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राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट से आपराधिक अवमानना कार्यवाही बंद करने का किया अनुरोध, फैसला सुरक्षित
Fri, 10 May 2019 05:31 PM IST
अमर शर्मा
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 10 May 2019 05:31 PM IST
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Rahul Gandhi
- फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उन्होंने "चौकीदार चोर है" टिप्पणी गलत तरीके से शीर्ष अदालत के हवाले से कहने के मामले में बिना शर्त माफी मांग ली है, इसलिए उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही बंद की जानी चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही के लिये दायर याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलों को सुना। पीठ ने इसके बाद कहा कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जायेगा।
पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने शीर्ष अदालत के हवाले से गलत बात कहने के मामले में बिना शर्त माफी मांग ली है और इसके लिये खेद व्यक्त कर दिया है।
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दूसरी ओर, लेखी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा कि राहुल गांधी की माफी अस्वीकार कर दी जानी चाहिए और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
रोहतगी ने यह भी कहा कि न्यायालय को राहुल गांधी को अपनी टिप्पणी के लिये जनता से माफी मांगने के लिये कहा जाना चाहिए।
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मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही के लिये दायर याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलों को सुना। पीठ ने इसके बाद कहा कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जायेगा।
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पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने शीर्ष अदालत के हवाले से गलत बात कहने के मामले में बिना शर्त माफी मांग ली है और इसके लिये खेद व्यक्त कर दिया है।
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दूसरी ओर, लेखी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा कि राहुल गांधी की माफी अस्वीकार कर दी जानी चाहिए और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
रोहतगी ने यह भी कहा कि न्यायालय को राहुल गांधी को अपनी टिप्पणी के लिये जनता से माफी मांगने के लिये कहा जाना चाहिए।