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राफेल सौदे में एफआईआर या सीबीआई जांच का कोई मतलब नहीं : केंद्र सरकार
Mon, 27 May 2019 12:37 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Mon, 27 May 2019 12:37 AM IST
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राफेल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि राफेल लड़ाकू विमान खरीद में एफआईआर दर्ज करने या सीबीआई से जांच कराने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि शीर्ष अदालत पहले ही कह चुकी है कि इस संवेदनशील मुद्दे में हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं है।
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केंद्र सरकार ने यह जवाब उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें शीर्ष अदालत से पिछले साल 14 दिसंबर को राफेल विमान खरीद मामले में दिए गए अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में सरकार को फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट से 36 लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे में क्लीन चिट दी थी।
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सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अपने 39 पेज के लिखित जवाब में शीर्ष अदालत से कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण की याचिका कोई ऐसा आधार नहीं बना पा रही है, जिसे 14 दिसंबर को आए निर्णय का रिव्यू करने के लिए ‘पर्याप्त कारण’ माना जा सके।
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सरकार ने कहा कि खासतौर पर एक बार यह अदालत तीनों पहलूओं (विमान खरीदने का निर्णय लेने की प्रक्रिया, मूल्य निर्धारण और भारतीय ऑफसेट पार्टनर चयन) पर इस नतीजे पर पहुंच चुकी है कि अदालत का संवेदनशील मुद्दे में हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं है। ऐसे में कोई एफआईआर दर्ज करने या सीबीआई से इस सौदे की जांच कराने का कोई मतलब नहीं है।