{"_id":"5c3cf9eebdec22737e6aed3e","slug":"public-sector-banks-need-to-reduce-government-stake-to-at-least-52-percent-ministry-of-finance","type":"story","status":"publish","title_hn":"सार्वजनिक बैंकों में सरकारी हिस्सेदारी घटाकर कम से कम 52 प्रतिशत पर लाने की जरूरत: वित्त मंत्रालय","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सार्वजनिक बैंकों में सरकारी हिस्सेदारी घटाकर कम से कम 52 प्रतिशत पर लाने की जरूरत: वित्त मंत्रालय
Tue, 15 Jan 2019 02:36 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Tue, 15 Jan 2019 02:36 AM IST
विज्ञापन
अरुण जेटली
वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक बैंकों (पीएसयू) से सरकार की शेयर हिस्सेदारी को धीरे-धीरे कम करके 52 प्रतिशत तक लाने के लिए कहा है। मंत्रालय का मानना है कि बैंकिंग कंपनियों के अच्छे संचालन के लिए ऐसा करना अच्छा होगा।
विज्ञापन
मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव राजीव कुमार ने पीटीआई-भाषा से कहा, "सरकार सार्वजनिक बैंकों में निश्चित तौर पर सबसे बड़ी हिस्सेदार है। इसलिए इसमें कंपनी संचालन की सर्वश्रेष्ठ परिपाटी के अनुसार बदलाव करने की जरूरत है। पहले चरण में सरकारी हिस्सेदारी घटाकर कम से कम 52 प्रतिशत पर लाने की आवश्यकता है। इसके बाद बाजार स्थिति के अनुसार बैंक इस दिशा में और आगे कदम बढ़ा सकते हैं। इसकी अनुमति उनके पास होगी।"
विज्ञापन
सरकार की हिस्सेदारी कम करने से बैंकों को बाजार नियामक सेबी के नियमों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। सेबी के मुताबिक, सूचीबद्ध कंपनियों को कम से कम 25 प्रतिशत शेयरों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराना होता है। कुछ सरकारी बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत से ज्यादा है।
विज्ञापन
हिस्सेदारी घटने से बैंक कर्ज से जुड़े नियमों का पालन करने के लिये प्रोत्साहित होंगे। कुमार ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिये क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के एकीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान में केंद्र की आरआरबी में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि 35 प्रतिशत प्रायोजक बैंकों और 15 प्रतिशत हिस्सेदारी राज्य सरकारों की हैं।
उल्लेखनीय है कि भारतीय स्टेट बैंक ने पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) के माध्यम से 20,000 करोड़ रुपये की शेयर बिक्री की प्रक्रिया शुरू की है। क्यूआईपी के बाद सरकार की हिस्सेदारी कम हो जायेगी। मौजूदा समय में सरकार की स्टेट बैंक में 58.53 प्रतिशत हिस्सेदारी है।