फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Protest from home: farmers will now adopt the idea of online movement, maintaining the struggle remains a big challenge

'प्रोटेस्ट फ्रॉम होम': किसान अब ऑनलाइन आंदोलन का आइडिया अपनाएंगे, संघर्ष जारी रखना बड़ी चुनौती

Fri, 07 May 2021 06:27 PM IST
सुरेंद्र जोशी अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 07 May 2021 06:27 PM IST
सार

कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए 'हाइब्रिड मॉडल' अपनाएंगे किसान नेता, धरना  स्थलों पर प्रदर्शन के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मॉडल अपनाने की तैयारी   
 

विज्ञापन
Protest from home: farmers will now adopt the idea of online movement, maintaining the struggle remains a big challenge
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना काल में अपने कर्मचारियों को संक्रमण से बचाने के लिए कंपनियां 'वर्क फ्रॉम होम' का आइडिया अपना रही हैं तो स्कूल 'ऑनलाइन क्लास' चलाकर बच्चों की शिक्षा जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं। अब किसान आंदोलन का संघर्ष जारी रखने के लिए किसान नेता भी इन्हीं उपायों को अपनाने पर विचार कर रहे हैं। किसान नेताओं की सोच है कि धरना स्थलों पर किसानों की संख्या सीमित रखकर उन्हें घर से ही 'प्रोटेस्ट फ्रॉम होम' और 'ऑनलाइन प्रोटेस्ट' करने के लिए प्रेरित किया जाए। 

विज्ञापन


इससे किसानों को कोरोना के संकट से भी बचाया जा सकेगा तो ऑनलाइन प्रोटेस्ट जारी रखकर केंद्र सरकार पर विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने का दबाव भी बनाया जा सकेगा। पश्चिम बंगाल चुनाव और यूपी पंचायत चुनावों में भाजपा की हुई करारी पराजय को अपनी जीत बता रहे किसान नेता अपना आन्दोलन कमजोर होने नहीं देना चाहते हैं, लेकिन इस कोरोना काल में किसानों की कम होती भागीदारी के बीच आन्दोलन को चलाते रहना भी किसान नेताओं के लिए नई चुनौती बन गया है। यही कारण है कि किसान नेता अब 'प्रोटेस्ट फ्रॉम होम' और 'ऑनलाइन प्रोटेस्ट' का आइडिया अपना रहे हैं।  
विज्ञापन


संयुक्त किसान मोर्चा के सभी नेता सिंघु बॉर्डर पर एक बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में आंदोलन को आगे बनाए रखने के स्वरूप पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक के बाद ही आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति सामने आ सकती है। संयुक्त किसान मोर्चा के जरिये इसके बारे में समुचित घोषणा 20 मई को की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सबसे ज्यादा संभावना इस बात की है कि किसान अब आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए हाइब्रिड मॉडल का इस्तेमाल करेंगे। इसका अर्थ यह है कि जिन स्थलों पर इस समय धरना-प्रदर्शन चल रहा है, वहां किसानों की संख्या सीमित रखते हुए धरना-प्रदर्शन इसी तरह जारी रखा जाए। 

जिन राज्यों-क्षेत्रों में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है वहां फिजिकल प्रोटेस्ट जारी रखा जाए। लेकिन जहां संक्रमण की स्थिति गंभीर है, वहां ऑनलाइन माध्यम को अपनाने पर जोर दिया जा सकता है।

इसके साथ ही जो किसान दूर-दराज क्षेत्रों में रहते हैं, लॉक डाउन के कारण उनके आंदोलन स्थलों तक आने में परेशानी भी होगी और इस दौरान उन्हें कोरोना संक्रमित होने का खतरा भी बना रहेगा। इससे बचने के लिए उन्हें अपने घर से ही ऑनलाइन प्रोटेस्ट में शामिल होने की अपील की जाएगी। किसानों से ऑनलाइन आन्दोलन चलाकर अन्य किसानों को भी आन्दोलन कर साथ जुड़ने की अपील भी की जायेगी।

स्वास्थ्य का मुद्दा भी उठाएंगे
कोरोना से निबटने में पूरे देश का स्वास्थ्य तंत्र नाकाम साबित हुआ है। कभी पीपीई और मास्क की कमी के कारण तो कभी ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों की जान जा रही है। किसान नेता अब अपनी मांगों के साथ देश की जनता के सामने स्वास्थ्य तंत्र में सरकार की नाकामी का मुद्दा भी उठाएंगे।

रुकने नहीं देंगे किसान आन्दोलन
एक शीर्ष किसान नेता ने अमर उजाला को बताया कि देश के सभी किसान नेता इस बात पर एकमत हैं कि पश्चिम बंगाल और यूपी के पंचायत चुनाव में भाजपा को मिली करारी हार में किसान आंदोलन का भारी प्रभाव है। किसानों को लग रहा है कि अगर भाजपा पर इसी तरह का दबाव बनाए रखा जाए तो आने वाले दिनों में उसे विवादित नए कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर किया जा सकेगा।


यही कारण है कि इस मुकाम तक पहुंच चुके किसान आंदोलन को अब किसान नेता किसी भी तरह कमजोर नहीं होने देना चाहते। लेकिन पहले खेतों में कटाई और अब कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच धरना स्थलों पर आ रहे किसानों की संख्या काफी कम हुई है। ऐसे में अब किसान नेताओं के सामने आंदोलन को उसी तेजी के साथ बरकरार रखने की चुनौती बढ़ गई है। यही कारण है कि किसान नेता अब नए-नए तरीके इस्तेमाल कर किसान आंदोलन को आगे बढ़ाते जारी रखना चाहते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed