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रेडिएशन थेरेपी से होगा इलाज, एम्स में रिसर्च शुरू, जानिए इसकी विशेषता
Thu, 18 Jun 2020 07:00 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 18 Jun 2020 07:00 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने रेडिएशन थेरेपी के जरिये संक्रमितों में न्यूमोनिया के प्रभाव को कम करने के लिए एक शोध शुरू किया है। इससे मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी। एम्स के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड और इस रिसर्च प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. डीएन शर्मा ने बताया कि शनिवार को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखे गए दो कोरोना मरीजों को रेडिएशन थेरेपी दी गई थी।
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इन दोनों मरीजों की उम्र 50 वर्ष से अधिक है। इनको पहले ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा था, जिसे अब हटा लिया गया है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर कैंसर के इलाज के लिए रेडिएशन थेरेपी की हाई डोज दी जाती है, लेकिन इन मरीजों को लो डोज रेडिएशन थेरेपी दी गई।
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इन मरीजों पर रेडिएशन थेरेपी का कोई नकारात्मक प्रभाव भी नहीं हुआ। डॉ. शर्मा ने बताया कि जब एंटीबायोटिक नहीं उपलब्ध थी, तब 1940 के दशक तक न्यूमोनिया के इलाज में रेडिएशन थेरेपी का ही इस्तेमाल किया जाता था। पायलट प्रोजेक्ट के तहत और 8 कोरोना मरीजों का रेडिएशन थेरेपी से इलाज किया जाएगा। इसके बाद जो नतीजे आएंगे, उसका विश्लेषण किया जाएगा।
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