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राफेल पर सवाल उठाने वाले अधिकारी ने कहा- जबरन छुट्टी पर नहीं भेजा गया

Sat, 29 Sep 2018 08:13 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 29 Sep 2018 08:13 AM IST
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Rafale: Senior IAS officer said Modi government did not send him on forced leave after his objection
राफेल विमान

हाल ही में कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि मोदी सरकार ने एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को छुट्टी पर भेज दिया है। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि उसने राफेल सौदे की महंगी कीमतों को लेकर सवाल खड़े किए थे। अब उसी आईएएस अधिकारी राजीव वर्मा का कहना है कि उन्हें जबरन छुट्टी पर नहीं भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मैंने खुद ब्रिटेन में एक ट्रेनिंग कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए सितंबर 2016 में छुट्टी ली थी। 

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जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने विरोध दर्ज करते हुए छुट्टी ली थी या सरकार ने उन्हें जबरदस्ती भेज दिया था तो उन्होंने कहा, 'मैं एक हफ्ते के कोर्स के लिए कैंब्रिज गया था। उसकी प्रक्रिया बहुत पहले शुरू हो गई थी। यह विदेशी प्रशिक्षण के लिए घरेलू फंडिंग थी और जहां तक मुझे याद है, मैंने इसके लिए मार्च या अप्रैल में आवेदन किया था। और फिर यह जब भी शेड्यूल हुआ तो मैं कोर्स के शेड्यूल के हिसाब से गया। कैबिनेट नोट पर मैंने हस्ताक्षर किए थे। कैंब्रिज जाने की प्रक्रिया बहुत पहले शुरू हो गई थी। राफेल सौदे पर मेरी जो भी प्रतिक्रिया थी वह फाइलों में हैं।'
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वर्मा ने 36 राफेल विमान के लिए ‘300 फीसदी ज्यादा भुगतान करने’ पर सवाल उठाए थे। वह उस समय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (एयर) के पद पर तैनात थे। कैग द्वारा उनकी फाइल की जांच की जा रही हैं। संसद में राफेल को लेकर कैग अपनी ऑडिट रिपोर्ट दिसंबर में देगा। वर्मा की आपत्ति के कारण केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति (सीसीएस) को इस सौदे को मंजूरी देने में देरी हुई। हालांकि उनके इस विरोध को वरिष्ठ और उस समय महानिदेशक (अधिग्रहण) रहीं स्मिता नागराज ने खारिज कर दिया था। जिसके बाद उस समय रक्षा मंत्री रहे मनोहर परिकर ने फ्रांस के साथ इस सौदे पर अगस्त 2016 में हस्ताक्षर किए।
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बता दें कि कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि राफेल विमान पर सवाल करने वाले अधिकारी को नरेंद्र मोदी सरकार ने छुट्टी पर भेज दिया। उन्होंने कहा था कि अधिकारी ने राफेल के लिए 300 फीसदी ज्यादा भुगतान करने पर सवाल उठाए थे। एक अखबार की रिपोर्ट शेयर करते हुए सुरजेवाला ने ट्वीट किया था, 'मोदी सरकार ने 36 राफेल विमानों के लिए 300 फीसदी अतिरिक्त राशि का भुगतान कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने पर सवाल करने वाले व्हिसलब्लोअर संयुक्त सचिव (एयर) को छुट्टी पर भेज दिया।' 

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