पोर्श केस: 24 साल के अनीश के पिता का दर्द छलका, कहा- लंदन में पढ़ाई का सपना टूटा; पुणे पुलिस जांच पर भी बोले
ओम अवधिया ने कहा, 'अनीश कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए लंदन जाने के अपने सपने को पूरा करने के कगार पर था। मैंने विदेश में उसकी पढ़ाई के लिए एक राष्ट्रीयकृत बैंक से 40 लाख रुपये के ऋण के लिए भी आवेदन किया था।
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पुणे के कल्याणी नगर में 19 मई को पॉर्श कार दुर्घटना में मारे गए आईटी पेशेवरों में से एक के पिता ने शुक्रवार को पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पुलिस आयुक्त से मामले में चल रही जांच के बारे में जानकारी ली। विवरण जानने के बाद आईटी पेशेवर के पिता पुलिस जांच से संतुष्ट नजर आए।
बता दें कि 19 मई को एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़के ने कथित तौर पर नशे में धुत होकर अपनी पोर्श कार से बाइक को टक्कर मार दी थी। इस दौरान बाइक सवार 24 वर्षीय अनीश अवधिया और उसके दोस्त की मौत हो गई थी।
मध्य प्रदेश निवासी अनीश के पिता ओम अवधिया शुक्रवार को पुणे पहुंचे। इस दौरान वह मामले में चल रही जांच के बारे में जानकारी लेने के लिए पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार से मिले। जिसके बाद ओम ने कहा, 'अनीश कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए लंदन जाने के अपने सपने को पूरा करने के कगार पर था। मैंने विदेश में उसकी पढ़ाई के लिए एक राष्ट्रीयकृत बैंक से 40 लाख रुपये के ऋण के लिए भी आवेदन किया था। हालांकि, उसका जीवन दुखद रूप से छोटा हो गया। उसे हमसे बहुत जल्दी छीन लिया गया।'
ओम ने कहा, 'मैं और मेरे रिश्तेदार मामले की जांच का विवरण जानने के लिए पुणे आए हैं। हमने पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार और उनकी टीम से मुलाकात की। जिस तरह से जांच की जा रही है, उससे मैं संतुष्ट हूं।'
ओम ने कहा, आयुक्त ने मामले में विशेष लोक अभियोजक अधिवक्ता शिशिर हीरे की नियुक्ति के साथ ही आरोपी के पिता और मां की जमानत याचिका खारिज होने की जानकारी दी। कहा कि दुर्घटना के बाद हमने न्याय की उम्मीद खो दी थी, क्योंकि हर कोई नाबालिग आरोपी के परिवार के साथ था, लेकिन जिस तरह से आयुक्त के अधीन पुणे पुलिस ने जांच की है, उन्हें विश्वास है कि न्याय मिलेगा।
#WATCH | Pune, Maharashtra: Father of Pune Porsche car accident victim Om Avadhiya says, "... Their (accused) bail is rejected, we are satisfied with the way everything is happening. We are hopeful that we will get justice, though it is a little late... We demand that the Motor… pic.twitter.com/ZUNGV9reFA
— ANI (@ANI) August 30, 2024
अवधिया ने कहा, 'मैं इस मामले में सहयोग और समर्थन के लिए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभारी हूं। पुणे के लोगों ने भी अपनी आवाज उठाई और सोशल मीडिया के माध्यम से न्याय के लिए बहुत समर्थन दिया और मांग की। सभी माता-पिता को इससे सबक लेना चाहिए। उन्हें अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि अगर 16-18 आयु वर्ग का कोई व्यक्ति शराब के नशे में ऐसा अपराध करता है, तो उस पर वयस्क के रूप में मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
ओम अवधिया ने कहा, दो बहुमूल्य जिंदगियां चली गईं और दो परिवार अब बिखर गए हैं। कानून को बहुत सख्त बनाया जाना चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने अखबार की उन खबरों का भी हवाला दिया, जिनमें दावा किया गया है कि आरोपी का परिवार पोर्श कार और नाबालिग का पासपोर्ट वापस मांग रहा है।