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सियासत: अमित शाह से मिले कैप्टन अमरिंदर, उनके सलाहकार बोले- कृषि कानून और किसानों के प्रदर्शन पर हुई बात
Wed, 29 Sep 2021 09:23 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 29 Sep 2021 09:23 PM IST
सार
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह एक दिन पहले ही दिल्ली पहुंचे थे, यहां उनके अमित शाह से मिलने की अटकलें पहले ही लगाई जा रही थीं। हालांकि, अमरिंदर ने खुद कहा था कि वे दिल्ली में किसी नेता से नहीं मिलेंगे।
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गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह। यह तस्वीर जून 2019 की है, जब कैप्टन ने शाह से मुलाकात की थी। (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस छोड़ने की अटकलें जारी हैं। इस बीच अमरिंदर बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे। दोनों के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। माना जा रहा है कि शाह ने अमरिंदर से भाजपा में शामिल होने पर चर्चा की। इस बीच कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि अमरिंदर सिंह दिल्ली में कांग्रेस के बागी जी-23 गुट के नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं।
अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार ने बताया कि पूर्व सीएम ने अमित शाह से मिलकर किसानों से जुड़े मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा, "दोनों नेताओं के बीच कृषि कानूनों को लेकर जारी प्रदर्शन पर बात हुई। कैप्टन ने शाह से जल्द से जल्द इन कानूनों को वापस लेकर एमएसपी लागू करने की मांग उठाई। इसके अलावा पंजाब में अलग-अलग फसल उगाने पर जोर देने की भी अपील की।
माना जा रहा है कि पंजाब में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा अमरिंदर सिंह को केंद्रीय कृषि मंत्रालय सौंप सकती है। इसके बाद पंजाब के पूर्व सीएम या तो कृषि कानूनों को लेकर किसानों की समस्या को सुलझाने के लिए आगे आ सकते हैं या कृषि संगठनों से बातचीत करने का जिम्मा लेकर राज्य में एक बार फिर भाजपा को चुनावी दौड़ में ला सकते हैं। अपनी इस पहल के जरिए कैप्टन पंजाब में भाजपा का चेहरा भी बन सकते हैं।
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कैप्टन ने पहले कहा था- 'दिल्ली में किसी नेता से नहीं मिलूंगा'
गौरतलब है कि यह कयास पहले से ही लग रहे थे कि कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली दौरे पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, पहले उनके मीडिया सलाहकार ने और बाद में खुद कैप्टन ने दिल्ली पहुंचकर इन अटकलों को खारिज कर दिया था। अमरिंदर ने मीडिया से कहा- मैं दिल्ली में किसी नेता से नहीं मिलूंगा। मैं यहां अपना बंगला खाली करने आया हूं।
सीएम पद छोड़ने के बाद बोले थे- पार्टी के अंदर हुआ अपमान इसलिए छोड़ी कुर्सी
नवजोत सिंह सिद्धू से अनबन होने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 18 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद अमरिंदर लगातार कांग्रेस के बड़े नेताओं पर हमला बोल रहे थे। उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा था कि पार्टी के अंदर उनका अपमान किया गया, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने का फैसला लिया था। अमरिंदर सिंह ने यह तक कहा था कि पंजाब चुनाव 2022 में अगर कांग्रेस जीतती भी है तो वह नवजोत सिंह सिद्धू को सीएम नहीं बनने देंगे।
मीडिया ने किया भाजपा जॉइन करने पर सवाल, तो कैप्टन बोले- सभी विकल्प खुले
कैप्टन ने जब पद से इस्तीफा दिया था तब मीडिया ने उनसे सवाल किया था कि क्या आप भाजपा में शामिल होंगे? तब कैप्टन ने जवाब देते हुए कहा था कि इस्तीफा देने के बाद सभी विकल्प खुले हैं। राजनीति के 52 साल के अनुभव और साढ़े नौ साल मुख्यमंत्री रहने पर उनके कई दोस्त बने हैं। वे अपने सहयोगियों से विचार कर इस पर फैसला लेंगे।
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अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार ने बताया कि पूर्व सीएम ने अमित शाह से मिलकर किसानों से जुड़े मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा, "दोनों नेताओं के बीच कृषि कानूनों को लेकर जारी प्रदर्शन पर बात हुई। कैप्टन ने शाह से जल्द से जल्द इन कानूनों को वापस लेकर एमएसपी लागू करने की मांग उठाई। इसके अलावा पंजाब में अलग-अलग फसल उगाने पर जोर देने की भी अपील की।
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माना जा रहा है कि पंजाब में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा अमरिंदर सिंह को केंद्रीय कृषि मंत्रालय सौंप सकती है। इसके बाद पंजाब के पूर्व सीएम या तो कृषि कानूनों को लेकर किसानों की समस्या को सुलझाने के लिए आगे आ सकते हैं या कृषि संगठनों से बातचीत करने का जिम्मा लेकर राज्य में एक बार फिर भाजपा को चुनावी दौड़ में ला सकते हैं। अपनी इस पहल के जरिए कैप्टन पंजाब में भाजपा का चेहरा भी बन सकते हैं।
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#WATCH | Former Punjab CM and Congress leader Captain Amarinder Singh reaches the residence of Union Home Minister Amit Shah in New Delhi pic.twitter.com/787frIaou7
— ANI (@ANI) September 29, 2021
कैप्टन ने पहले कहा था- 'दिल्ली में किसी नेता से नहीं मिलूंगा'
गौरतलब है कि यह कयास पहले से ही लग रहे थे कि कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली दौरे पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, पहले उनके मीडिया सलाहकार ने और बाद में खुद कैप्टन ने दिल्ली पहुंचकर इन अटकलों को खारिज कर दिया था। अमरिंदर ने मीडिया से कहा- मैं दिल्ली में किसी नेता से नहीं मिलूंगा। मैं यहां अपना बंगला खाली करने आया हूं।
सीएम पद छोड़ने के बाद बोले थे- पार्टी के अंदर हुआ अपमान इसलिए छोड़ी कुर्सी
नवजोत सिंह सिद्धू से अनबन होने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 18 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद अमरिंदर लगातार कांग्रेस के बड़े नेताओं पर हमला बोल रहे थे। उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा था कि पार्टी के अंदर उनका अपमान किया गया, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने का फैसला लिया था। अमरिंदर सिंह ने यह तक कहा था कि पंजाब चुनाव 2022 में अगर कांग्रेस जीतती भी है तो वह नवजोत सिंह सिद्धू को सीएम नहीं बनने देंगे।
मीडिया ने किया भाजपा जॉइन करने पर सवाल, तो कैप्टन बोले- सभी विकल्प खुले
कैप्टन ने जब पद से इस्तीफा दिया था तब मीडिया ने उनसे सवाल किया था कि क्या आप भाजपा में शामिल होंगे? तब कैप्टन ने जवाब देते हुए कहा था कि इस्तीफा देने के बाद सभी विकल्प खुले हैं। राजनीति के 52 साल के अनुभव और साढ़े नौ साल मुख्यमंत्री रहने पर उनके कई दोस्त बने हैं। वे अपने सहयोगियों से विचार कर इस पर फैसला लेंगे।