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गुरदासपुर और मानसा की घटनाओं पर केंद्र सख्त: पंजाब सरकार केंद्र को सौंपेगी रिपोर्ट, जांच को लेकर ये निर्देश?

Fri, 16 Oct 2026 07:07 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Fri, 16 Oct 2026 07:07 PM IST
सार

गृह मंत्रालय ने गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह की हत्या और मानसा में परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या के मामलों में पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने नशे के खिलाफ एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, वित्तीय जांच और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कार्रवाई की जानकारी भी मांगी। आखिर दोनों घटनाओं में क्या हुआ था? पंजाब सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और नशामुक्त भारत के लक्ष्य के लिए आगे क्या कार्रवाई होगी?

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Punjab Gurdaspur and Mansa Incidents Centre Seeks Report from State Govern Issues Investigation Directives
पंजाब में दो हत्याओं पर गृह मंत्रालय सख्त - फोटो : सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन लाइव

विस्तार

पंजाब में दो अलग-अलग घटनाओं में हुई मौतों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। गुरदासपुर जिले के मारी पनवां गांव में हुए हमले में बिक्रमजीत सिंह की मौत हो गई, जबकि निशान सिंह और गुरमुख सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, मानसा में 13 अक्टूबर 2026 को परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या के मामले में भी गृह मंत्रालय ने व्यापक तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। परविंदर सिंह को पंजाब में नशीले पदार्थों की बिक्री और दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति के रूप में बताया गया है। मंत्रालय ने दोनों मामलों में राज्य सरकार से जानकारी मांगी है।

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गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से गुरदासपुर में हुए हमले की विस्तृत जानकारी देने को कहा है। इस घटना में बिक्रमजीत सिंह की जान चली गई, जबकि निशान सिंह और गुरमुख सिंह गंभीर रूप से घायल हुए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हमले की वजह, आरोपियों की पहचान या गिरफ्तारी के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया है। दूसरी ओर, मानसा में परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या को लेकर मंत्रालय ने घटना के तथ्यों के साथ-साथ नशे के खिलाफ कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा है। मंत्रालय ने राज्य सरकार से यह बताने को कहा है कि पंजाब में नशे की समस्या से निपटने और नशामुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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गुरदासपुर में हमले के बाद गृह मंत्रालय ने क्या जानकारी मांगी?
गुरदासपुर जिले के मारी पनवां गांव में बिक्रमजीत सिंह, निशान सिंह और गुरमुख सिंह पर हमला हुआ था। इसमें बिक्रमजीत सिंह की मौत हो गई, जबकि अन्य दोनों गंभीर रूप से घायल हुए। गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से इस घटना के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी में हमले की वजह, आरोपियों की संख्या या घटना के पीछे किसी संभावित विवाद का जिक्र नहीं है। इसलिए फिलहाल घटना के कारणों और जांच की स्थिति के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
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मानसा में परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या पर क्या कार्रवाई मांगी गई?

  • गृह मंत्रालय ने 13 अक्टूबर 2026 को मानसा में परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या के मामले में भी पंजाब सरकार से व्यापक तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। परविंदर सिंह को पंजाब में नशीले पदार्थों और मन को प्रभावित करने वाली दवाओं की बड़े पैमाने पर बिक्री और दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति के रूप में बताया गया है।
  • मंत्रालय ने केवल हत्या की घटना का ब्योरा ही नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी है। इसका उद्देश्य नशामुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करना है।


नशे के खिलाफ कार्रवाई में किन कदमों पर देना होगा ध्यान?
गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से नशे के खिलाफ कार्रवाई की रणनीतिक प्राथमिकताओं और तय कार्ययोजना पर जानकारी मांगी है। इसमें विशेष एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का पुनर्गठन और उसे स्थापित करना शामिल है। मंत्रालय ने नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में अनिवार्य वित्तीय जांच, नशीले पदार्थों के नियंत्रण से संबंधित समन्वय तंत्र (एनसीओआरडी) की परिणाम आधारित समीक्षा और अभियोजन व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कदमों का भी उल्लेख किया है। इसके अलावा, एनडीपीएस मामलों की सुनवाई के लिए अदालतों को नामित करने और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति पर भी जोर दिया गया है।



नशे के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कार्रवाई क्यों जरूरी बताई गई?
गृह मंत्रालय की ओर से मांगी गई जानकारी में सीमा पार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल है। इसके साथ ही जांच, अभियोजन और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करने की जरूरत बताई गई है। मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से लगातार कार्रवाई करने पर जोर दिया है, ताकि नशे की तस्करी और उसके दुरुपयोग को रोकने के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में काम हो सके। पंजाब सरकार को इन प्रयासों और दोनों घटनाओं के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी देनी है। उपलब्ध जानकारी में रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा या राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

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