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Bharat Jodo Yatra: पहला चरण तो सिर्फ बानगी! राहुल की भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे चरण में खूब जमेगा सियासी रंग

Mon, 26 Dec 2022 09:23 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Mon, 26 Dec 2022 09:23 PM IST
सार

राहुल गांधी दिल्ली में सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने गए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में मौजूद सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों को उनकी समाधि पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

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Rahul Gandhi Bharat Jodo Yatra first phase is only hallmark second phase will have lot of political color
bharat Jodo Yatra- Rahul Gandhi - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा राहुल गांधी की पहले की चरण की भारत यात्रा को ट्रेलर या झांकी बताते हैं। वह कहते हैं कि अभी तो पूरी फिल्म बाकी है। कांग्रेस पार्टी के मीडिया विभाग के प्रभारी और पूर्व केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश इस यात्रा की सफलता पर पहले मुस्कराते हैं और फिर हुड्डा की ही तरह इस यात्रा को एक शुरुआत मानते हैं। कन्याकुमारी और तमिलनाडु में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल एसवी रमणी कहते हैं कि 100 से अधिक लोग उनके साथ लगातार चल रहे हैं। अब तो महज 42 दिन की 448 किमी की यात्रा बची है।

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रमणी कहते हैं कि भाजपा तो दिल्ली की कामयाब यात्रा से ही परेशान हो गई। सोचिए जब भारत जोड़ो यात्रा जम्मू से श्रीनगर के रास्ते में होगी तो भाजपा मुख्यालय का क्या हाल होगा? पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को भाजपा बहुत छोटे दिल की पार्टी नजर आती है। एक अन्य केंद्रीय मंत्री का कहना है कि राहुल गांधी कन्याकुमारी से चले थे। भाजपा का पारा सात सितंबर से ही चढ़ गया था। देश की एक केंद्रीय मंत्री इससे इतना तप रही थीं कि उन्हें विवेकानंद को नमन करते राहुल गांधी भी नहीं दिखे। भाजपा ने मीडिया में न जाने क्या क्या दुष्प्रचार कराए। अभी आगे देखिए  होता है क्या?
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क्या अपने ही दांव से चित हो रही है भाजपा?
राहुल गांधी दिल्ली में सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने गए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में मौजूद सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों को उनकी समाधि पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की समाधि पर राहुल का नमन करना भाजपा को अखर गया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी लगातार सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करके परोक्ष रूप से कांग्रेस को चिढ़ाते और इस सियासी पहल से जन भावना को जोड़ते रहे हैं। समझा जा रहा है कि नेहरू युगीन और धर्म निरपेक्षता में भरोसा रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करके राहुल गांधी ने उसी भाषा में जवाब दे दिया है।
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हालांकि, कांग्रेस के एसवी रमणी कहते हैं कि आखिर इसमें राहुल ने कौन सा गुनाह कर दिया? रणमी कहते हैं कि यह भाजपा के नेताओं का चरित्र है जो कांग्रेस के नेताओं को भला बुरा कहते हैं, लेकिन यह संस्कृति कांग्रेस की नहीं है। भाजपा के एक पूर्व मंत्री ने इस सवाल पर कहा कि वह अपने नाम से कुछ नहीं कहना चाहते। उन्हें राहुल द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में उनकी समाधि पर जाना अच्छा लगा। प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल में काम कर चुके सूत्र का कहना है कि इस तरह के मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के कार्यालय में रहे सुधीन्द्र कुलकर्णी ने भी राहुल के कदम की सराहना की है। कांग्रेस के सांसद कमल किशोर कमांडो कहते हैं कि यह तो हमारी परंपरा रही है। हम दिवंगत आत्माओं का सम्मान करते हैं। इसे हमेशा दलगत भावना से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए।

यूपी में सलमान खुर्शीद कर रहे हैं यात्रा को सफल बनाने की मेहनत
3 जनवरी से यात्रा का दूसरा चरण शुरु होगा। यह दिल्ली से उत्तर प्रदेश के लोनी में प्रवेश करेगी। 5 जनवरी को शामली, 6 जनवरी को कैराना में और इसके बाद हरियाणा के सोनीपत में प्रवेश कर जाएगी। लेकिन इस साढ़े तीन दिन की यात्रा में ही उत्तर प्रदेश में तमाम सियासी रंग दिखाई देने के आसार हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, रालोद प्रमुख जयंत चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती समेत अन्य से शामिल होने की अपील की है। हरियाणा में भूपेन्द्र हुड्डा इसके दूसरे चरण को जोरदार बनाने की तैयारी में जुटे हैं। इसके बाद राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पंजाब से होते हुए जम्मू-कश्मीर में प्रवेश कर जाएगी।


जम्मू-श्रीनगर का सफर होगा सरकार के लिए चुनौतियों से भरा
जम्मू पहुंचने के बाद राहुल की भारत जोड़ो यात्रा श्रीनगर के लिए रवाना होगी। दुर्गम और पहाड़ी रास्ता। जम्मू-श्रीनगर के बीच की दूरी करीब 248 किमी है। राहुल गांधी के साथ कन्याकुमारी से करीब 150 लोग लगातार चल रहे हैं। राहुल गांधी एक दिन में कम से कम 25 किमी पैदल चल रहे हैं। इस तरह से दुर्गम, पहाड़ी रास्ता होने के कारण उनकी जम्मू-श्रीनगर यात्रा को पूरा होने में करीब 15 दिन तक लग सकते हैं। राहुल के साथ के भारत जोड़ो यात्री उनके साथ पैदल ही श्रीनगर के लाल चौक तक जाने की जिद पर अड़े हैं। यह सरकार के लिए सुरक्षा और अन्य लिहाज से एक चुनौती है। ऐसे में देखना होगा कि आगे भारत जोड़ो यात्रा को लेकर सियासत कितने करवट लेती है?

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