प्रियंका से मिलने पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कुलदीप बिश्नोई के साथ की चर्चा
लोकसभा चुनाव में मिली हरार के बाद कांग्रेस में आत्ममंथन का दौर चल रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आवास पर हार के कारणों को लेकर बैठक चल रही है। जिसमें उत्तर प्रदेश की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पहले से ही मौजूद थीं। अब यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी पहुंच गई है। प्रियंका ने हरियाणा कांग्रेस के कुलदीप बिश्नोई के साथ बातचीत की। प्रियंका लगातार नेताओं के साथ बैठक करके लोकसभा चुनाव में मिली हार पर चर्चा कर रही हैं। इसके अलावा वह साल 2022 में विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत पार्टी संगठन बनाने को लेकर बातचीत कर रही हैं।
Congress President Rahul Gandhi arrives at his residence in Delhi, where Priyanka Gandhi Vadra was holding a meeting with Haryana Congress leader Kuldeep Bishnoi. pic.twitter.com/WuUU0a6ExW
— ANI (@ANI) June 17, 2019विज्ञापन
सोमवार से संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया है। शुरुआत के दो दिन सभी नवनिर्वाचित सांसद पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। राहुल अभी तक संसद भवन नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि वह मंगलवार को सदन के सदस्य के तौर पर शपथ लेंगे। राहुल गांधी इस बार बेशक अमेठी से हार गए हैं लेकिन केरल की वायनाड सीट से उन्हें चार लाख से ज्यादा वोटों से जीत हासिल हुई है।
13 जून को प्रियंका अपनी मां सोनिया गांधी के साथ रायबरेली के भुएमऊ गेस्ट हाउस में आयोजित आभार समारोह में पहुंची थी। यहां उनके तेवर काफी तल्ख दिखे। उन्होंने जहां अपनी मां सोनिया गांधी की जीत का श्रेय जनता को दिया। वहीं जिला संगठन और कामचोरी करने वाले कुछ नेताओं को सख्त संदेश भी दिया। उन्होंने कहा था कि सच्चाई ये है कि आप सब में जिसने भी दिल से काम किया है, उसकी जानकारी आपको हो। जिसने नहीं किया है, उसकी जानकारी मैं करूंगी।
उन्होंने कहा था कि मैंने हमेशा कहा है कि चुनाव संगठन लड़ाता है, लेकिन आज आपके सामने खड़े होकर कह रही हूं कि आप सबने दिल से चुनाव नहीं लड़ा। यह संघर्ष का समय है। जो घबरा रहा है। जो समझौता करना चाहता है, जिसका दिल इस संघर्ष में नहीं है, उसके लिए रायबरेली कांग्रेस और यूपी की कांग्रेस में कोई जगह नहीं है। कांग्रेस में काम करना है, तो दिल से करना है और इसके लिए संघर्ष करना पड़ेगा। हार की समीक्षा अभी आगे भी जारी रहेगी। जल्दी ही फिर यहां आऊंगी और एक-एक करके कार्यकर्ता व नेता से बात करूंगी।