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Pune: पुणे हादसे पर राजनीति गरमाई, उद्धव की पार्टी के नेता ने डिप्टी सीएम फडणवीस पर लगाए आरोप
Wed, 22 May 2024 06:50 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 22 May 2024 06:50 PM IST
सार
ये भी आरोप है कि स्थानीय एनसीपी विधायक सुनील टिंगरे ने इस मामले में पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। दानवे ने सवाल उठाया कि 'एनसीपी के विधायक क्यों आधी रात को पुलिस स्टेशन गए थे, जबकि मामले की जानकारी फोन पर भी ली जा सकती है।'
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देवेंद्र फडणवीस
- फोटो : X @Dev_Fadnavis
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विस्तार
पुणे कार हादसे पर अब महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। दरअसल घटना को लेकर राजनीतिक पार्टियों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। शिवसेना यूबीटी के नेता अंबादास दानवे ने बुधवार को पूछा कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने घटना के बाद पुणे का दौरा क्या जांच एजेंसियों को बचाने के लिए किया था? दानवे ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर पुणे हादसे को लेकर हंगामा होने के बाद ही डिप्टी सीएम ने पुणे का दौरा किया।
शिवसेना नेता ने लगाए आरोप
गौरतलब है कि बीते रविवार को पुणे में एक तेज रफ्तार पोर्श कार ने बाइक को टक्कर मार दी थी। इस टक्कर से बाइक सवार दो इंजीनियर्स की मौत हो गई थी। जांच में पता चला है कि हादसे के वक्त पोर्श कार चला रहे नाबालिग ने शराब पी हुई थी। घटना के बाद आरोपी नाबालिग को कार हादसे पर 300 शब्दों का निबंध लिखवाकर जमानत दे दी गई थी, जिससे इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर काफी हंगामा हुआ। दबाव बढ़ने के बाद डिप्टी सीएम फडणवीस ने पुणे के पुलिस आयुक्त कार्यालय का औचक दौरा किया था और बाद में मीडिया से बात भी की थी।
'एनसीपी विधायक आधी रात पुलिस स्टेशन क्यों गए?'
फडणवीस के पुणे दौरे को लेकर शिवसेना यूबीटी नेता अंबादास दानवे ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा- 'क्या डिप्टी सीएम फडणवीस का पुणे दौरा जांच एजेंसियों की खामियों को छिपाने के लिए था? सोशल मीडिया से दबाव बढ़ने के बाद ही वह पुणे पहुंचे, वरना वे ओडिशा या दिल्ली में चुनाव प्रचार करते दिखते।' दानवे ने ये भी सवाल उठाया कि फडणवीस किस फायदे के चलते पुणे पहुंचे? आरोपों के बीच ये भी आरोप है कि स्थानीय एनसीपी विधायक सुनील टिंगरे ने इस मामले में पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। दानवे ने सवाल उठाया कि 'एनसीपी के विधायक क्यों आधी रात को पुलिस स्टेशन गए थे, जबकि मामले की जानकारी फोन पर भी ली जा सकती है।'
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पुणे हादसे में जिन लोगों की जान गई, उनकी पहचान अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा के रूप में हुई। दोनों पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और मध्य प्रदेश के रहने वाले थे और पुणे में रहकर नौकरी कर रहे थे। हादसे के बाद पुलिस ने आरोपी नाबालिग के पिता के खिलाफ भी जुवेनाइल न्याय कानून की धारा 75 और 77 और आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
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शिवसेना नेता ने लगाए आरोप
गौरतलब है कि बीते रविवार को पुणे में एक तेज रफ्तार पोर्श कार ने बाइक को टक्कर मार दी थी। इस टक्कर से बाइक सवार दो इंजीनियर्स की मौत हो गई थी। जांच में पता चला है कि हादसे के वक्त पोर्श कार चला रहे नाबालिग ने शराब पी हुई थी। घटना के बाद आरोपी नाबालिग को कार हादसे पर 300 शब्दों का निबंध लिखवाकर जमानत दे दी गई थी, जिससे इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर काफी हंगामा हुआ। दबाव बढ़ने के बाद डिप्टी सीएम फडणवीस ने पुणे के पुलिस आयुक्त कार्यालय का औचक दौरा किया था और बाद में मीडिया से बात भी की थी।
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'एनसीपी विधायक आधी रात पुलिस स्टेशन क्यों गए?'
फडणवीस के पुणे दौरे को लेकर शिवसेना यूबीटी नेता अंबादास दानवे ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा- 'क्या डिप्टी सीएम फडणवीस का पुणे दौरा जांच एजेंसियों की खामियों को छिपाने के लिए था? सोशल मीडिया से दबाव बढ़ने के बाद ही वह पुणे पहुंचे, वरना वे ओडिशा या दिल्ली में चुनाव प्रचार करते दिखते।' दानवे ने ये भी सवाल उठाया कि फडणवीस किस फायदे के चलते पुणे पहुंचे? आरोपों के बीच ये भी आरोप है कि स्थानीय एनसीपी विधायक सुनील टिंगरे ने इस मामले में पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। दानवे ने सवाल उठाया कि 'एनसीपी के विधायक क्यों आधी रात को पुलिस स्टेशन गए थे, जबकि मामले की जानकारी फोन पर भी ली जा सकती है।'
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पुणे हादसे में जिन लोगों की जान गई, उनकी पहचान अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा के रूप में हुई। दोनों पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और मध्य प्रदेश के रहने वाले थे और पुणे में रहकर नौकरी कर रहे थे। हादसे के बाद पुलिस ने आरोपी नाबालिग के पिता के खिलाफ भी जुवेनाइल न्याय कानून की धारा 75 और 77 और आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।