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Bihar: पीके की पहली सूची ने NDA-महागठबंधन को उलझाया; आधी टिकटें EBC-अगड़ा वर्ग को तो छह मुसलमानों को बांटीं

Fri, 10 Oct 2025 05:38 AM IST
Himanshu Mishr हिमांशु मिश्र
Updated Fri, 10 Oct 2025 05:38 AM IST
सार

बिहार में करीब एक तिहाई मतदाता ईबीसी से हैं। बीते चार चुनावों में सत्ता की चाबी इसी वर्ग के पास रही है। बीते करीब दो दशक से इस वर्ग में राजग का व्यापक प्रभाव है। इसके अलावा 15 फीसदी अगड़ा वर्ग को भी राजग का समर्थक माना जाता है। खासतौर पर जदयू-भाजपा केसाथ रहने पर इस वर्ग का थोक में राजग को वोट मिलता रहा है।

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prshant kishor 's first list leaves NDA and Grand Alliance in quandary know updates
बिहार विधानसभा चुनाव 2025। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जनसुराज पार्टी की ओर से बृहस्पतिवार को जारी 51 उम्मीदवारों की पहली सूची सत्तारूढ़ राजग और विपक्षी महागठबंधन दोनों को उलझाने वाली हैं। इसके जरिये पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दोनों प्रमुख महागठबंधनों के कोर वोट बैंक में सेंध लगाने का साफ संदेश दिया है। पार्टी ने मुस्लिम प्रभाव वाली सीटों पर स्थानीय नामचीन मुसलमान चेहरे को उतार कर जहां विपक्षी महागठबंधन की परेशानी बढ़ाई है, वहीं 50 फीसदी टिकट अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) और अगड़ा वर्ग को दे कर भाजपा की उलझन बढ़ाई है।

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गौरतलब है कि बिहार में करीब एक तिहाई मतदाता ईबीसी से हैं। बीते चार चुनावों में सत्ता की चाबी इसी वर्ग के पास रही है। बीते करीब दो दशक से इस वर्ग में राजग का व्यापक प्रभाव है। इसके अलावा 15 फीसदी अगड़ा वर्ग को भी राजग का समर्थक माना जाता है। खासतौर पर जदयू-भाजपा केसाथ रहने पर इस वर्ग का थोक में राजग को वोट मिलता रहा है। जनसुराज ने अपने 51 में से 25 टिकटें इसी वर्ग को दी हैं। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग को 11 और एससी को 7 टिकट दिए हैं। पहली सूची में जनसुराज ने छह मुसलमानों को उम्मीदवार बनाया है, जिसे विपक्षी महागठबंधन खासतौर पर राजद का सबसे मजबूत कोर वोट बैंक माना जाता है। इन्हें चुन-चुन कर ऐसी सीट से उम्मीदवार बनाया है जहां मुस्लिम मतदाता या तो बहुसंख्यक हैं या उनकी बेहद प्रभावशाली उपस्थिति है।
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बीते चुनाव में एआईएमआईएम ने मुस्लिम वोट बैंक के मामले में राजद को सीमांचल में कड़ी चुनौती दी थी। इस बार उसकी योजना सीमांचल के इतर मुस्लिम प्रभाव वाली सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने की है। प्रशांत किशोर ने पहली सूची में सीमांचल की तीन सीटों सिकटी, अमौर और बैसी, कोसी की महिषी और मिथिलांचल की दो सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें सिकटी, अमौर और बैसी में मुसलमान मतदाता बहुसंख्यक हैं, जबकि बेनीपट्टी, महिषी और दरभंगा में इनकी हिस्सेदारी क्रमश: 16 फीसदी, 21 फीसदी और 22.5 फीसदी है। जाहिर तौर पर एआईएमआईएम और जनसुराज के मुस्लिम प्रत्याशी महागठबंधन को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

कर्पुरी की पोती, किन्नर और डॉक्टरों को टिकट
पहली सूची में प्रशांत किशार ने राज्य के सीएम रहे कर्पुरी ठाकुर की पोती डॉ. जागृति ठाकुर, नीतीश के करीबी रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की बेटी लता सिंह, किन्नर समाज की प्रीति किन्नर के साथ ही पांच नामचीन डॉक्टरों और एक कुलपति को टिकट दिया है। जिस करगहर सीट से प्रशांत के लड़ने की चर्चा थी वहां उन्होंने भोजपुरी गायक रितेश पांडे को उम्मीदवार बनाया है। होमगार्ड के डीजी रहे आरके मिश्र दरभंगा से उम्मीदवार हैं।

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