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Beating Retreat: 'एबाइड विद मी' को बीटिंग रिट्रीट समारोह से हटाया, महात्मा गांधी का था पसंदीदा भजन
Sat, 22 Jan 2022 08:13 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 22 Jan 2022 08:13 PM IST
सार
इस साल के समारोह का समापन 'सारे जहां से अच्छा' के साथ होगा। बीटिंग रिट्रीट 'अबाइड विद मी' भजन के साथ समाप्त होता था।
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Beating Retreat Celebration
- फोटो : social media
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विस्तार
महात्मा गांधी के पसंदीदा ईसाई भजनों में से एक 'एबाइड विद मी' को इस साल 29 जनवरी को होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह से हटा दिया गया है। भारतीय सेना द्वारा शनिवार को जारी एक ब्रोशर से यह जानकारी सामने आई है। 1847 में स्कॉटिश एंग्लिकन कवि और भजन विज्ञानी हेनरी फ्रांसिस लिटे द्वारा लिखित 'एबाइड विद मी', 1950 से बीटिंग रिट्रीट समारोह का हिस्सा रहा है।
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समारोह का समापन 'सारे जहां से अच्छा' के साथ होगा
ब्रोशर में कहा गया है कि इस साल के समारोह का समापन 'सारे जहां से अच्छा' के साथ होगा। बीटिंग रिट्रीट 'अबाइड विद मी' भजन के साथ समाप्त होता था। ब्रोशर में 26 धुनों को भी सूचीबद्ध किया गया है जो इस साल के विजय चौक पर होने वाले समारोह में बजाए जाएंगे। इस साल के समारोह में जो 26 धुनें बजायी जाएंगी उनमें 'हे कांचा', 'चन्ना बिलौरी', 'जय जन्म भूमि', 'नृत्य सरिता', 'विजय जोश', 'केसरिया बन्ना', 'वीर सियाचिन', 'हाथरोई', 'विजय घोष', 'लड़ाकू', 'स्वदेशी', 'अमर चट्टान', 'गोल्डन एरो', और 'स्वर्ण जयंती' शामिल हैं।
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ब्रोशर में कहा गया है कि 'वीर सैनिक', 'बगलरों की धूमधाम', 'आईएनएस इंडिया', 'यशस्वी', 'जय भारती', 'केरल', 'सिकी ए मोल', 'हिंद की सेना', 'कदम कदम बढ़ाए जा', 'ड्रमर कॉल', 'ऐ मेरे वतन के लोगों' भी उन 26 धुनों का हिस्सा हैं जिन्हें 29 जनवरी की शाम को बजाया जाएगा।
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बीटिंग रिट्रीट एक सदियों पुरानी सैन्य परंपरा है जो उन दिनों से चली आ रही है जब सूर्यास्त के समय सैनिक युद्ध से अलग हो जाते थे। जैसे ही बिगुलरों ने रिट्रीट की आवाज सुनाई, सैनिकों ने लड़ना बंद कर दिया, अपने हथियार बांधे और युद्ध के मैदान से हट गए।