Madras HC: शक्तियों का अधिक इस्तेमाल करने पर अधिकारियों के खिलाफ चलाया जाए मुकदमा
न्यायमूर्ति एस एम सुब्रमण्यम ने हाल ही में एक पुलिस उप-निरीक्षक प्रसन्ना गुणसुंदरी की एक रिट याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया। उन्हें 2016 में अपने कर्तव्य में कथित चूक के लिए सेवा से हटा दिया गया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को सभी सक्षम अधिकारियों को अधिनियम और लागू नियमों के अनुसार अपनी शक्तियों का प्रयोग करने के लिए एक परिपत्र जारी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि शक्तियों के अधिक प्रयोग करने पर अधिकारियों के खिलाफ अनुशासन और अपील नियमों के तहत अभियोजन चलाया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति एस एम सुब्रमण्यम ने हाल ही में एक पुलिस उप-निरीक्षक प्रसन्ना गुणसुंदरी की एक रिट याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया। उन्हें 2016 में अपने कर्तव्य में कथित चूक के लिए सेवा से हटा दिया गया था।
न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाकर्ता ने नियमों के तहत संशोधन के उपाय का लाभ उठाने का अवसर खो दिया है। न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि संशोधन का उपाय महत्वपूर्ण है और एक पीड़ित कर्मचारी को नियमों के तहत उसी के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। न्यायाधीश ने कहा कि गृह सचिव यह सुनिश्चित करें कि अधिकारी प्रभावी लोक प्रशासन के लिए सभी परिस्थितियों में लागू कानूनों और नियमों के दायरे में अपनी शक्तियों का प्रयोग करें, जो कि संविधान के तहत जनादेश है।
पुलिस हिरासत में मौत का मामला सीबीआई को ट्रांसफर नहीं
मद्रास हाई कोर्ट ने इस साल अप्रैल में सचिवालय कॉलोनी पुलिस स्टेशन में वी विग्नेश की मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को स्थानांतरित करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस वी शिवगनम ने कहा, जांच की स्थिति रिपोर्ट के अवलोकन पर मुझे ऐसी कोई सामग्री नहीं मिली कि सीबीसीआईडी ने जांच को दागी या पक्षपाती तरीके से अंजाम दिया। मेरा मानना है कि वर्तमान मामला इस श्रेणी में नहीं आता है। न्यायाधीश विग्नेश के भाइयों की एक रिट याचिका को खारिज कर रहे थे, जो चाहते थे कि मामले को केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा आगे बढ़ाया जाए।