लेफ्टिनेंट जनरल कलिता ने कहा: पूर्वोत्तर में लगातार सुधर रही स्थिति, हिंसा कम होने पर अफस्पा पर विचार होगा
सेना के पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आर.पी. कलिता ने कहा, हम किसी भी कीमत पर अपने देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए तैयार हैं। सेना आश्वस्त करना चाहती है कि हम न केवल पूर्वो सीमा पर बल्कि हर सीमा हमारी सुरक्षित है और हर जगह हम सजग हैं।
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अब हमें कोई 1962 का भारत समझने की भूल नहीं करे, हम 2022 के देश हैं। साठ साल बीत चुके हैं। देश ने हर मोर्चे पर तरक्की है। न केवल संसाधान के क्षेत्र में बल्कि हर क्षेत्र में हम बहुत आगे निकल चुके हैं। हमने इन साठ बरसों में अपने सैनिक शक्ति को काफी मजबूत कर लिया है। मैं देशवासियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारतीय सेना किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह बात आज गुवाहाटी में दो दिवसीय पूर्वोत्तर स्वाभिमान उत्सव के पहले दिन पत्रकारों से बातचीत करते हुए सेना के पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आर.पी.कलिता ने कही।इसी कड़ी में भारतीय सेना ने वीर नारियों का भी सम्मान किया।
एक सवाल के जवाब में कलिता ने कहा, हम किसी भी कीमत पर अपने देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए तैयार हैं। सेना आश्वस्त करना चाहती है कि हम न केवल पूर्वो सीमा पर बल्कि हर सीमा हमारी सुरक्षित है और हर जगह हम सजग हैं।
उन्होंने कहा, पूर्वोत्तर में धीरे-धीरे शांति कायम हो रही है। असम हो, मणिपुर हो या फिर कोई राज्य, लगातार इनसरजेंट हथियार डाल रहे हैं और मुख्य धारा में शामिल हो रहे हैं। जैसे-जैसे हिंसा कम होगी, अफस्पा को हटाने के लेकर संबंधित मंत्रालय इसमें आसपी तालमेल से इस पर विचार करेंगे। उसके बाद कोई फैसला किया जाएगा। अब बहुत कम जगह पर अफस्पा है। लेफ्टिनेंट जनरल केसी पंचनाथन, जनरल ऑफिसर कमांडिंग 101 एरिया ने गणमान्य व्यक्तियों, वक्ताओं और उपस्थित लोगों को धन्यवाद दिया।
इससे पहले रविवार को आजादी का अमृत महोत्सव के तहत भारतीय सेना की पूर्वी कमान राष्ट्र निर्माण में पूर्वोत्तर क्षेत्र के योगदान पर दो दिवसीय पूर्वोत्तार स्वाभिमान उत्सव असम एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज, गुवाहाटी में शुरू हुआ। इस अवसर पर चर्चा सभाओं का आयोजन किया गया। इस चर्चा में मेघालय के मुख्यमंत्री और कई अन्य प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
वक्ताओं का स्वागत करते हुए, लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता, जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, पूर्वी कमान ने विश्वास व्यक्त किया कि यह संगोष्ठी हमें राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एक समृद्ध उत्तर पूर्व के लक्ष्य के करीब ले जाएगी।
पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता ने कहा, पूर्वोत्तर राज्यों में हो रहा परिवर्तन पूरे देश के विकास महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर डेविड रीड सिम्लिह, लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा (सेवानिवृत्त) और लेफ्टिनेंट जनरल पीसी नायर ने एनईआर को मुख्यधारा से जोड़ने में भारतीय सेना और असम राइफल्स के योगदान की चर्चा की।
कार्यक्रम में मणिपुर के शिक्षा और कानून मंत्री, टी बसंत सिंह ने खेल के क्षेत्रयोगदान की चर्चा की। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा, कैसे पूर्वोत्तर देश की तरक्की मेें योगदान दे रहा है और पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा देकर हम अधिक समृद्धि हासिल कर सकते हैं। पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन ने भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
उत्तर पूर्वी परिषद से एयर मार्शल एके गोगोई (सेवानिवृत्त), अंशुल गुप्ता, महाप्रबंधक पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे और जयदीप सैकिया जैसे अन्य प्रतिष्ठित वक्ताओं ने क्रमशः एनईआर में सामाजिक आर्थिक विकास और सुरक्षा मैट्रिक्स में एनएफआर की भूमिका और भविष्य के दृष्टिकोण के बारे में चर्चा की।