{"_id":"5f0012dd8ebc3e433f0b4a21","slug":"rahul-gandhi-attack-modi-govt-says-patriotic-ladakhis-are-raising-their-voice-against-chinese-intrusion","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीनी घुसपैठ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं लद्दाखी, नजरअंदाज करना पड़ेगा महंगा: राहुल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
चीनी घुसपैठ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं लद्दाखी, नजरअंदाज करना पड़ेगा महंगा: राहुल
Sat, 04 Jul 2020 11:16 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 04 Jul 2020 11:16 AM IST
विज्ञापन
राहुल गांधी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को एक बार फिर केंद्र सरकार पर सीमा विवाद को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लद्दाखी चीनी घुसपैठ के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं और सरकार से अपनी बात सुनने को कह रहे हैं। उनकी चेतावनी को नजरअंदाज करना भारत को महंगा पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांधी ने एक मीडिया रिपोर्ट को साझा किया, जिसमें कुछ लद्दाखी आरोप लगा रहे हैं कि चीन ने लद्दाख में भारतीय क्षेत्र पर कब्जा किया है। राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘देशभक्त लद्दाखी चीनी घुसपैठ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। वे एक चेतावनी के खिलाफ चिल्ला-चिल्लाकर बता रहे हैं। उनकी चेतावनी को अनदेखा करना भारत को महंगा पड़ेगा। भारत की खातिर, कृपया उनकी बात सुनें।’
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- आखिरी वक्त तक गुप्त रखा गया था पीएम मोदी का लेह दौरा, अजित डोभाल थे सक्रिय
गांधी पूर्वी लद्दाख में जारी भारत-चीन गतिरोध को लेकर लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं। इससे पहले 28 जून को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि देश की रक्षा और सुरक्षा के बारे में कब बात होगी। उन्होंने हिंदी में ट्वीट कर कहा था, 'कब होगी राष्ट्र रक्षा और सुरक्षा की बात?'
राहुल गांधी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ गतिरोध और भारतीय क्षेत्र में चीन की घुसपैठ के आरोपों पर सरकार से कड़े सवाल पूछते रहते हैं और प्रधानमंत्री से उनका जवाब मांगते रहते हैं।
वहीं 26 जून को राहुल गांधी ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी चीन गतिरोध के बारे में सच बोलें और अपनी जमीन वापस लेने के लिए कार्रवाई करें तो पूरा देश उनके साथ खड़ा होगा। उन्होंने कहा था कि सीमा पर संकट के समय सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताना चाहिए कि क्या वह इस विषय पर देश को विश्वास में लेंगे?