंने साथ ही स्पष्ट किया कि वह किसी निश्चित समय की भविष्यवाणी नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव दो महीने, तीन महीने या छह महीने में हो सकता है और वह ज्योतिषी नहीं हैं। ममता ने कहा कि उन्हें लगता है कि बहुत जल्द अच्छी खबर मिल सकती है। यह ममता का राजनीतिक दावा है, चुनावी परिणाम की भविष्यवाणी नहीं।
इंडिया गठबंधन और चुनाव आयोग को लेकर ममता का क्या रुख?
ममता ने विपक्षी इंडिया गठबंधन से एकजुट होकर लड़ने की अपील की। उनका कहना था कि तत्काल राजनीतिक लड़ाई में सभी विपक्षी दलों को साथ आना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्षी मांग का समर्थन किया और चुनाव व्यवस्था में सुधार की बात कही। यह बयान विपक्षी गठबंधन की उस बैठक के एक दिन बाद आया, जिसमें एसआईआर को लेकर संयुक्त आंदोलन की योजना बनाई गई। विपक्षी दलों ने 2 से 8 अक्तूबर तक ‘सेव डेमोक्रेसी’ कार्यक्रम, 6 अक्तूबर को चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च और आगे बड़े कार्यक्रमों की योजना बनाई है। ममता ने कहा कि टीएमसी इंडिया गठबंधन में है और गठबंधन जो सामूहिक फैसला करेगा, पार्टी उसके साथ रहेगी।
ममता ने अपने बयान में कौन-कौन से मुद्दे उठाए?
- भाजपा के 2029 तक सत्ता में रहने के बजाय उससे पहले बदलाव होने का दावा किया। कहा कि खेल शुरू हो गया है।
- अपने घर के बाहर हर रात 200 से 300 लोगों के जुटने का आरोप लगाया। अपनी सुरक्षा व्यवस्था वापस लिए जाने का दावा किया।
- महुआ मोइत्रा, कुणाल घोष और अभिषेक बनर्जी से जुड़ी घटनाओं का जिक्र किया। कार्यकर्ताओं के खिलाफ 14 हजार से ज्यादा मामले दर्ज होने का दावा किया।
- चुनाव के बाद 70 से ज्यादा मौतों और 45 से ज्यादा यौन हिंसा के मामलों का दावा किया। पुलिस पर विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने के लिए इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया।
- इंडिया गठबंधन से एकजुट होकर तत्काल राजनीतिक लड़ाई लड़ने की अपील की। एसआईआर और चुनाव आयोग के मुद्दे पर संयुक्त विपक्षी आंदोलन का समर्थन किया।
विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व को लेकर राहुल गांधी का नाम पूछे जाने पर ममता ने कहा कि इंडिया गठबंधन एक परिवार की तरह है और फैसले सामूहिक रूप से लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को किसी एक नेता या एक पार्टी के फैसले तक सीमित नहीं किया जा सकता। चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे आंदोलन पर ममता ने कहा कि विपक्ष डरने वाला नहीं है और वह लड़ाई जारी रखेगा। बुधवार की बैठक में विपक्षी दलों ने एसआईआर और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त कार्यक्रम चलाने पर सहमति बनाई थी। ममता ने इस लड़ाई में दूसरे राजनीतिक समूहों को भी साथ लाने की बात कही थी।