WB: पंचायत चुनाव को लेकर चल रहा विरोध-प्रदर्शन हुआ हिंसक; कोलकाता के वोटर्स ने लगाया वोट देने से रोकने का आरोप
तमलुक में भाजपा की युवा शाखा के नेता तमस डिंडा (Tamas Dinda) ने कहा, हमें आज तड़के करीब तीन बजे सूचना मिली कि मतपेटियां बदली जा रही हैं। हम केंद्रीय बलों की सुरक्षा में क्षेत्र के सभी बूथों पर पुनर्मतदान के अलावा बूथों पर ही वोटों की गिनती की मांग कर रहे हैं।
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में पंचायत चुनावों में हुई हिंसा और अनियमितताओं के आरोपों के खिलाफ रविवार को विरोध-प्रदर्शन हुए। पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदकुमार में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हल्दिया-मेचेदा स्टेट हाइवे को जाम कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीकृष्णपुर हाई स्कूल में मतगणना केंद्र पर मतपेटियों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर किया लाठीचार्ज
तमलुक में भाजपा की युवा शाखा के नेता तमस डिंडा (Tamas Dinda) ने कहा, हमें आज तड़के करीब तीन बजे सूचना मिली कि मतपेटियां बदली जा रही हैं। हम केंद्रीय बलों की सुरक्षा में क्षेत्र के सभी बूथों पर पुनर्मतदान के अलावा बूथों पर ही वोटों की गिनती की मांग कर रहे हैं। नंदकुमार पुलिस थाना के प्रभारी मनोज कुमार झा ने बताया कि स्थिति बढ़ने पर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
कांग्रेस ने एनएच 12 को किया जाम
मतदान के दौरान शनिवार को हुई हिंसा के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मालदा के रथबाड़ी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 12 को जाम कर दिया। कांग्रेस सांसद अबू हासेम खान चौधरी ने कहा, शनिवार की हिंसा के विरोध में हम सड़कों पर उतरे हैं। हम इसके खिलाफ अदालत भी जाएंगे। जिले के हरिश्चंद्रपुर इलाके के बस्ता गांव में शनिवार रात करीब 10 बजे कुछ बदमाशों ने राज्य मंत्री तजमुल हुसैन की कार में तोड़फोड़ की। पथराव के दौरान एक पुलिस वाहन में भी तोड़फोड़ की गई। हमले में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।
चाकुलिया में हिंसक हुआ विरोध-प्रदर्शन
पुलिस ने कहा, ऐसा संदेह है कि इस घटना के पीछे अंतरराज्यीय सीमा पार बिहार के बदमाशों का हाथ है। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है। पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के चाकुलिया थाना क्षेत्र के बेलोन गांव में उपद्रवियों ने वाहनों में आग लगा दी और क्षतिग्रस्त कर दिया। साथ ही उत्तर दिनाजपुर में दो कारों में आग लगा दी गई और चाकुलिया पुलिस स्टेशन क्षेत्र में विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गया। यहां एक सरकारी बस सहित कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। घटना सुबह रामपुर-चाकुलिया रोड और नेशनल हाईवे-31 पर हुई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे डराने-धमकाने के कारण मतदान के दौरान मतदान करने में असमर्थ रहे और प्रशासन से बार-बार की गई अपील व्यर्थ गई।
आईएसएफ और टीएमसी समर्थकों के बीच झड़प
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में इसी तरह का विरोध-प्रदर्शन किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि सत्तारूढ़ टीएमसी के समर्थक मतदाताओं को डराने-धमकाने और चुनाव के दौरान फर्जी मतदान करने में शामिल थे। वहीं, उत्तर 24 परगना के अमदंगा में भारतीय सेक्युलर मोर्चा (आईएसएफ) और टीएमसी समर्थकों के बीच झड़प की खबर है।
#WATCH | Miscreants torch and damage vehicles in Belon village under Chakulia police station limits in Uttar Dinajpur district of West Bengal pic.twitter.com/lbOp7BSuJV
— ANI (@ANI) July 9, 2023
कोलकाता के मतदाताओं ने लगाया मताधिकार का प्रयोग करने से रोकने का आरोप
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के उत्तरी किनारे पर स्थित न्यू टाउन में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने दावा किया है कि उन्हें पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने नहीं दिया गया, क्योंकि असामाजिक तत्वों ने उन्हें क्षेत्र में मतदान केंद्रों में प्रवेश करने से रोक दिया था। बता दें कि राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली की 73,887 सीटों के लिए शनिवार को हुए चुनाव में कुल 2.06 लाख उम्मीदवार मैदान में थे। राज्य के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले करीब 5.67 करोड़ लोग वोट देने के लिए पात्र हैं।
75 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षाविद् ने दावा किया कि उन्होंने मतदान केंद्र एपीजे अब्दुल कलाम कॉलेज में अपना वोट डालने के लिए दो बार प्रयास किए, लेकिन लोगों के एक समूह ने उन्हें रोक दिया। बुजुर्ग शख्स ने कहा, सबसे पहले उन्होंने मुझे सुबह आठ बजे रोका। कई लोगों ने मतदान केंद्र की ओर जाने वाली सड़कों को बैरिकेड्स से जाम कर दिया। फिर दोपहर करीब 12 बजे मैंने एक पड़ोसी के साथ बूथ पर जाने की कोशिश की, लेकिन हमें वापस लौटना पड़ा। मतदान केंद्र के बाहर खड़े लोगों ने बताया कि हमारा वोट दे दिया गया है। उन्होंने आगे कहा, बाद में मैंने सुना कि उन्होंने टाउनशिप के अन्य बूथों पर भी ऐसा ही किया था।
न्यू टाउन फोरम के बैनर तले स्मार्ट सिटी के कुछ निवासी लंबे समय से टाउनशिप को पंचायत क्षेत्र में शामिल करने का विरोध कर रहे थे। मंच ने मतदान का बहिष्कार करने का भी निर्णय लिया था।हालांकि, एक अन्य वर्ग ने कहा कि वे बहिष्कार के निर्णय से नाखुश हैं क्योंकि न्यू टाउन पंचायत का हिस्सा है और वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए वोट डालना चाहते थे।
न्यू टाउन सिटीजन्स वेलफेयर बिरादरी के सचिव समीर गुप्ता ने कहा, हमने लोकतंत्र की हत्या देखी। उन्होंने कहा कि एपीजे अब्दुल कलाम कॉलेज को पुलिस बैरिकेड्स से घेर लिया गया था और किसी को भी वोट देने के लिए बूथ में प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने दावा किया, बदमाश बसों में बम और पिस्तौल लेकर आए और हमें भगा दिया। गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि न्यू टाउन में ग्रामीण चुनावों के बहिष्कार का आह्वान फर्जी वोट डालने की योजना का एक हिस्सा था। कुछ निवासी, जो मतदान नहीं कर सके उन्होंने मतदान केंद्रों पर कथित बाधा और पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति के वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किए।
इस बीच, न्यू टाउन फोरम के अध्यक्ष समरेश दास ने सत्तारूढ़ टीएमसी पर वोट लूटने के लिए बहिष्कार आह्वान का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। स्थानीय सीपीआई (एम) नेता सप्तर्षि देब ने कहा कि सभी मतदान केंद्रों तक पहुंच मार्गों को अवरुद्ध कर दिया गया था और उन्हें शनिवार को अपने घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। बता दें कि टाउनशिप पहले दो सदस्यों वाला एक पंचायत क्षेत्र था, लेकिन कुछ महीने पहले परिसीमन के बाद प्रतिनिधियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई।