फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   pune mundhwa land deal parth pawar amadea enterprises stamp duty penalty news updates

मुंढ़वा जमीन सौदा: पार्थ पवार की कंपनी को झटका, 21 करोड़ की पेनल्टी बरकरार; स्टाम्प ड्यूटी में मिली थी छूट

Tue, 12 May 2026 11:55 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, पुणे
पीटीआई, पुणे Published by: राकेश कुमार Updated Tue, 12 May 2026 11:55 PM IST
सार

मुंढ़वा की 40 एकड़ सरकारी जमीन के 300 करोड़ वाले सौदे में पार्थ पवार की फर्म को अब 21 करोड़ रुपये का बकाया और जुर्माना भरना होगा। प्रशासन ने आईटी नीति के तहत दी गई रियायत को अवैध मानते हुए वसूली के आदेश पर अंतिम मुहर लगा दी है। 
 

विज्ञापन
pune mundhwa land deal parth pawar amadea enterprises stamp duty penalty news updates
पुणे जमीन घोटाले में पार्थ पवार को राहत नहीं - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र राज्य मुख्य नियंत्रण राजस्व प्राधिकरण ने पार्थ पवार की कंपनी अमाडेया एंटरप्राइजेज एलएलपी को एक बड़ा कानूनी झटका दिया है। प्राधिकरण ने पुणे के मुंढ़वा में हुए हाई-प्रोफाइल जमीन सौदे पर 21 करोड़ रुपये की स्टाम्प ड्यूटी और जुर्माना वसूलने के फैसले को सही ठहराया है। राजस्व प्राधिकरण ने कंपनी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें स्टाम्प ड्यूटी से छूट की मांग की गई थी।
विज्ञापन


300 करोड़ का सौदा और 500 रुपये की स्टाम्प ड्यूटी
यह पूरा मामला 20 मई 2025 को निष्पादित एक सेल डीड से जुड़ा है। इसमें मुंढ़वा की 40 एकड़ सरकारी जमीन को अमाडेया एंटरप्राइजेज एलएलपी ने 300 करोड़ रुपये में खरीदा था। चौंकाने वाली बात यह थी कि इस भारी-भरकम सौदे के लिए कंपनी ने केवल 500 रुपये की स्टाम्प ड्यूटी चुकाई थी। कंपनी ने महाराष्ट्र आईटी-आईटीईएस नीति 2023 का हवाला देते हुए पूरी छूट का दावा किया था।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: PM Modi Appeal: : नेहरू से लेकर मनमोहन सरकार में की गईं अपीलें, पीएम के बयान पर उठे सवाल; छिड़ा सियासी घमासान
विज्ञापन
विज्ञापन


राजस्व प्राधिकरण ने आदेश को रखा बरकरार
आईएएस अधिकारी और मुख्य नियंत्रण राजस्व प्राधिकरण रवींद्र बिनवड़े ने 28 अप्रैल 2026 को यह आदेश जारी किया। उन्होंने 10 दिसंबर 2025 को पुणे शहर के कलेक्टर ऑफ स्टाम्प की ओर से  दिए गए पुराने फैसले को बरकरार रखा। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि स्टाम्प ड्यूटी में छूट का दावा कानूनी रूप से सही नहीं है। अब कंपनी को 20,99,99,500 रुपये की बकाया स्टाम्प ड्यूटी चुकानी होगी।


कंपनी पर लगा भारी जुर्माना
ड्यूटी चोरी के अलावा कंपनी पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है। 19 दिसंबर 2025 तक यह जुर्माना करीब 1.47 करोड़ रुपये आंका गया था, जो भुगतान होने तक हर महीने 1% की दर से बढ़ता रहेगा। इस मामले में पहले ही कई पुलिस केस दर्ज हो चुके हैं। इसमें सब-रजिस्ट्रार रवींद्र तारू और तहसीलदार सूर्यकांत येओले जैसे सरकारी अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने इस सौदे में कथित तौर पर मदद की थी।

60 दिनों में चुनौती देने का विकल्प
पार्थ पवार इस कंपनी में 99 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखते हैं। वह वर्तमान में राज्यसभा सदस्य भी हैं। हालांकि, प्राधिकरण ने कंपनी को राहत के लिए एक विकल्प दिया है। इस आदेश के खिलाफ अमाडेया एंटरप्राइजेज अगले 60 दिनों के भीतर महाराष्ट्र सरकार के समक्ष धारा 53बी के तहत अपील दायर कर सकती है।

वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed