फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ED Seizes Assets Worth rs 815 Crore in Illegal Coal Mining and Theft Case Linked to Lala Syndicate

ईस्टर्न कोलफील्ड: अवैध कोयला खनन और चोरी, माझी उर्फ लाला के सिंडिकेट पर कार्रवाई, 815 करोड़ की संपत्ति जब्त

Fri, 16 Oct 2026 08:36 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Fri, 16 Oct 2026 08:36 PM IST
विज्ञापन
ED Seizes Assets Worth rs 815 Crore in Illegal Coal Mining and Theft Case Linked to Lala Syndicate
ED
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुख्यालय ने 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए), 2002 के तहत 136.44 करोड़ रुपये की 'अपराध से प्राप्त कमाई' को अस्थायी रूप से जब्त किया है। यह कार्रवाई 'ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड' (ईसीएल) के लीज वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध कोयला खनन और चोरी की चल रही जांच के सिलसिले में की गई है। आरोप है कि इन अवैध गतिविधियों को अनूप माझी उर्फ लाला के नेतृत्व वाले एक सिंडिकेट द्वारा अंजाम दिया जा रहा था। इस मामले में नई कुर्की के साथ, कुल जब्त की गई रकम 815.08 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
विज्ञापन


ईडी की जांच से पता चला है कि यह सिंडिकेट कोयले के अवैध खनन और बड़े पैमाने पर कोयला चोरी में शामिल था। इसके बाद, स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों की कथित सक्रिय मदद से, इस कोयले को पश्चिम बंगाल की विभिन्न फैक्ट्रियों में नकद के बदले बेच दिया जाता था। इन गतिविधियों से हुई अवैध कमाई को छिपाने और उसके स्रोत को उलझाने के लिए, सिंडिकेट ने कई 'शेल' (फर्जी/शेल) कंपनियों का इस्तेमाल किया। इन कंपनियों का असली मालिक और नियंत्रक अनूप माझी था, लेकिन इन्हें उसके रिश्तेदारों, कर्मचारियों और करीबी सहयोगी गुरुपदा माझी के नाम पर रखा गया था। 
विज्ञापन


कोयले की अवैध बिक्री से मिले नकद को इन कंपनियों के जरिए 'अकोमोडेशन एंट्री' (फर्जी एंट्री) के रूप में घुमाया गया। इन बैंक खातों में रुपया जमा किया गया, ताकि इन पैसों के असली स्रोत और मालिक का पता न चल सके। अपराध से हासिल हुई रकम (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) को उन रिसॉर्ट्स में भी निवेश किया गया था, जिनका असली मालिक अनूप माझी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मौजूदा 'प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर' (अस्थायी कुर्की आदेश) के तहत जब्त की गई संपत्तियों में पुरुलिया में 'गढ़ पंचकोट इको टूरिज्म' और बांकुरा में 'बिहारीनाथ इको टूरिज्म' नाम के दो होटल-सह-रिसॉर्ट; कोलकाता में दो संपत्तियां; शेल कंपनियों के बैंक खातों में मौजूद रकम और माझी परिवार के सदस्यों के पास मौजूद शेयर तथा म्यूचुअल फंड निवेश, शामिल हैं। इस कुर्की से पहले, ईडी ने इसी मामले में पिछले आदेशों के जरिए 678.64 करोड़ रुपये की ऐसी रकम जब्त की थी, जो अपराध से हासिल हुई थी। 


ईडी मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की विभिन्न परतों को उजागर करने, अपराध से हासिल रकम के असली लाभार्थियों का पता लगाने, और अवैध कोयला खनन तथा चोरी से जुटाए गए फंड की लॉन्ड्रिंग में शामिल अन्य लोगों और संस्थाओं की पहचान करने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है। प्रवर्तन निदेशालय, अवैध खनन और मनी-लॉन्ड्रिंग में शामिल आर्थिक अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के अपने संकल्प को दोहराता है। यह कार्रवाई विशेष रूप से उन मामलों में की जा रही है, जहां निजी मुनाफे के लिए सार्वजनिक प्राकृतिक संसाधनों का गैर-कानूनी तरीके से दोहन किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed