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Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी के 'प्यार मोहब्बत कनेक्शन' के पीछे की यह है असली कहानी!

Sun, 25 Dec 2022 07:48 AM IST
आशीष तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशीष तिवारी Updated Sun, 25 Dec 2022 07:48 AM IST
सार

राहुल गांधी बीते कुछ दिनों से लगातार अपनी रैलियों में जब वह मीडिया से सीधे या जनता से मुखातिब होते हैं तो सबसे ज्यादा मोहब्बत का ही जिक्र कर रहे हैं। 

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Rahul Gandhi Bharat Jodo Yatra the real story behind his message of Love Logic news in hindi
समर्थक के साथ राहुल गांधी। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राहुल गांधी अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा जिन बातों का जिक्र करते हैं उसमें मोहब्बत और प्यार का जिक्र खूब होता है। लाल किले से राहुल गांधी ने शनिवार को एक बार फिर से मोहब्बत की बात की। सिर्फ लाल किले ही नहीं बल्कि राहुल गांधी ने अपनी मां सोनिया गांधी की तस्वीर ट्वीट करते हुए भी प्यार और मोहब्बत को फैलाने का जिक्र किया। राजनीति गलियारों में राहुल गांधी के इस प्यार और मोहब्बत के लॉजिक को लेकर तमाम सियासी गुणा गणित लगाए जा रहे है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राहुल गांधी लगातार मोहब्बत की बात करते हुए यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि 2024 में होने वाले लोकसभा के चुनाव में लड़ाई प्यार मोहब्बत वर्सेस नफरत की होने वाली है। यही वजह है कि राहुल गांधी लगातार अपनी जनसभाओं में मोहब्बत और नफरत के नैरेटिव को सेट करने की कोशिश कर रहे हैं।
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राहुल गांधी बीते कुछ दिनों से लगातार अपनी रैलियों में जब वह मीडिया से सीधे या जनता से मुखातिब होते हैं तो सबसे ज्यादा मोहब्बत का ही जिक्र कर रहे हैं। दरअसल पिछले सप्ताह अलवर में राहुल गांधी ने जब यह बात कही कि वह नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं तब से लेकर अब तक विरोधियों ने भी राहुल गांधी पर निशाना साध लिया है। राजनीतिक विश्लेषण हरिहर पांडे कहते हैं कि राहुल गांधी को इस बात का भली-भांति अंदाजा है जब नफरत और मोहब्बत की बात करेंगे तो विरोधी उन पर हमला करेंगे। यही वजह है कि राहुल गांधी लगातार प्यार मोहब्बत और नफरत के माहौल की बात भारत जोड़ो यात्रा के दौरान करते है। हरिहर पांडे कहते हैं की राजनीति में बोला गया कोई भी शब्द बेकार नहीं होता है। उसके कहीं ना कहीं बड़े और दूरगामी मायने होते ही हैं। राहुल गांधी के बोले जा रहे इन शब्दों के भी दूरगाम मायने दिख रहे हैं।
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शनिवार को राहुल गांधी की यात्रा जब दिल्ली पहुंची इस दौरान उन्होंने नफरत मोहब्बत और प्यार जैसे शब्दों का कई जगह पर जिक्र किया। दोपहर को राहुल गांधी जब अपनी मां से मिले तो उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा जो मोहब्बत इनसे मिली है वही देश से बांट रहा हूं। फिर जब राहुल गांधी लाल किले पर पहुंचते हैं तो वहां से भी लोगों से फ्लाइंग किस करके प्यार और मोहब्बत की बात करते हैं। इसके अलावा राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपने बयानों में भी इस बात का जिक्र किया कि वह प्यार और मोहब्बत से ही देश के लोगों में एक अलग जगह बनाएंगे और नफरत की उन सभी दीवारों को मिलकर तोड़ेंगे, जो इस वक्त देश में पनप रही है। खासकर राहुल गांधी ने अपनी मोहब्बत और प्यार के जिक्र में भारतीय जनता पार्टी को ही हर बार निशाने पर लिया है।
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राजनीतिक विश्लेषक उमाकांत पाराशर कहते हैं कि राहुल गांधी ने जिस तरीके से लाल किले पर अपने संबोधन में इस बात का जिक्र किया कि जब यात्रा शुरू कर रहे थे तो उनको लग रहा था कि हर ओर बहुत नफरत है। क्योंकि माहौल ही ऐसा बनाया जा रहा था। लेकिन जब वह देश में निकले तो उन्हें कहीं भी नफरत नहीं दिखी। कहते हैं कि राहुल गांधी लगातार मोहब्बत प्यार और सद्भाव की बात लोगों को खासकर युवाओं से सीधे तौर पर जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा देश के अलग-अलग जाति धर्म और समुदाय के लोगों को एक बड़ा संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता  कहते हैं कि राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान बहुत से मुद्दों को करीब से छुआ है लेकिन इस वक्त वह जिस मोहब्बत और प्यार का जिक्र कर जनता से मुखातिब होते हैं वह कई मायनों में लोगों के दिलों को छू रहा है। उक्त वरिष्ठ कांग्रेस के नेता का कहना है कि इसका कोई सियासी मतलब नहीं है लेकिन प्यार मोहब्बत से दुनिया की तमाम जंगे जीती जा सकती हैं। राहुल गांधी इसी प्यार मोहब्बत के जरिए नफरत की दीवार को गिराएंगे।

वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक एसएन शुक्ला कहते हैं कि राहुल गांधी मोहब्बत और नफरत का एक नैरेटिव को जनता के बीच में सेट करना चाहते हैं। वो कहते हैं संभव है कि राहुल गांधी ऐसा लगातार इसलिए कह रहे हैं क्योंकि 2024 में होने वाले चुनावों में वह इसको एक बहुत बड़ा मुद्दा बनाना चाहते हो। उनका कहना है कि जिस तरीके से राहुल गांधी ने अपने संबोधन में इस बात का जिक्र किया कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर महात्मा गांधी और सरदार पटेल से लेकर लाल बहादुर शास्त्री समेत तमाम देश के बड़े नेताओं ने मोहब्बत के रास्ते पर चल कर के ही देश को आगे बढ़ाया है और नफरत की जंग में उन्होंने जीत हासिल की है। उससे इस बात का अंदाजा लगाना आसान हो जाता है कि राहुल गांधी अपनी रैली में किस मुद्दे को सबसे आगे रखकर चल रहे हैं।
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