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आतंकी हाफिज सईद के गुर्गों की दिल्ली में मिली संपत्ति जब्त, यूपी-हरियाणा में बढ़ा रहे थे नेटवर्क

Thu, 02 May 2019 10:22 PM IST
Gaurav Pandey डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Thu, 02 May 2019 10:22 PM IST
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property of the associates of Terrorist Hafiz Saeed seized in Delhi
हाफिज सईद (फाइल फोटो)

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के गुर्गों की 73.12 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। यह संपत्ति दिल्ली में मोहम्मद सलमान और उसके परिजनों के नाम पर है। आरोप है कि भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए वित्तीय प्रबंधन करने की जिम्मेदारी हाफिज मोहम्मद सईद ने सलमान को सौंप रखी थी। 

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जब्त संपत्ति में बैंक खातों के अलावा आवासीय फ्लैट, दिल्ली में दुकान और दूसरी तरह की अचल और चल संपत्ति शामिल है। प्रवर्तन निदेशालय ने सलमान और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत जांच शुरू की थी। इससे पहले सलमान के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा एफआईआर दर्ज की गई थी। सलमान यूपी और हरियाणा में आतंकी नेटवर्क बढ़ा रहा था।
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एनआईए के आरोप पत्र के आधार पर ही ईडी ने पीएमएलए के तहत इस मामले की जांच शुरू की थी। इस मामले में सलीम के साथ कामरान, जो कि एक पाकिस्तानी नागरिक है, शामिल है। इन लोगों ने पाकिस्तान और दुबई के अलावा कई अन्य देशों में पांव फैला रखे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने 14 मार्च 2012 को हाफिज मोहम्मद सईद के आतंकवादी संगठन को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था। 

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फलाह-ए-इन्सानियत से होता है धन जुटाने और दूसरे देशों में आतंकी नेटवर्क बढ़ाने का काम

यूएन के प्रतिबंधों से बचने के लिए हाफिज मोहम्मद सईद ने जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन जैसे संगठन खड़े कर लिए। ये सभी मोहम्मद सईद के फ्रंट एंड ऑर्गनाइजेशन माने जाते हैं। इनके द्वारा हाफिज सईद आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाता रहता है। फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन के माध्यम से वह धन जुटाने और दूसरे देशों में आतंकी नेटवर्क बढ़ाने का भी प्रयास करता है। इस संगठन द्वारा किए जाने वाले मानवीय और धार्मिक कार्य केवल लोगों के मन में भटकाव पैदा करने के लिए हैं।

इसका मकसद धन जुटाना, नेटवर्क/स्लीपर सेल बनाना और युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है। फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) ने दिल्ली और हरियाणा के क्षेत्र में आतंकी गतिविधि बढ़ाने के लिए मोहम्मद सलमान को दुबई स्थित मोहम्मद कामरान के माध्यम से हवाला चैनलों के जरिए से भारी धनराशि हस्तांतरित की गई है। मोहम्मद सलमान अन्य आरोपियों के साथ नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।

दुबई से आती रही है बड़ी रकम, यूपी और हरियाणा में हुआ इस्तेमाल

ईडी की जांच में पता चला है कि मोहम्मद सलमान को मोहम्मद कामरान के माध्यम से अलग-अलग हवाला संचालकों के जरिए बड़ी रकम मिली थी। सलमान को मिलने वाली धनराशि का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश के जिले में एक मस्जिद के निर्माण के लिए किया गया। 

हरियाणा के पलवल और दूसरे राज्यों में गरीब लड़कियों की शादी कराने का काम भी सलमान कर रहा था। इनका मकसद था कि लोगों में अपनी अच्छी छवि बनाकर युवाओं को धीरे-धीरे आतंक के रास्ते पर लाया जाए। जांच से यह भी पता चला है कि सलमान ई-मेल के जरिए दुबई के कामरान को प्राप्त धन की रसीद और निर्माण कार्य की तस्वीरें भेजते थे।

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