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नागरिकता विधेयक पर बवाल: असम-त्रिपुरा सुलगे, सीएम और केंद्रीय मंत्री के घर हमला, सेना भेजी

Thu, 12 Dec 2019 03:13 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी/कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी/कोलकाता Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 12 Dec 2019 03:13 AM IST
सार

  • गुवाहाटी में सीआरपीएफ की दस कंपनियां तैनात, 5000 जवान पहुंचे
  • अगरतला में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें, लाठीचार्ज
  • असम : 80 के दशक के बाद सबसे बड़ा आंदोलन, इंटरनेट हुआ बंद
  • हालात काबू में न आते देख डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी में लगाया कर्फ्यू
  • एसडीएफ को छोड़कर पूर्वोत्तर की सभी पार्टियां विधेयक के पक्ष में

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Protest against Citizenship Amendment Bill in Tripura and Assam
नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन - फोटो : एएनआई

विस्तार

नागरिकता संशोधन बिल-2019 के खिलाफ असम और त्रिपुरा में बुधवार सुबह से देर शाम तक प्रदर्शनों को सिलसिला चलता रहा। कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया। वहीं देर रात असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के डिब्रूगढ़ स्थित आवास और केंद्रीय राज्यमंत्री रामेश्वर तेली के दुलियाजन स्थित आवास पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव और हमला कर दिया। गुवाहाटी के होटल ताज में जापानी पीएम शिंजो आबे के स्वागत में बनाया गया रैंप भी जला दिया गया। असम के चाबुआ और पानीटोला स्टेशन को आग लगा दी गई। मणिपुर, मेघालय और नगालैंड में जनजीवन प्रभावित रहा। 

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गुवाहाटी में शाम से बेमियादी कर्फ्यू लगाना पड़ा। असम के दस जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बृहस्पतिवार शाम सात बजे तक बंद कर दी गई। असम में 31 ट्रेनें या तो रद्द करनी पड़ीं या उनका रूट घटा दिया गया। तिनसुखिया, जोरहाट और डिब्रूगढ़ में भी कर्फ्यू लगा दिया गया है। दोनों जगहों पर विश्वविद्यालय में परीक्षाएं 16 तक स्थगित कर दी गई हैं। त्रिपुरा में दूसरे दिन भी इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं।
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जानकारी के अनुसार, बुधवार को विरोध-प्रदर्शन बेकाबू होता देख केंद्र सरकार ने सेना की तीन टुकड़ियों को भेजा है। कश्मीर घाटी से सीआरपीएफ की 20 कंपनियां असम पहुंच गई हैं। शाम तक विशेष विमान से पांच हजार जवान गुवाहाटी पहुंच गए। बुधवार को किसी संगठन ने बंद का आह्वान नहीं किया था, लेकिन सुबह से ही जोरहाट, गोलाघाट, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, शिवसागर, बोंगईगांव, नागांव, सोनितपुर और कई अन्य जिलों में बड़ी संख्या में सड़क पर आ गए। 
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नाराज प्रदर्शनकारियों ने दिसपुर में सचिवालय के पास एक बस को आग के हवाले कर दिया। गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ में पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और रबर की गोलियां तक चलानी पड़ीं। असम में अस्सी के दशक में हुए असम आंदोलन के बाद पहली बार इतनी बड़ी तादाद में आम लोग सड़कों पर उतरे हैं। प्रदर्शनकारियों के चलते गुवाहाटी एयरपोर्ट पर असम के सीएम सर्बानंद सोनेवाल कुछ देर के लिए फंसे रहे।

केंद्रीय मंत्री के घर पर भी हमला
डिब्रूगढ़ सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री रामेश्वर तेली के दुलियाजन (असम) स्थित आवास पर भी प्रदर्शनकारियों ने हमला किया। हमले में संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। गुवाहाटी के बाद डिब्रूगढ़ में भी कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं, तिनसुखिया, डिब्रूगढ़ और जोरहाट में भी सेना तैनात की गई है।

सीएम सोनोवाल के आवास पर पथराव
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के डिब्रूगढ़ में लखीनगर स्थित आवास पर बुधवार रात प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। डिप्टी कमिश्नर पल्लव गोपाल झा ने बताया, पथराव में कुछ खिड़कियों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, डिब्रूगढ़ में ही भाजपा विधायक प्रशंता फुकान सहित एक अन्य भाजपा नेता के घर को भी नुकसान पहुंचाया गया है।

त्रिपुरा में प्रदर्शनकारी महिलाएं हिरासत में

त्रिपुरा के कंचनपुर और मानू में असम राइफल्स के जवानों की तैनाती की गई है । अगरतला में पुलिस ने नागरिकता विधेयक का विरोध कर रही कुछ महिलाओं को हिरासत में ले लिया। ये महिलाएं केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रही थीं और उनकी मांग थी कि इस राज्य को विधेयक से अलग रखा जाना चाहिए। 

राज्य के ढालाई जिले के कमलापुर, मानू और अंबासा में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बल के जवानों के बीच हिंसक झड़पों की खबरें हैं। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक राजीव सिंह ने बताया कि खोवाई व सिपाहीजाला जिलों में भी कई जगह ऐसी झड़पें हुई हैं। उन्होंने बताया कि प्रदर्शकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस को कई जगह लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

पुलिस के आंसू गैस के गोले पुलिस पर ही फेंके

नागरिकता विधेयक का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की राज्य सचिवालय के सामने पुलिस से झड़प हो गई। सचिवालय के सामने जमा छात्रों को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। कुछ हिम्मती छात्रों ने इन गोलों को उठा कर वापस पुलिस की ओर फेंक दिया। 

गुस्साए छात्रों ने पुलिस का बैरीकेड भी तोड़ डाला। इस लाठीचार्ज में कई छात्र जख्मी हो गए। गुस्साए छात्रों ने कहा कि यह मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनेवाल सरकार की बर्बरता है। जब तक यह विधेयक वापस नहीं होता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। असम के डिब्रूगढ़ में भी छात्रों की पुलिस से भिड़ंत हो गई। 

यहां भी पुलिस ने आंसू गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया। यहां पथराव की घटना में एक पत्रकार भी घायल हो गया। सरकार ने कहा है कि 12 दिसंबर को शाम सात बजे तक असम के लखीमपुर, तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, चाराईदेव, शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट, कामरूप मेट्रो और कामरूप जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

एसडीएफ को छोड़ पूर्वोत्तर की सभी पार्टियां बिल के पक्ष में

नागरिकता बिल को लेकर पूर्वोत्तर में भले हंगामा हो रहा हो लेकिन राज्यसभा में मत विभाजन के दौरान सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के अलावा अन्य क्षेत्रीय दलों ने इसके समर्थन में वोट दिया। नगालैंड की एनपीएफ और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने इसके समर्थन में वोट दिया।

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