{"_id":"5ba9ac79867a555b081aa072","slug":"rafale-jet-deal-nirmala-sitharaman-says-no-question-of-jpc-will-bust-conspiracy-in-public","type":"story","status":"publish","title_hn":"राफेल पर जेपीसी का सवाल नहीं, साजिश का करेंगे जनता के बीच में भंडाफोड़ : निर्मला सीतारमण","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राफेल पर जेपीसी का सवाल नहीं, साजिश का करेंगे जनता के बीच में भंडाफोड़ : निर्मला सीतारमण
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 25 Sep 2018 09:03 AM IST
विज्ञापन
रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा राफेल लड़ाकू विमान सौदे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इसे कांग्रेस की मोदी सरकार के प्रति धारणा बदलने की लड़ाई बताया और इसमें विदेशी एजेंसियों के शामिल होने की संभावना जताई। रक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र की मौजूदा सरकार पाक साफ है और वह इस मुद्दे को जनता के बीच में ले जाकर कांग्रेस के दावों की हवा निकालेंगी।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि राहुल गांधी यूरोप दौरे पर गए थे। हाल में उन्होंने एक ट्वीट भी किया था, जिसमें कहा था कि फ्रांस से राफेल विमानों के सौदे को लेकर बमबारी होने वाली है। इसके ठीक बाद फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद का बयान आया और अगले दिन वह अपने बयान से पलट भी गए। दूसरी तरफ पाकिस्तान के नेता भी राहुल गांधी को भावी प्रधानमंत्री के रूप में पेश कर रहे हैं।
सीतारमण के अनुसार इस पूरे प्रकरण में विदेश एजेंसियों का हाथ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सीतारमण ने कहा कि सरकार का दामन साफ है। यह दो सरकारों के बीच हुए रक्षा सौदे का मामला है। इस सौदे में किसी दलाल या तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। इसलिए कांग्रेस पार्टी के पेट में दर्द हो रहा है।
विज्ञापन
रिलायंस और डास्सो एवियेशन जाने
रक्षा मंत्री के अनुसार ऑफसेट पॉलिसी के तहत डास्सो एवियेशन द्वारा रिलायंस डिफेंस के चयन में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है। फिर भी रक्षा मंत्रालय फ्रांस्वा ओलांद द्वारा लगाए आरोप की जांच कर रहा है।
सूत्र बताते हैं कि रक्षा मंत्रालय की तरफ से डास्सो एवियेशन को रिलायंस डिफेंस समेत 17 नाम विकल्प के तौर पर भेजे गए थे, लेकिन फ्रांस की कंपनी ने इसमें से रिलायंस का नाम चुना। इस बारे में फ्रेंच कंपनी की सफाई भी आ चुकी है।
विज्ञापन
निर्मला सीतारमण ने कहा कि राहुल गांधी यूरोप दौरे पर गए थे। हाल में उन्होंने एक ट्वीट भी किया था, जिसमें कहा था कि फ्रांस से राफेल विमानों के सौदे को लेकर बमबारी होने वाली है। इसके ठीक बाद फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद का बयान आया और अगले दिन वह अपने बयान से पलट भी गए। दूसरी तरफ पाकिस्तान के नेता भी राहुल गांधी को भावी प्रधानमंत्री के रूप में पेश कर रहे हैं।
विज्ञापन
सीतारमण के अनुसार इस पूरे प्रकरण में विदेश एजेंसियों का हाथ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सीतारमण ने कहा कि सरकार का दामन साफ है। यह दो सरकारों के बीच हुए रक्षा सौदे का मामला है। इस सौदे में किसी दलाल या तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। इसलिए कांग्रेस पार्टी के पेट में दर्द हो रहा है।
विज्ञापन
रिलायंस और डास्सो एवियेशन जाने
रक्षा मंत्री के अनुसार ऑफसेट पॉलिसी के तहत डास्सो एवियेशन द्वारा रिलायंस डिफेंस के चयन में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है। फिर भी रक्षा मंत्रालय फ्रांस्वा ओलांद द्वारा लगाए आरोप की जांच कर रहा है।
सूत्र बताते हैं कि रक्षा मंत्रालय की तरफ से डास्सो एवियेशन को रिलायंस डिफेंस समेत 17 नाम विकल्प के तौर पर भेजे गए थे, लेकिन फ्रांस की कंपनी ने इसमें से रिलायंस का नाम चुना। इस बारे में फ्रेंच कंपनी की सफाई भी आ चुकी है।