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WB: 'कार्यभार संभालने के बाद ही प्रभावी होगा प्रमोशन', SC ने रिटायरमेंट के बाद के लाभों पर आदेश किया खारिज

Wed, 27 Nov 2024 09:22 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 27 Nov 2024 09:22 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी को प्रमोशन रिटायरमेंट के बाद पीछे की तारीख से नहीं दिया जा सकता क्योंकि इसके लिए उस पद का कार्यभार संभालना जरूरी होता है। पश्चिम बंगाल सरकार का तर्क था कि व्यक्ति ने कभी प्रमोशनल पद का कार्यभार संभाला ही नहीं, इसलिए उन्हें वित्तीय लाभ नहीं मिल सकता। 

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'Promotion effective only after person assumes duties': SC rejects order on post retirement benefits
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को यह स्पष्ट किया कि प्रमोशन तभी प्रभावी होता है जब व्यक्ति उस पद का कार्यभार संभालता है, न कि उस पद के खाली होने या सिफारिश की तारीख से। इस मामले में जस्टिस पीएस नरसिम्हा और संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि प्रमोशन का अधिकार एक संवैधानिक और मौलिक अधिकार हो सकता है, लेकिन प्रमोशन पाने का अधिकार मौलिक नहीं है।  
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कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को दी गई थी चुनौती
यह फैसला पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से दायर एक अपील पर आया, जिसमें फरवरी 2023 के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति को उनके सेवानिवृत्ति की तारीख (31 दिसंबर, 2016) पर प्रमोशनल पोस्ट के लिए 'सैद्धांतिक' वित्तीय लाभ देने का निर्देश दिया था, भले ही वे उस पद पर नियुक्त न हुए हों।
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पद का कार्यभार संभालना जरूरी- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी को प्रमोशन रिटायरमेंट के बाद पीछे की तारीख से नहीं दिया जा सकता क्योंकि इसके लिए उस पद का कार्यभार संभालना जरूरी होता है। पश्चिम बंगाल सरकार का तर्क था कि व्यक्ति ने कभी प्रमोशनल पद का कार्यभार संभाला ही नहीं, इसलिए उन्हें वित्तीय लाभ नहीं मिल सकता। व्यक्ति के वकील ने दलील दी कि वह 2008 से प्रिंसिपल साइंटिफिक ऑफिसर के रूप में काम कर रहे थे और 2013 में चीफ साइंटिफिक ऑफिसर के लिए प्रमोट हो सकते थे, यदि विभाग समय पर प्रस्ताव भेजता।  
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हाई कोर्ट और ट्रिब्यूनल का आदेश हुआ खारिज
बेंच ने यह भी माना कि व्यक्ति का प्रमोशन पर विचार किए जाने का अधिकार था, लेकिन प्रमोशन का अधिकार तभी मान्य होता है जब व्यक्ति पद का कार्यभार संभाल ले। अंततः सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट और ट्रिब्यूनल के आदेश को खारिज कर दिया और कहा कि चूंकि व्यक्ति ने प्रमोशनल पद का कार्यभार नहीं संभाला, इसलिए उन्हें उस पद से जुड़ा वित्तीय लाभ नहीं मिल सकता।

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